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Pulwama Terror Attack: मां के फोन में नहीं था बैलेंस नहीं कर पाईं अपने बेटे से आखिरी बार बात

पुलवामा आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा तो किसी ने अपना पति खोया है।
Updated:- 2019-02-18, 18:36 IST
pulwama terror attack black day of india

पुलवामा आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा तो किसी ने अपना पति खोया है। आईईडी बम को डिफ्यूज करने की कोशिश में शहीद हुए मेजर चित्रेश सिंह  बिष्ट की इस साल सात मार्च को शादी होनी थी और ऐसे में उनका पूरा परिवार शादी की तैयारी कर रहा था लेकिन किस्मत में कुछ और लिखा हुआ था। 

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा के पास आईईडी निष्क्रिय करते समय शहीद हुए 31 साल के मेजर बिष्ट की शहादत के अगले दिन ही उनके घर में मातम छाया हुआ है। 28 फरवरी को मेजर बिष्ट अपनी शादी के लिए घर आने वाले थे लेकिन उनका पार्थिव शरीर पहुंचा। मेजर बिष्ट के पिता सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक एस.एस. बिष्ट ने कहा, "अजीब विडंबना है। वह शादी के लिए घर आने वाला था और अब हम उसके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं। 

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पुलवामा हमले  में शहीद के घरवाले उनकी शहादत पर तो फख्र कर रहे हैं लेकिन अपनों के बिछड़ने का घाव उनको असहनीय दर्द दे रहा है। किसी के सर से पिता का साया उठ गया है तो कई माता-पिताओं के आंखों के नूर चल बसे।  इस आतंकवादी हमले में सबसे ज्यादा 12 जवान उत्तर प्रदेश के शहीद हुए हैं। उत्तराखंड, बिहार और झारखंड ने भी अपने जिगर के टुकड़ों को खोया है। 

 

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पुलवामा आतंकी हमले में किसी ने बेटा खोया और किसी ने पति 

पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों में शामिल झारखंड के विजय सोरेंग की छोटी बेटी रेखा का कहना है, “मेरे पिता देश के लिए शहीद हुए हैं। मुझे इस बात पर गर्व है कि मेरे पिता देश के लिए शहीद हुए हैं लेकिन इसका गुस्सा भी है कि आतंकी बच्चों के सिर से पिता का साया छीन रहे हैं। 

 

पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के जवान मेजा के महेश कुमार के शहीद होने की खबर घरवालों को नहीं थी। पूरी रात घरवालों के साथ शहीद के गांव के लोग भी जागे हुए थे। हर कोई बस यही दुआ करता रहा कि महेश सही सलामत हो। शुक्रवार सुबह जैसे पता चला कि महेश भी शहीदों की सूची में शामिल है तो पूरे गांव में मातम छा गया। एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में शहीद महेश की मां शांति देवी ने बताया कि उनके मोबाइल में बैलेंस नहीं था जिस कारण वो अपने बेटे से बात नहीं कर पाईं। जब उन्होंने बाद में अपने बेटे महेश को फोन मिलाया तो उन्होंने उठाया नहीं। इतने में ही उन्हें उनके बेटे महेश कुमार के शदीद होने की सूचना मिल गई थी।  

 

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