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    Charnamrit: पाठ- पूजा में चरणामृत का क्या है महत्व? जानें इसे पीने के लाभ

    आज हम आपको पूजा पाठ में चरणामृत के महत्व और उसके लाभों के बारे में बताने जा रहे हैं।    
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    • Gaveshna Sharma
    • Editorial
    Updated at - 2022-11-28,17:02 IST
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    charnamrit during worship

    Charanamrit: पूजा-पाठ में चरणामृत में का महत्वपूर्ण स्थान है। चरणामृत को अत्यंत पवित्र माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, चरणामृत वो जल है जो ईश्वर के चरणों से निकलता है लेकिन लोक मान्यता है कि ये वो अमृत है जिसके पान से व्यक्ति के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आज हम आपको पूजा-पाठ में चरणामृत के महत्व और उससे मिलने वाले लाभों के बारे में बताने जा रहे हैं। 

    क्या है चरणामृत?  

    • जब भी हम चरणामृत लेते हैं तो सबसे पहले उसे माथे पर लगाते हैं और फिर उसे पीते हैं। 
    • शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि- 'अकालमृत्युहरणं सर्वव्याधिविनाशनम्। विष्णो: पादोदकं पीत्वा पुनर्जन्म न विद्यते।।'  इसका अर्थ है कि ऐसा अमृत जिसे पीने के बाद मृत्यु का भय भी नहीं सताता। 
    charnamrit
    • चरणामृत से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 

    कैसे उत्पन्न हुआ चरणामृत?

    • चरणामृत से जुड़ी एक कथा भी मिलती है जिसके अनुसार, वामन अवतार में जब श्री हरि विष्णु (शेषनाग पर क्यों सोते हैं भगवान विष्णु) राजा बलि के पास पहुंचे थे तब उन्होंने 3 पग भूमि मांगी थी। राजा बलि ने भी वामन अवतार भगवान विष्णु को पहचान लिया था और उन्होंने 3 पग भूमि सहर्ष दे दी थी जिसके बाद भगवान विष्णु ने 3 पग में समस्त ब्रह्मांड नाप दिया था। 
    charnamrit sgnificance
    • कथा के अनुसार, जब भूमि को अपने पग से नापते हुए वामन देव के चरण ब्रह्मा जी के लोक में पहुंचे तब ब्रह्म देव ने अपने कमंडल के जल से वामन देव के चरण धोए और फिर उसके बाद उन्होंने उस जल को अपने कमंडल में वापस रख लिया। कहते हैं कि वही जल आगे चलकर गंगा मां (मां गंगा ने क्यों मारा था अपने पुत्रों को?) के रूप में धरती पर आया और पृथ्वी वासियों का कल्याण हुआ। 

    चरणामृत पर वैज्ञानिक मत 

    • चरणामृत का केवल धर्म में ही नहीं विज्ञान में भी महत्व है।
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    • विज्ञान कहता है कि चरणामृत के रोजाना सेवन से शरीर में मौजूद रोग दूर हो सकते हैं।
    • चरणामृत में रोगनाशक क्षमता होती है और इसके सेवन से बुद्धि और भी तीव्र बनती है। 

    तो ये था चरणामृत का धार्मिक महत्व और उससे जुड़े जबरदस्त लाभ। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

    Image Credit: Shutterstock, Herzindagi

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