Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:23 AM IST

Paush Putrada Ekadashi 2025 Kab Hai: पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू धर्म में पौष पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। अब ऐसे में साल 2025 में यह एकादशी कब पड़ रही है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है। इसके बारे में विस्ताक से इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
Updated:- 2024-12-30, 23:00 IST
paush putrada ekadashi 2025 date shubh muhurat and significance

सनातन धर्म में सभी एकादशी तिथि को सौभाग्यशाली माना गया है। जिसमें से एक पौष पुत्रदा एकादशी भी है। यह व्रत केवल संतान सुख की प्राप्ति के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन में शांत, सुख और समृद्धि के लिए भी रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जो व्यक्ति व्रत रखता है। उसे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में कभी भी कोई समस्या नहीं आती है। अब ऐसे में साल 2025 में पहला पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा मुहूर्त के साथ-साथ महत्व क्या है। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

साल 2025 में पहला पौष पुत्रदा एकादशी व्रत कब है?

lord vishnu

विष्णु पुराण के अनुसार, हर साल पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पौष पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। आपको बता दें, साल 2025 में पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत 10 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन विष्णु जी की पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है।

पौष पुत्रदा एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब है?

पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर हो रहा है और इसका समापन 10 जनवरी को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर होगा। इस दिन व्रत रखने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है और संतान सुख का भी आशीर्वाद मिलता है। इस दिन विष्णु जी के साथ-साथ माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है।

इसे जरूर पढ़ें - Lord Vishnu: भगवान विष्णु ने क्यों किये थे ये 8 भयंकर छल

पौष पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा का महत्व क्या है?

vishnu ji

पौष पुत्रदा एकादशी को भगवान विष्णु का प्रिय दिन माना जाता है। इसे "पुत्रदा" एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन व्रत और पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसे व्रति और साधक विशेष रूप से संतान सुख और शांति की कामना के लिए करते हैं। इस दिन व्रत और उपासना करने से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग खुलता है। भगवान विष्णु की पूजा से मानसिक शांति, पापों का नाश और जीवन में समृद्धि की प्राप्ति होती है।

इसे जरूर पढ़ें -  Mythology Mystery: जानें तीन-तीन भगवान विष्णु का रहस्य

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Image Credit- HerZindagi

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।