image

Ekadashi List January 2026: जनवरी के महीने में पड़ेंगी ये 2 प्रमुख एकादशी तिथियां, यहां जानें पूजा का शुभ मुहूर्त समेत अन्य जरूरी बातें

Ekadashi Vrat January 2026: हिंदू पंचांग में किसी भी एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है, यह भगवान विष्णु की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी विशेष होती है। आइए जानें जनवरी में कौन सी एकादशी तिथियां पड़ेंगी और उनकी पूजा के शुभ मुहूर्त समेत अन्य बातें।
Editorial
Updated:- 2026-01-05, 18:42 IST

हिंदू धर्म में किसी भी तिथि का विशेष महत्व होता है और हर एक तिथि किसी न किसी ईश्वर को समर्पित होती है। ऐसे ही एकादशी तिथि का भी बहुत महत्व है। किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष के ग्यारहवें दिन एकादशी तिथि मनाई जाती है। हर महीने दो एकादशी तिथियां होती हैं और पूरे साल में 24 एकादशी तिथियां होती हैं और जिस साल अधिकमास या मलमास होता है उस साल 26 एकादशी तिथियां पड़ती हैं। एकादशी तिथि को बहुत पवित्र माना जाता है और किसी भी तिथि में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। सनातन धर्म में एकादशी का व्रत बहुत महत्व रखता है। हर महीने की तरह जनवरी के महीने में भी दो प्रमुख एकादशी तिथियां पड़ेंगी और दोनों का अलग ही महत्व है। जनवरी में षटतिला और जया दो प्रमुख एकादशी तिथियां पड़ेंगी और दोनों का ही विशेष महत्व होगा। आइए ज्योतिर्विद पंडित ज्योतिर्विद रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें जनवरी में पड़ने वाली एकादशियों और उनकी पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में।

षटतिला एकादशी कब है? (Shattila Ekadashi Kab Hai 2026)

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल तह तिथि 14 जनवरी को पड़ेगी और इसी दिन मकर संक्रांति भी पड़ेगी।

shattila ekadashi vrat

षटतिला एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

उदया तिथि के अनुसार षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी, बुधवार को करना ही फलदायी होगा।

  • षटतिला एकादशी तिथि का आरंभ: 13 जनवरी 2026 को दोपहर 03:17 बजे से
  • षटतिला एकादशी तिथि का समापन: 14 जनवरी 2026, शाम 05:52 बजे तक
  • उदया तिथि में षटतिला एकादशी- 14 जनवरी को मनाई जाएगी।
  • षटतिला एकादशी व्रत पारण का समय: 15 जनवरी 2026 को प्रातः 07:15 बजे से 09:21 बजे तक।

षटतिला एकादशी का महत्व 

हिंदू धर्म के अनुसार यदि आप षटतिला एकादशी का व्रत विधि-विधान से करती हैं तो श्री हरि विष्णु की पूर्ण कृपा दृष्टि प्राप्त होती है और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी बना रहता है। इस दिन का उपवास आपके जीवन में आर्थिक स्थिति को अच्छा करने में मदद करता है और आपकी कई समस्याओं का निवारण होता है। इस व्रत का पालन करने से पाप का नाश होता है और समृद्धि के द्वार खुलते हैं। इस दिन काले तिल का दान करना और स्नान के जल में कुछ दाने काले तिल के डालकर उसी पानी से स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इससे व्यक्ति को सभी दोषों से मुक्ति मिलती है। इस दिन आपको पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए और सामर्थ्यानुसार दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए।

यह भी पढ़ें- Ekadashi Vrat List 2026: जनवरी से दिसंबर तक कब-कब पड़ेंगी एकादशी तिथियां, पंडित जी से जानें शुभ मुहूर्त समेत अन्य बातें

ekadashi vrat ka mahatv

जया एकादशी 2026 कब है? (Jaya Ekadashi Kab Hai 2026)

जनवरी के महीने में पड़ने वाली दूसरी एकादशी तिथि जया एकादशी है जो कि माघ महीने के शुक्ल पक्ष के ग्यारहवें दिन पड़ेगी। इस दिन भी भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है। इस साल जनवरी के महीने में जया एकादशी का व्रत 29 जनवरी, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी।

जया एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार जया एकादशी तिथि 29 जनवरी 2026, गुरुवार को ही मनाई जाएगी।

  • जया एकादशी तिथि प्रारंभ: 28 जनवरी 2026, शाम 04:35 बजे
  • जया एकादशी तिथि समाप्त: 29 जनवरी 2026, दोपहर 01:55 बजे तक
  • सूर्योदय का समय-  29 जनवरी 2026 प्रातः 07:12 बजे
  • सूर्यास्त का समय-  29 जनवरी 2026, शाम 06:05 बजे
  • उदया तिथि के अनुसार जया एकादशी 29 जनवरी को मनाना ही शुभ होगा।
  • जया एकादशी पारण मुहूर्त-30 जनवरी 2026, शुक्रवार, प्रातः 07:10 बजे से प्रातः 09:20 बजे तक

यह भी पढ़ें- January Festival List 2026: सकट चौथ से लेकर बसंत पंचमी तक, जनवरी में ही है त्‍योहारों की बारिश; सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त यहां जानें

जया एकादशी का महत्व

जया एकादशी का व्रत किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जो इस व्रत को करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत का पालन करने से सभी पाप दूर हो सकते हैं। इस व्रत का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके प्रभाव से जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है। शास्त्रों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि जया एकादशी का पालन करने से प्रेत योनि जैसे कष्टदायक बंधनों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही, यह व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति बनाए रखने में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से इस व्रत को करने से व्यक्ति के कष्ट दूर होते हैं और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है।

आप भी एकादशी का व्रत करती हैं तो आपके लिए ये जान लेना जरूरी है कि जनवरी के महीने में यहां बताई दो विशेष एकादशी तिथियां हैं।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसे ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Images: Shutterstock.com  

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।

;