Expert Tips: सिरदर्द कम करने के लिए वास्तु शास्त्र के आसान उपाय

आज के समय की आरामतलबी वाली जीवनशैली में महिलाओं को पहले की तुलना में बहुत अधिक शारीरिक श्रम नहीं करना पड़ता, लेकिन यह भी सच है कि मानसिक रूप से वे पहले से अधिक श्रम करती हैं। घर का काम, बच्चों का होमवर्क और बढ़ती महंगाई में घर का बजट बनाए रखने में पति का सहयोग करना, यह सबकुछ महिलाओं के लिए मानसिक रूप से थका देने वाला होता है। इससे महिलाओं को अक्सर सिरदर्द की समस्या रहती है।
जिस प्रकार किसी भी समस्या के कारणों में ही उसका निवारण भी छिपा रहता है, उसी प्रकार सिरदर्द के कारणों में ही उसका निवारण भी निहित है। बस, जरूरत हैं इन कारणों को जानने और उनका समाधान करने की। वास्तु शास्त्र किसी जादू की तरह काम नहीं करेगा बल्कि आपकी समस्याओं को पॉजिटिव एनर्जी के जरिए कम करने की कोशिश करेगा।
अगर आप भी सिरदर्द से परेशान रहती हैं, तो वास्तु विशेषज्ञ नरेश सिंगल के बताए वास्तु उपाय निश्चित रूप से आपके लिए मददगार साबित होंगे-
- देखें कि आपके घर को कहीं मरम्मत की जरूरत तो नहीं है। अगर भवन कहीं से टूट-फूट गया है तो उसे तुरंत मरम्मत कराएं।
- खिड़कियों और रोशनदान पर लगे शीशे अगर टूट गए हैं, तो उन्हें शीघ्र बदलवा लें। खिड़कियां घर में हवा और रोशनी के आगमन के लिए होती हैं, अगर आप चाहते हैं कि घर में शुद्ध हवा व रोशनी का आगमन हो और वह आपके मस्तिष्क को स्वस्थ व तरोताजा रखे, तो खिड़कियों की नियमित रूप से साफ-सफाई करते रहें। वहां धूल का एकत्रित होना, मतलब परिवार के सदस्यों को सिरदर्द की शिकायत बने रहना।
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- घर का दक्षिण-पूर्व हिस्सा इस लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। अगर दक्षिण-पूर्व हिस्सा कटा हुआ हो या बढ़ा हुआ हो तो यह भी सिरदर्द का कारण बनता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई मामलों ऐसा देखने में आया है कि दक्षिण-पूर्व का गंभीर दोष ब्रेन हेम्रेज का कारण भी बन जाता है।
- दरवाजों को खोलने-बंद करने पर अगर वे आवाज कर रहे हैं तो यह आपके आस-पास नकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करता है और परिणाम स्वरूप आप सिरदर्द जैसी बीमारी की जकड़ में आ जाते हैं। बेहतर होगा कि आप दरवाजों को समय पर रंग-रोगन, वार्निश आदि करवाएं और सुंदर और ठीक हालत में रखें।
- ध्यान दें कि कहीं आपके बेड के हेडबोर्ड में शीशा तो नहीं लगा है। कांच के हेडबोर्ड वाला बेड इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यह भी आपके लिए सिरदर्द का कारण बन सकता है।
- अगर आप सिरदर्द से परेशान रहती हैं तो घर को चमेली, रोजमेरी, रोजवुड की खूशबू से महकाएं।
- सिटकनी या दरवाजे-खिड़कियों पर लगी सांकल-कुंडी वगैरह टूटी तो नहीं है। इस पर भी ध्यान देना अनिवार्य है।
- अगर आप छत पर लगे बीम के नीचे शयन करते हैं या वहां देर तक बैठकर कोई कार्य करते हैं। बेहतर है कि इससे बचें। इस से रक्त संचार में बाधा उतपन होती है।
- मेगनाइन भवन का एक ऐसा हिस्सा है, जिस पर हम अपेक्षाकृत कम ध्यान देते हैं। उसे हम कई बार व्यर्थ का सामान संग्रह करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। सामान संग्रह करने की बात तो ठीक है, लेकिन भवन के इस हिस्से की भी थोड़ी देखभाल जरूरी है। बाकी हिस्सों की तरह समय-सयम पर अटारी की भी साफ-सफाई करते रहें।
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ये सारे टिप्स वास्तु एक्सपर्ट के हिसाब से बताए गए हैं और हो सकता है कि आप इसमें भरोसा न भी करते हों, लेकिन ये सिर्फ घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का काम करते हैं। अगर आपको कोई बहुत बड़ी समस्या है या फिर सिर दर्द किसी स्वास्थ्य संबंधित समस्या के कारण हो रहा है तो पहले डॉक्टर से परामर्श करें और फिर ही अपने लिए उचित मार्गदर्शन चुनें।
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