
29 नवंबर 2025 का दिन शनिवार रहेगा और यह मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की तिथि है जिसकी मुख्य खासियत यह है कि इस दिन नवमी तिथि रात 11:15 बजे तक रहेगी और उसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार, इस दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, चंद्रमा मीन राशि में संचार करेंगे और यह योग की दृष्टि से हर्षण और उसके बाद वज्र योग रहेगा जिससे यह दिन कई तरह के शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। हालांकि राहुकाल सुबह 9:31 बजे से 10:50 बजे तक रहेगा जिसमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। ऐसे में आइये जानते हैं एमपी, छिंदवाड़ा के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से आज का पंचांग।
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी (रात्रि 11:15 बजे तक)/दशमी | उत्तर भाद्रपद | शनिवार | हर्षण (सुबह 09:27 बजे तक)/वज्र | बालव |

| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 06:55 बजे |
| सूर्यास्त | शाम 05:25 बजे |
| चंद्रोदय | दोपहर 01:43 बजे |
| चंद्रास्त | मध्यरात्रि 01:21 बजे |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:07 बजे से सुबह 05:51 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त | सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक |
| गोधुली मुहूर्त | शाम 05:25 बजे से शाम 05:51 बजे तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 01:54 बजे से दोपहर 02:36 बजे तक |
| अमृत काल | मध्यरात्रि 04:36 बजे से सुबह 06:18 बजे तक (अगले दिन) |
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 09:31 बजे से सुबह 10:50 बजे तक |
| गुलिक काल | सुबह 06:55 बजे से सुबह 08:13 बजे तक |
| यमगंड | दोपहर 01:28 बजे से दोपहर 02:47 बजे तक |
| दुर्मुहुरत (पहला भाग) | सुबह 06:55 बजे से सुबह 07:37 बजे तक |
| दुर्मुहुरत (दूसरा भाग) | सुबह 07:37 बजे से सुबह 08:19 बजे तक |

29 नवंबर 2025, मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। इस दिन कोई प्रमुख राष्ट्रीय त्योहार या बड़ी एकादशी नहीं है। हालांकि, शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि होने के कारण यह दिन मां दुर्गा की पूजा और आराधना के लिए शुभ माना जाता है। इसके अलावा, यह दिन शनिवार भी है, इसलिए इस दिन शनि देव की विशेष पूजा-अर्चना करना अत्यंत कल्याणकारी होता है। भक्त शनि देव को प्रसन्न करने और उनके अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए उपवास रखते हैं या एक समय का भोजन करते हैं।
इस दिन आप अपनी दिनचर्या में कुछ सरल कार्य शामिल करके अपने सौभाग्य को बढ़ा सकते हैं। भगवान विष्णु की पूजा करना और उन्हें तुलसी दल अर्पित करना बहुत शुभ होता है क्योंकि मार्गशीर्ष का महीना भगवान कृष्ण और विष्णु को समर्पित है। साथ ही, गरीबों और असहाय लोगों को भोजन कराना या उनकी मदद करना इस दिन का सबसे उत्तम उपाय माना जाता है जिससे आपके कर्मों में सुधार होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। शनिवार को किसी भी तरह के लोहे का सामान खरीदना या बेचना टालना चाहिए।
चूंकि 29 नवंबर को शनिवार है, इसलिए इस दिन किए जाने वाले उपाय आपके जीवन से शनि से संबंधित कष्टों को दूर करने और सुख-समृद्धि बढ़ाने में सहायक होंगे। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन आप काले कपड़े, उड़द की दाल, काला तिल या सरसों का तेल किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर सकते हैं। इसके अलावा, शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। यह उपाय शनि की साढ़ेसाती या ढैया से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
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