Nautapa Kab Hai 2025: कब से शुरू हो रहा है नौतपा? जानें इस दौरान क्या करें क्या नहीं

नौतपा के नौ दिन जहां वैज्ञानिक रूप से सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तीखी होती हैं जिसके कारण सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है तो वहीं, दूसरी ओर ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य को प्रसन्न करने के लिए ये नौ दिन सर्वाधिक शुभ हैं।  
Updated:- 2025-05-14, 08:00 IST
nautapa 2025 ka mahatva

नौतापा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व माना गया है। नौतपा वो नौ दिन होते हैं जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं और उनकी ऊर्जा एवं उनका तेज चरम पर होता है। नौतपा के नौ दिन जहां वैज्ञानिक रूप से सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तीखी होती हैं जिसके कारण सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है तो वहीं, दूसरी ओर ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य को प्रसन्न करने, सूर्य के तेज को अपने व्यक्तित्व में उतारने एवं भाग्योदय के लिए ये नौ दिन सर्वाधिक शुभ हैं। ऐसे में आइये जानते हैं ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से कि इस साल कब से शुरू हो रहा है नौतपा और इन नौ दिनों में क्या करना चाहिए क्या नहीं।

नौतपा 2025 कब से शुरू है?

kab hai nautapa 2025

सूर्य देव इस वर्ष 25 मई, रविवार के दिन ठीक 3 बजकर 15 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही नौतपा शुरू हो जाएगा और यह अगले नौ दिनों तक रहेगा। वहीं, सूर्य देव 8 जून, रविवार के दिन को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट तक रोहिणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। इसके बाद, 8 जून को वे मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और फिर 15 जून को मिथुन राशि में गोचर करेंगे।

यह भी पढ़ें: कब सूर्य को जल नहीं चढ़ाना चाहिए?

नौतपा 2025 में क्या करें?

नौतपा के नौ दिनों के दौरान सूर्य देव को रोजाना लाल चंदन और गेंदे का एक फूल जल में डालकर अर्घ्य दें। इसके अलावा, इन नौ दिनों में रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। नौतपा के दौरान जल, वस्त्र, भोजन आदि का दान अवश्य करें। हवा का दान कूलर या फिर ऐसी के रूप में भी कर सकते हैं। नौतपा के नौ दिन धार्मिक कार्यों में लीन रहना चाहिए। इससे शुभता घर में बनी रहती है।

यह भी पढ़ें: घर में जरूर रखें सूर्य देव की मूर्ति, मिल सकते हैं अनगिनत फायदे  

नौतपा 2025 में क्या न करें?

nautapa kab hai 2025

नौतपा के नौ दिन भूल से भी बुरे विचारों एवं बुरे कार्यों में नहीं पड़ना चाहिए नहीं तो इससे सूर्य कुंडली में कमजोर होते हैं। सूर्य से जुड़ी वस्तुओं जैसे कि लाल रंग के वस्त्र, गेहूं, गुड़, सोना, माणिक्य, घी, केसर, तांबा आदि का दुष्प्रयोग न करें, नहीं तो इससे भयंकर सूर्य दोष लग सकता है। नौतपा के नौ दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और बिस्तर के बजाय जमीन पर सोना चाहिए।

अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं और अपना फीडबैक भी शेयर कर सकते हैं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

FAQ
नौतपा के दौरान क्या दान करें?
नौतपा के दौरान जल, दही, दूध, गुड़, नारियल पानी, फल, शरबत, पंखा, वस्त्र आदि का दान करना चाहिए।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।