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Magh Mela Puja Rituals 2026: माघ मेला में कौन-कौन से पूजा-पाठ किए जाते हैं? जानें पूरी धार्मिक महत्व

Magh Mela 2026: माघ मेले की शुरूआत 3 जनवरी के प्रयागराज में हो रही है। ऐसे में हर कोई इस मेले में स्नान के लिए अलग-अलग जगह से पहुंचेगा। साथ ही वहां पूजा-पाठ करवाएगा। ऐसे में जानें वहां कौन सी पूजा की जाती है और इनकी धार्मिक महत्व क्या होता है?
Editorial
Updated:- 2026-01-05, 11:26 IST

साल 2026 की शुरूआत बहुत शुभ कार्य से हो रही है माघ मेला। इसका आयोजन 3 जनवरी को प्रयागराज में बड़े स्तर पर किया जा रहा है। ऐसे में इस आयोजन की तैयारियां भी काफी समय पहले से होती नजर आ रही हैं। वहीं लोगों को पूजा-पाठ और स्नान में किसी तरह की समस्या न हो इसके लिए कई सारी चीजों का खास ध्यान रखा जा रहा है। आपको बता दें कि माघ मेला हर साल आयोजित किया जाता है। इसमें आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। ऐसे में आप माघ मेले में कौन सी पूजा करा सकती हैं। साथ ही इनकी धार्मिक महत्व क्या है? इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

माघ मेले में हवन और यज्ञ किया जाता है

माघ मेले में लोग त्रिवेणी घाट पर स्नान करने के बाद पूजा-पाठ में हिस्सा लेते हैं। ऐसे में वहां पर लगे शिविरों में बड़े स्तर पर हवन और यज्ञ का आयोजन किया जाता है। इसमें साधु-संत मिलकर कथाएं और हवन करते हैं। आप भी अपनी मन की शांति के लिए इस आयोजन का हिस्सा बन सकती हैं। साथ ही अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को और ज्यादा बढ़ा सकती हैं। यहां पर रात के समय में भी किर्तन और भजन चलते रहते हैं, ताकि भक्तों का उत्साह बढ़ता नजर आए।

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माघ मेले में होते हैं पितृ तर्पण और श्राद्ध

माघ मेले में कई सारे लोग पूर्वजों के निमित्त किए जाने वाले कार्यों को भी करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि त्रिवेणी घाट पर ये क्रिया करने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ती होती है। ऐसे में लोग अपने पितरों की शांति के लिए संगम पर पिंडदान और तर्पण करते हैं। माघ मास में काले तिल से पितरों का तर्पण करना विशेष फलदायी होता है। वहां पर मौजूद पंडित आपके इस कार्य को भी अच्छे से पूरा करने में मदद करेंगे, ताकि आपके पितरों को शांति प्रदान हो सके।

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माघ मेले में किया जाता है दान

माघ मेले में दान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार निम्नलिखित वस्तुओं का दान करते हैं। साथ ही पूजा-पाठ करवाते हैं। ऐसा कहा जाता है अगर आप पूजा करवाने के बाद गौ दान और दीपदान करते हैं, तो इससे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं। इसलिए ये पूजा-पाठ भी स्नान के बाद किए जाते हैं।

माघ मेले में पूजा पाठ करवाने का महत्व

  • माघ मेला पौष पूर्णिमा के दिन से शुरू हो रहा है। ऐसे में आप यहां पर सभी अनुष्ठा को करा सकती हैं।
  • माघ मेले में आप त्रिवेणी घाट पर स्नान करने के बाद अगर आप पूजा-पाठ जैसे धार्मिक कार्य करवाते हैं, तो इसका लाभ आपको जीवन में प्राप्त होता है।
  • घाट किनारे किए गए पितृदान से आपके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति मिलती है।

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माघ मेले में जाकर आप इन पूजा-पाठ जैसे कार्यक्रमों को करा सकती हैं। इस तरह से आपके जीवन में लाभ प्राप्त होगा।

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Image Credit-Herzindagi

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