Chaitra Navratri Akhand Jyoti Niyam: चैत्र नवरात्रि के दौरान अगर गलती से अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें? पंडित जी से जानें सही जवाब

चैत्र नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा की भक्ति और साधना के लिए समर्पित होता है। इस दौरान लोग माता की उपासना करते हैं और व्रत-उपवास करते हैं। इस दौरान अखंड ज्योति प्रज्वलित करने के विधान है। इन नौ दिनों में भक्त अपने घरों में कलश स्थापना करते हैं और अखंड ज्योत जलाकर देवी मां का आह्वान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि अखंड ज्योति केवल एक दीपक नहीं होता है बल्कि देवी मां की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक भी होता है, इसलिए इसे पूरे नियम और श्रद्धा के साथ जलाया जाता है। कई बार जाने अनजाने में या किसी कारणवश यह ज्योत बुझ जाती है, जिससे लोगों के मन में डर बना रहता है और जीवन के लिए कुछ अशुभ संकेत मिलते हैं। अखंड ज्योति को माता का आशीर्वाद समझा जाता है और घर की खुशहाली के लिए शुभ माना जाता है। आइए जानें ज्योतिर्विद पंडित रमेश भोजराज द्विवेदी से जानें चैत्र नवरात्रि के दौरान अखंड ज्योति के अचानक बुझने का संकेत और इसका मतलब क्या है?
चैत्र नवरात्रि में क्यों जलाई जाती है अखंड ज्योति
अखंड ज्योति अंधकार पर प्रकाश का प्रतीक मानी जाती है और इसकी अग्नि का प्रकाश ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। लोग चैत्र नवरात्रि में कलश के साथ अखंड ज्योति इसलिए जगाते हैं क्योंकि इसे माता के आगमन का प्रतीक माना जाता है। अखंड का मतलब होता है जो कभी खंडित न हो। ऐसे में जब हम नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाते हैं तो ये जीवन की निरंतरता का प्रतीक होती है।
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अखंड ज्योति अचानक बुझ जाए तो क्या करें
यदि आपकी जलाई हुई अखंड ज्योति अचानक से बुझ जाती है तो आपको सबसे पहले माता दुर्गा का स्मरण करना चाहिए। अखंड ज्योति किसी भी कारण से बुझ सकती है जैसे हवा चलना, ज्योति की बत्ती का छोटा होना, ज्योति को सही तरीके से ढककर न रखना, अखंड ज्योति में गलत बत्ती का इस्तेमाल करना। ज्योति यदि अचानक बुझ जाती है तो इसे किसी अनहोनी से जुड़ा हुआ नहीं समझना चाहिए। आपको कभी भी ऐसा होने पर डरना नहीं चाहिए। माता कभी अपने भक्तों को डराती नहीं हैं और उन्हें शक्ति प्रदान करती हैं। अखंड ज्योति बुझने पर माता से क्षमा प्रार्थना करते हुए यह बोलना चाहिए कि आपकी गलती की वजह से ये ज्योत ठीक से प्रज्वलित नहीं हो पाई है, माता आप ज्योत में पुनः विराजमान हो जाएं। ऐसा कहते हुए एक बार फिर से अखंड ज्योत जला देनी चाहिए।
अखंड ज्योति जलाते समय किन बातों का रखें ध्यान
आपको हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि आप जब भी अखंड ज्योति जगा रही हैं तब शुद्ध तन और मन से ही जगाएं। हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कई आपको दीपक में सही बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए। आप ज्योत जगाते समय रुई की जगह कलावा की बत्ती का इस्तेमाल करें। कलावा की बत्ती ज्यादा समय तक चलती है और इसमें तेल भी कम सोखता है। यही नहीं आपको नौ दिनों में बत्ती बदलने की आवश्यकता भी नहीं होती है।
अगर आप भी घर में कलश स्थापना के साथ अखंड ज्योति जलाती हैं तो यहां बताई बातों का ध्यान जरूर रखें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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