Agni Panchak: शुरू होने वाले हैं अग्नि पंचक, जानें हिन्दू धर्म में इसका महत्व

Agni Panchak: हिन्दू धर्म में पंचक का अत्यधिक महत्व माना गया है। पंचक वो पांच दिन की अवधि होती है जिसमें किसी भी शुभ कार्य को करने की मनाही होती है। हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि पंचक एक अशुभ नक्षत्र होता है जिसका निर्माण चंद्रमा के राशि गोचर के कारण होता है।
जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में गोचर करते हैं तब घृष्ट, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र का निर्माण होता है जो अशुभ समय को उत्पन्न करते हैं। इसी कारण से इन पांच दिनों में कोई भी शुभ कार्य या मंगल कार्य न करने की सलाह दी जाती है।
ज्योतिष गणना के अनुसार, पंचक 5 प्रकार के होते हैं। शनिवार के दिन शुरू होने वाला पंचक मृत्यु पंचक कहलाता है। इसके अलावा रविवार को रोग पंचक, सोमवार को राज पंचक, मंगलवार को अग्नि पंचक और शुक्रवार को चोर पंचक का निर्माण होता है।
अग्नि पंचक की तिथि (Agni Panchak Ki Tithi)
- इस बार पंचक 29 नवंबर, दिन मंगलवार से 4 दिसंबर, दिन रविवार तक रहने वाले हैं। यह पंचक अग्नि पंचक कहलाएगा क्योंकि इसकी शुरुआत मंगलवार के दिन से हो रही है।
- अग्नि पंचक में किसी भी चीज का निर्माण या मशीन से जुड़े किसी भी कारोबार की शुरुआत अशुभ मानी जाती है। इसका कारण यह है कि अग्नि तत्व इन पांच दिनों में अपनी तीव्र मुद्रा में होता है।
- अग्नि शांत रूप में ऊर्जा प्रदान करती है तो अपने प्रचंड रूप में सब कुछ भस्म भी कर देती है। यही कारण है कि कि अग्नि तत्व की तीव्र मुद्रा के समय में मशीन से जुड़ा कोई भी कार्य या नए निम्न से जुड़ा कोई भी काम नहीं करना चाहिए।
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अग्नि पंचक में क्या करें क्या नहीं (Agni Panchak Mein Kya Kare Kya Nahi)
- अग्नि पंचक के दौरान कोई भी मांगलिक कार्य न करें।
- लकड़ी या लकड़ी से सम्बंधित वस्तुओं की खरीदारी से बचें।
- दक्षिण दिशा (घर की दक्षिण दिशा में रखें ये चीजें) में यात्रा करने से परहेज करें।
- घर की छत को साफ-सुथरा रखें।
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अग्नि पंचक के उपाय (Agni Panchak Ke Upay)
- अग्नि पंचक के इन पांच दिनों में गायत्री हवन करें।
- गरीबों में अन्न का दान करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ करें।
तो ये थे अग्नि पंचक का महत्व, तिथि और उपाय। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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