Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:16 PM IST

Sanjhi Mata Aarti for Navratri 2025: इस नवरात्रि जरूर करें सांझी माता की आरती, मनचाही कामना होगी पूरी

Sanjhi Mata Aarti 2025: हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद आरती करने का विधान है। ऐसे में आइए जानते हैं नवरात्रि के दौरान किए जाने वाले सांझी माता की आरती के बारे में विस्तार से और आरती करने का सही तरीका क्या है। 
Updated:- 2025-09-24, 13:45 IST
image

सांझी माता की पूजा सिर्फ मनचाहा वर पाने के लिए नहीं होती। इनकी पूजा घर में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए भी की जाती है। माना जाता है कि माता की कृपा से घर के सभी सदस्य खुशहाल रहते हैं और घर में सौभाग्य बना रहता है। नवरात्रि में मां सांझी को आटे, चावल के आटे या रेत से बनाया जाता है। इसके बाद माता की विधिपूर्वक पूजा और अर्चना की जाती है। सांझी माता की आरती भी इस पूजा का एक अहम हिस्सा है।  कहते हैं, कि अगर सांझी माता की पूजा पूरी श्रद्धा से किया जाए, तो माता उन्हें सभी सुखों से भर देती हैं। अब ऐसे में नवरात्रि के दौरान सांझी माता की आरती क्या है और आरती करने का क्या महत्व क्या है। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

नवरात्रि के दौरान करें माता सांझी की आरती

maxresdefault (1)

नवरात्रि के दौरान माता सांझी की आरती करने से मनचाहे फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही सुख-सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।

आरता री आरता मेरी सांझी माई आरता,
आरता के नैन, कचाली भर आइयो,
टेढ़ी टेढ़ी पगियो में, बीरा जी हमारे,
लंबे लंबे घूंघट वाली, भावज हमारी,
क्या मेरी सांझी ओढेगी, पहरेगी,
सोने का सीस गुनधाएगी,
जाग सांझी जाग तेरे माथे लगे भाग,
तेरी पटियों में मांग, तेरे हाथो में सुहाग,
गोरा री गोरा सांझी का भैया गोरा
गोरी है बहुरिया,
अस्सी तेरे फूल, पिचासी तेरे डंडे,
श्रवण तेरी डोर, मुल्तानी तेरे पलड़े,
हल्दी गांठ गठीली, सबकी बहु है हठीली,
माँगे सोने का बिंदा, बिंदा मोल गया,
भाभो रूठ गयी, भैया बागों में जाइयो,
एक लोधड़ा कटाइयो, सूडा सूड़ मचाइयो,

इसे जरूर पढ़ें - Shardiya Navratri Akhand Jyoti Niyam 2025: नवरात्रि के दौरान कब जलाएं अखंड ज्योति, जानें नियम और महत्व

कालबली के ऊंचे पाए, नीचे पाए
लेले बेटा गोद खिलाए,
गुरसल मंगल गाती आई,
चिड़िया चूँ चूँ करती आई
अऊं तेरी सांझी, मांगे गेंहू,
तू दे सपूती जौ, तेरे बेटा होंगे नौ,
नौ नोरते देवी के, सोलह कनागत पितरों के,
खोल मेरी देवी , चंदन किवाड़,
मैं आई तेरे पुजनहार,

Haryana_Sanjhi_Mata_In_Haryana

इसे जरूर पढ़ें - Navratri Bhog 2025: नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों को लगाएं ये भोग

पूज पूजन्ति क्या कुछ लाई,
भैया भतीजे सब परिवार,
भैया तेरे नौ दस बीस
भतीजे तेरे पूरे तीस

रोज सवेरे उठकर के, तुम्हें हम सब दें पानी।
संध्या को जलती है ज्योति, सुनते हैं तुम्हारी कहानी।
जय सांझी, मां जय सांझी, तुम्हें पूजें सब नर-नारी।

शारदीय नवरात्रि से जुड़े अन्य लेख


अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से। अपने विचार हमें आर्टिकल के ऊपर कमेंट बॉक्स में जरूर भेजें।

Image Credit- HerZindagi

FAQ
सांझी माता की पूजा कब की जाती है?
भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन मास की अमावस्या में सांझी माता की पूजा होती है।
सांझी माता क्यों लगाई जाती है?
कुंवारी कन्याओं द्वारा सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। इसलिए आपको यह व्रत रखा जाता है।
सांझी कहाँ की प्रसिद्ध है?
सांझी ब्रज क्षेत्र (मथुरा के आसपास) की 
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।