अक्सर लोगों को ऐसा कहते हुए सुना जाता है कि किसी व्यक्ति विशेष की ढइया या साढ़े साती चलने की वजह से ऊके जीवन में कई समस्याएं आ रही हैं। यही नहीं इस दौरान उन्हें शनि से जुड़े कई उपाय करने की सलाह भी दी जाती है। जैसे शनि की शिला में सरसों का तेल चढ़ाना, शनि का दान करना, पीपल में दीपक जलाना और अन्य कई ऐसे उपाय जो शनि को प्रसन्न कर सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि शनि के उपाय करने से शनि दोष को दूर करने में मदद मिलती है और समस्याएं दूर हो सकती हैं। आपमें से कई लोग ऐसे होंगे जो शनि देव की पूजा के नियमों का ठीक से ज्ञान ने होने की वजह से किसी भी समय इन उपायों को आजमाने लगते हैं। वास्तव में ऐसा कहा जाता है कि शनि के उपाय करने का भी एक निश्चित समय होता है और यदि आप इस समय के अनुसार ये उपाय नहीं करती हैं तो आपके जीवन में इसके नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं। सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी बताते हैं कि शनि का सही उपाय करने का सटीक समय और तरीका, जिससे आपके जीवन में स्थिरता और सफलता आ सकती है। यही नहीं सही समय पर किए गए शनि से जुड़े इन खास उपायों को अपनाकर आप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रख सकती हैं। आइए जानें शनि उपाय करने के सबसे उचित समय के बारे में।
सुबह के समय क्यों न करें शनि से जुड़े उपाय?
शास्त्रों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि सुबह का समय सूर्य देव का होता है। इसी वजह से सूर्योदय के बाद से लेकर दोपहर तक सूर्य की प्रधानता रहती है और इस दौरान शनि से जुड़े उपाय करने से लाभ नहीं मिलता है। पौराणिक कथाओं की मानें तो साहनी और सूर्य में पिता और पुत्र का रिश्ता है, लेकिन दोनों को एक दूसरे का दुश्मन माना जाता है, इसी वजह से यदि आप शनि से जुड़ा कोई भी उपाय सूर्य की रोशनी में करती हैं तो ये शनि देव को स्वीकार्य नहीं होते हैं।
यदि आप शनि दोष से मुक्ति के लिए पीपल के पेड़ में दीपक जलाती हैं तो ये भी शनि देव को स्वीकार्य नहीं होता है। यही नहीं पीपल का पेड़ शनि से जुड़ा होता है और इसे सुबह छूना या इसमें जब चढ़ाना भी नकारात्मक फल दे सकता है।
इसे जरूर पढ़ें: शनि की साढ़े साती से अशुभ ही नहीं बल्कि मिल सकते हैं ये शुभ फल
View this post on Instagram
शनि उपाय करने का शुभ समय क्या है?
एस्ट्रोलॉजर प्रदुमन सूरी जी बताते हैं कि शनि के उपाय करने का सबसे शुभ समय शाम 6:30 बजे के बाद या गोधूलि बेला होता है। गोधूलि बेला वह समय है जब सूर्यास्त के तुरंत बाद वातावरण शांत और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। ऐसे में यदि आप इस समय पर शनि से जुड़ा कोई भी उपाय करती हैं तो आपके लिए फलदायी हो सकता है, क्योंकि इस समय वातावरण में सूर्य का प्रभाव नहीं होता है और शनि अपनी उत्तम ऊर्जाओं से युक्त होते हैं। चूंकि इस समय शनि की ऊर्जा सक्रिय होती है और उनके उपाय का असर शीघ्र दिखता है। इसी समय आपको पीपल के वृक्ष में तिल या सरसों के तेल का दीपक भी जलने की सलाह दी जाती है।
इसे जरूर पढ़ें: शनि की साढ़े साती चल रही है तो भूलकर भी न करें ये काम
सूर्यास्त के बाद शनि के कौन से उपाय करने चाहिए
यदि आपकी कुंडली में शनि की साढ़े साती चल रही है तो आपको शनिवार के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए, इसके साथ ही आपको इस वृक्ष की 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए। शाम के समय शनि मंदिर में जाकर शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं और उनके सामने तेल का दीपक अर्पित करें। यह उपाय यदि आप सूर्यास्त के बाद करती हैं, तो ये आपके लिए पूरे फल दे सकता है। इसके साथ ही आप गोधूलि बेला में शांत मन से शनि चालीसा, शनि स्तोत्र या ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप कर सकती हैं।
अगर आप भी शनि के उपाय करते समय सही समय का पालन करेंगी तो आपको इसके पूर्ण फल मिलेंगे और जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी। आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Images: freepik. com
HerZindagi Video
HerZindagi ऐप के साथ पाएं हेल्थ, फिटनेस और ब्यूटी से जुड़ी हर जानकारी, सीधे आपके फोन पर! आज ही डाउनलोड करें और बनाएं अपनी जिंदगी को और बेहतर!
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों