ट्रेन में लोगों को किस तरह के कोच और सीट को समझने में होती है कन्फ्यूजन, आप भी जान लें

ट्रेन में कोच और सीट समझने में लोगों को दिक्कत होने का कारण यह है कि अलग-अलग ट्रेन में कोच और सीटें अलग होती हैं। आप भले ही ट्रेन से कई बार यात्रा करते हो, लेकिन फिर भी आपको सीटें या कोच समझने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी स्थित में आप यात्रियों से इसके बारे में पुछने लगते हैं, जिससे लोगों को लगता है कि आप पहली बार ट्रेन से सफर कर रहे हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको ट्रेन में कुछ ऐसे कोच और सीट के बारे में बताएंगे, जिनका नाम या कोच आपको एक जैसी लगेगा, लेकिन इनका प्राइस अलग होगा।
ट्रेन में एक जैसे लगती हैं इन कोच और सीटों के नाम

- A1 और AC1 कोच को समझने में लोगों को कन्फ्यूजन होती है। वैसे तो दोनों की कोच को फर्स्ट क्लास एसी के नाम से जाना जाता है और दोनों में मिलने वाली सुविधाएं भी एक जैसी होती है। लेकिन फिर भी यात्रियों को अलग-अलग नाम पढ़कर कन्फ्यूजन हो जाती है।
- SL कोच और SL सीट में अंतर- ये 2 अलग चीजें है। SL कोच का अर्थ स्लीपर कोच है, वहीं SL सीट का अर्थ साइड लोवर सीट है। साइड लोअर यानी ट्रेन में साइड वाली नीचे की सीट। ट्रेन टिकट पर दोनों ही चीजें एक साथ देखकर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं। इसलिए, आप SL1 या SL2 जैसे नंबर पर ध्यान रख सकते हैं। ट्रेनों में स्लीपर कोच लगभग 8 से 11 तक होते हैं। इसलिए टिकट पर SL के आगे 1 से लेकर 11 तक नंबर लिखा जाता है। इसकी पहचान के लिए आप ऐसे समझ सकते हैं कि आपकी सीट जिस स्लीपर कोच जैसे, S1, S2, S3..या S11 भी होगी, इसमें आपको साइड लोअर की सीट मिली है।
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- AC-3 और AC-3 इकोनॉमी- इन दोनों में भी यात्रियों को कोच समझने में दिक्कत होती है। ध्यान रखें कि एसी-3 इकोनॉमी में आपको साइड वाली सीटों पर भी 3 सीटें मिलेंगी, जैसे साइड लोवरर, साइड मिडल और साइड अपर। इस वजह से इसमें कुल 80 सीटें होती हैं। लेकिन एसी-3 कोच में एक तरफ 6 सीटें और दूसरी तरफ 2 साइड बर्थ जैसे साइड लोअर और साइड अपर ही मिलता है। इस तरह से डिब्बे में कुल 72 सीटें होती हैं।
- 3E और 3AC कोच में अंतर- कई लोगों को इन दोनों कोच को समझने में भी दिक्कत होती है। ऐसा होना संभव भी है, क्योंकि दोनों ही कोच में मिलने वाली सुविधाएं एक जैसी ही होती हैं। इसमें फर्क इतना होता है कि 3E कोच की टिकट प्राइस में सस्ती होती है।
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