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Kajari Teej 2024 Kab Hai: कब है कजरी तीज, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

कजरी तीज हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। यह त्योहार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है।
Updated:- 2024-08-21, 17:22 IST
Kajri Teej  date shubh muhurat and significance ()

हिंदू धर्म में कजरी तीज का विशेष महत्व बताया गया है। पंचांग के हिसाब से हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर कजरी तीज मनाई जाती है। कजरी तीज को कज्जली तीज, सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। कजरी तीज का पर्व रक्षाबंधन के तीन दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और पूजा-पाठ करती हैं। अब ऐसे में इस साल कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है और कजरी तीज का महत्व क्या है। इसके बारे में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं। 

कजरी तीज कब है? 

kajri teej

इस साल कजरी तीज पूजा के लिए तृतीया तिथि का प्रारंभ 21 अगस्त दिन बुधवार को शाम 05 बजकर 06 मिनट से हो रहा है और तृतीया तिथि का समापन 22 अगस्त गुरुवार के दिन दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऐसे में कजरी तीज का व्रत 21 अगस्त को रखा जाएगा। वहीं सूर्योदय तिथि के आधार पर 22 अगस्त को भी कजरी तीज का व्रत मान्य है। 

कजरी तीज के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कब है? 

कजरी तीज के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो रहा है और इसका समापन सुबह 07 बजकर 32 मिनट पर होगा। वहीं शाम के समय पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 53 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 16 मिनट तक है। इस दौरान आप विधिवत रूप से पूजा कर सकते हैं। 

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कजरी तीज पूजा का महत्व क्या है? 

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कजरी तीज के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत विशेष रूप से पति की लम्बी उम्र, बेहतर स्वास्थ और तरक्की के लिए किया जाता है। कजरी तीज को कजली तीज, बूढ़ी तीज, बड़ी तीज, और सातूड़ी तीज आदि जैसे नामों से भी जाना जाता है। कुंवारी कन्याएं भी यह व्रत रखकर मनचाहा वर पाने की कामना करती हैं। माना जाता है कि माता पार्वती की कृपा से उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। कजरी तीज का व्रत पारिवारिक सुख-शांति और समृद्धि लाने में भी सहायक माना जाता है।

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Image Credit- HerZindagi

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