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भगवान शिव क्यों करते हैं गले में मुंड माला धारण? जानें सती से जुड़ा ये कारण

भगवान शिव गले में मुंड माला धारण करते हैं। आइये जानते हैं इसके पीछे का कारण।  
Updated:- 2023-01-02, 12:44 IST
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Bhagwan Shiv Mund Mala: हिन्दू धर्म में भगवान शिव के कई स्वरूपों का वर्णन मिलता है जिनमें मुख्य रूप से इस बात का उल्लेख आटा है कि भगवान शिव अपने शरीर पर बहुत सी वस्तुओं को धारण करते हैं। इन्हीं में से एक है मुंड माला। 

ऐसे में हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आज हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि आखिर भगवान शिव अपने गले में मुंड माला क्यों धारण करते हैं और इस मुंड माला का माता सती से क्या संबंध है। 

  • पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार, मुंड माला भगवान शिव (भगवान शिव का पाठ) और माता सती के प्रेम का प्रतीक मानी जाती है। दरअसल, इस रहस्य का आरंभ तब से हुआ था जब भगवान शिव ने माता सती के वियोग में तांडव किया था। 

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  • देख जाए तो यह भगवान शिव और माता सती की ही रचाई गई लीला थी। माता सती ने अपनी देह भस्म करने से पहले ही भगवान शिव को मुंड माला का रहस्य बता दिया था। 

bhagwan shiv mundmala

  • शिव जी के गले में धारित मुंड माला 108 सिरों की है। जिसके पीछे की कथा यह है कि माता सती का दक्ष प्रजापति के घर ये 108वां जन्म था। इससे पहले भी माता सती 107 बार जन्म लेकर शरीर का त्याग कर चुकी थीं। 
  • ऐसा इसलिए क्योंकि यह 108 जन्म इस बात का प्रतीक बने कि व्यक्ति में किन 108 शुद्ध आचरणों का होना आवश्यक है। साथ ही, माना जाता है कि माता सती के यह 108 जन्म ही उस 108 सिरों वाली मुंड माला को दर्शाता हैं जिसे भगवान शिव ने धारण किया है। 

bhagwan shiv mundmala

  • एक कथा के अनुसार, जब भगवन विष्णु (भगवान विष्णु को क्यों कहा जाता है नारायण) ने माता सती के शरीर के टुकड़े कर दिए थे और उन 51 हिस्सों को शक्तिपीठ का रूप दिया गया। तब भगवान शिव ने माता सती के सिर के भागों को अपने हाथ में एकत्रित कर माला में पिरो लिया। 

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  • इस तरह 108 सिरों की मुंड माला को भगवान शिव ने ही बनाया और फिर उसे धारण भी किया। कहते हैं कि माता सती ने ही माता पार्वती के रूप में अगला जन्म लिया और उन्होंने भगवान शिव से विवाह भी किया।   

 

तो ये था भगवन शिव के मुंड माँ पहनने के पीछे का कारण। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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