कल मैंने The Penguin Annual Lecture 2017 का इवेंट अटेंड किया था जो मेरे लिए जिंदगी का सबसे अच्छा मौका रहा। Penguin Random House India ने प्रियंका को लेक्चर देने के लिए बुलाया था। जब ग्लोबल स्टार खुद लोगों से बात करे और उनके बीच मौजूद हो तो शाम तो अच्छी और यादगार होनी ही थी।

आज देश की हर लड़की का सपना है कि वो प्रियंका चोपड़ा बनें। लेकिन प्रियंका चोपड़ा बनने का सिक्रेट क्या है? ये बात तो केवल प्रियंका चोपड़ा बता सकती हैं और उन्होंने इसका भी जवाब दिया वो भी सभी लोगों की मौजूदगी में। बीती शाम प्रियंका चोपड़ा ने पेंग्विन पब्लिकेशन के सलाना कार्यक्रम में भाग लिया था। इस प्रोग्राम की थीम थी- 'ब्रेकिंग द ग्लास सीलिंग: चेज़िंग द ड्रीम'। 

केवल कर रही हैं अपने सपनों को पूरा 

प्रियंका चोपड़ा पिंक कलर की ड्रेस में थी जिसमें वो काफी सुंदर और अट्रेक्टिव लग रही थीं। इवेंट के शुरुआत में ही प्रियंका कहती हैं कि "मेरे पापा हमेशा जो मेरे से कहते थे वो मैं आप से शेयर करना चाहती हूं।" आगे बोलते हुए वे कहती हैं कि "क्यों आप किसी glass slipper के अंदर फिट होते हो जबकि आप glass ceiling तोड़ सकते हो?" इसके साथ वे बताती हैं कि वो breaking the glass ceiling की कोई ज्यादा बड़ी फैन नहीं है। मतलब ग्लास को तोड़ना उतना उन्हें एक्साइट नहीं करता। आगे वे कहती हैं कि  "मैं कभी किसी मिशन पर नहीं रही। लेकिन हां, मैं केवल अपने सपनों को पूरा जरूर करना चाहती हूं। मैं अपने आप का best version बनना चाहती हूं जितना कि मैं हो सकती हूं"। 

प्रियंका के 12 rules

प्रियंका चोपड़ा ने सोसायटी में ग्लास ब्रेक करने मतलब बने बनाए नियमों को तोड़ने के 12 rules बताए। इन rules को फॉलो कर आप भी अपनी जर्नी को सफल बना सकते हैं। इस rules में personal, professional और societal domains शामिल हैं। लोगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रहें। आपके पास जो है उसके लिए युनिवर्स को हमेशा थैंक्स कहें। ये रहे उनके 12 rules- 

  • अपनी तरह दूसरा कोई नहीं। खुद को पहचानें। 
  • सपने देखें और उनके साथ उड़ें। बदलाव के डर से सपने देखना बंद ना करें। 
  • महत्वकांक्षी बनें। स्पेशली वूमेन। 
  • कोई भी आपका टाइम डिसाइड नहीं कर सकता। 
  • सपनों की लिए लालची होने में बुराई नहीं। इसलिए थोड़े में सेटिस्फाई ना हों। 
  • हारना ठीक है। गिरना भी ठीक है। लेकिन हार के बाद और गिरने के बाद उठना भी जरूरी है। 
  • रिस्क लेना जरूरी है लेकिन सोच-समझकर रिस्क लें। 
  • अपने आस-पास के लोगों और दोस्तों का सोच-समझकर चुनें। 
  • हर कोई आप से खुश नहीं हो सकता। तो कोशिश भी ना करें।
  • हर चीज को सीरियस ना लें। जिंदगी का मजा लेना भी जरूरी है। 
  • इंसानियत को खुद के अंदर जिंदा रखें। अगर किसी ने आपके लिए कुछ किया है तो उसका एहसान मानेँ। 
  • अपनी नींव को कभी ना भूलें। 

 

the penguin annual lecture  priyanka choprainside

लोगों का प्यार ही असली कामयाबी

प्रियंका ने अपने लिए कामयाबी का मतलब बताते हुए कहा कि 'मेरे लिए कामयाबी मेरा बैंक बैलेंस नहीं बल्कि लोगों का मेरे लिए प्यार हैं। मैं कुछ ऐसा करना चाहती हूं जिसकी हर कोई तारीफ करें।' 

साल 2017 की फोर्ब्स की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली सेलीब्रिटीज़ में टॉप 10 में प्रियंका शामिल रहीं। इस पर प्रियंका कहती हैं कि 'मुझे खुद पर प्राउड फील होता है कि आज मैं पुरुष अभिनेताओं से कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हूं।' खैर वो इसके साथ ये भी मानती हैं कि इस लिस्ट में और भी महिलाओं के नाम होने चाहिए थे। 

बताया हॉलीवुड-बॉलीवुड का डिफरेंस

प्रियंका ने इस शाम हॉलीवुड और बॉलीवुड का डिफरेंस भी बताया। उन्होंने बताया कि हर देश का अपना कल्चर होता है। इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि 'हॉलीवुड में लोग समय के बेहद पाबंद हैं। लेकिन दोनों ही जगह की अपनी खासियत और परेशानिया हैं।' 

पद्मावती विवाद पर इंटरव्यूअर को रोका

जब इंटरव्यूअर प्रियंका से पद्मावती के बारे में बार-बार सवाल कर रहे थे तो प्रियंका ने थोड़ी कड़ाई से चुप कराते हुए कहा कि आपने मुझे मेरे करियर पर बात करने के लिए बुलाया है कि उनके? 

खैर इसके साथ उन्होंने ये भी बताया कि उन्होंने दीपिका पादुकोण और संजय लीला भंसाली दोनों को ही फ़ोन किया और कहा कि "वो उनके साथ हैं।" 

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हर जगह होता है महिलाओं का शोषण

शोषण के बारे में बात करते हुए प्रियंका कहती हैं कि फिल्मी दुनिया के बारे में बातें ज़्यादा होती हैं इसलिए लोग केवल यहीं देखते हैं। जबकि महिलाओं के साथ हर जगह बुरा व्यवहार होता है। 

ऋतिक और रणबीर से क्यों नहीं सवाल करते

मुझे प्रियंका का सबसे अच्छा जवाब ऋतिक और रणबीर से संबंधित वाला लगा। जब उनसे पूछा गया कि अब आप खुद को तो इंडस्ट्री से कटा हुआ महसूस नहीं करतीं? ऐसे में वो जवाब देती हैं कि 'ये सवाल केवल मुझसे ही क्यों पूछा जाता है? मैं जानती हूं कि मेरी अंतिम फिल्म बाजीराव मस्तानी थी जो कि 2015 में आई थी। लेकिन क्या आपको याद है कि ऋतिक रोशन और रणबीर कपूर की अंतिम फ़िल्म कौन सी थी?'

'आप उनसे नहीं पूछते? मैं अभी स्क्रिप्ट पढ़ रही हूं और अपना समय ले रही हूं।'

लिखने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन क्या-क्या लिखूं... मेरी कल की शाम इतनी अच्छी बीती कि मैं बता नहीं सकती हूं। मैं तो आज से अपनी जिंदगी में प्रियंका के ये 12 rules को मानना शुरू कर चुकी हूं। 

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