हमारी जिंदगी में कई ऐसे पल आते हैं जब एक फैसला पूरे भविष्य को बदल कर रख देता है। कई फैसले मजबूरी में लिए जाते हैं तो कई के लिए बहुत सारी प्लानिंग की जाती है। महिलाओं की बात करें तो लोग ये समझते हैं कि वो सिर्फ घर-गृहस्ति के फैसले ही ले सकती हैं, लेकिन उनका क्या जो समाज की बंदिशों को तोड़कर आगे बढ़ती हैं और अपनी अलग पहचान बनाती हैं। उनका क्या जो अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाती हैं और लोगों के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। आज हम ऐसी ही प्रेरणात्मक महिला योगिता रघुवंशी की बात करने जा रहे हैं। 

योगिता भारत की पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं। शहर-शहर में अपना ट्रक लेकर जाने से लेकर रोड में होने वाली कई दिक्कतों तक योगिता सब कुछ संभालती रहती हैं। उन्होंने पति की मौत के बाद ये काम संभाला और वो अकेली ही अपने बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही हैं। वो खुद लॉ की डिग्री ले चुकी हैं, लेकिन हालात के कारण ट्रक ड्राइवर बनने के बारे में सोचा। उनका कहना था कि अगर वो वकालत में आगे बढ़तीं तो कई सालों तक उन्हें बहुत कम पैसा मिलता या बिलकुल नहीं मिलता, लेकिन इस रोजगार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।

Shell India कंपनी की महिला दिवस पर खास कैम्पेन 'Great Things Happen When We Move' के जरिए हम योगिता से जुड़ पाए और हमने योगिता से बात की और जानिए उन्होंने क्या कहा-

1. सवाल: आपने लॉ करने के बाद ट्रक ड्राइवर बनने के बारे में कैसे सोचा?

जवाब: 

ट्रक लाइन के बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस लाइन में आऊंगी। लॉ मैंने इसलिए किया क्योंकि घर वालों ने कहा था कि अगर हम पढ़ाएंगे तो लॉ ही पढ़ाएंगे। जब मेरे पति का देहांत हुआ तो मैंने ये सोचा कि मुझे किस तरह से आगे बढ़ना है और पैसों की कमी को पूरा करना है। उनका एक ट्रक था तो मैंने पहले ड्राइवर रखकर उसे चलवाया, लेकिन उससे फायदा नहीं हुआ। फिर मैंने ड्राइविंग सीखने की कोशिश की, मैं सीख भी गई और अगर हम कोई कोशिश करते हैं तो वो 100% सफल होती है। पहले मुझे गियर, स्टियरिंग, गाड़ी के बारे में कुछ भी नहीं मालूम था और मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ती गई तो सब चीज़ें आसान होने लगीं। लोगों ने कहा कि इस फील्ड को छोड़ दो ये लेडीज के लिए फील्ड नहीं है, ये तय करने वाला कोई और नहीं होता है कि कोई फील्ड लेडीज के लिए है या नहीं। 

यकीनन महिला सशक्तिकरण की शुरुआत इसी तरह से होती है कि महिलाएं दूसरों की बातों पर ध्यान देना छोड़ दें। 

truck driver yogita

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2. सवाल: हम अक्सर देखते हैं कि राह चलती लड़कियों को भी कई तरह की मुश्किलों, तानों को सामना करना पड़ता है, आपके सामने भी ऐसी मुश्किलें आई होंगी?

जवाब:

मुश्किलें काफी सारी आती चली गईं, लेकिन मैंने अपनी डिक्शनरी में इस शब्द को निकाल ही दिया। मुश्किल काम का एक हिस्सा है। कई बार रास्ते में टायर फट जाना, इंजन ऑयल खत्म होने जैसी कई मुश्किलें भी आईं, लेकिन किसी न किसी तरह से मदद मिलती रही। मुझे हेल्प करने वाले लोग ज्यादा मिले हैं। दूर-दूर तक कोई नहीं होता था और दूर कोई मकान दिखता था तो भी मुझे मदद मिलती थी। कई बार बिना पैसे के भी काम होता गया। बहुत ज्यादा अनकंफर्टेबल वाली कोई चीज़ मेरे साथ हुई नहीं। 

3. सवाल: अपने प्रोफेशन की सबसे अच्छी बात क्या लगती है आपको? 

जवाब: 

मेरे प्रोफेशन की अच्छी बात ये है कि अगर हम लोग कोशिश करेंगे और आगे बढ़ेंगे तो हर जगह से मदद मिलती ही है। कोशिश करना जरूरी है।  

yogita truck driver

4. सवाल: Shell India के कैम्पेन के तहत आपके ऊपर एक शॉर्ट फिल्म बनाई गई है, उसके बारे में कुछ बताएं? 

जवाब:  

शेल इंडिया ने बहुत खूबसूरत कहानी बनाई है जो मेरी असल जिंदगी है। बहुत अच्छा मैसेज है कि आपको आगे बढ़ने की इच्छा रखनी है और आगे बढ़ना है। ये सचमुच होता है लाइफ में और जब भी हम आगे बढ़ेंगे सब कुछ सही होगा। बढ़ना जरूरी है हमेशा। 

5. सवाल: परिवार और दोस्तों का सपोर्ट आपकी जिंदगी में कैसा रहा? 

जवाब: 

परिवार का हमेशा सपोर्ट रहा है और बच्चों ने भी बहुत सपोर्ट किया है। जितना सोचा भी नहीं था उससे ज्यादा सपोर्ट किया गया है और दोस्तों का साथ तो होना ही चाहिए। जब भी कोई टेंशन हो तो दोस्तों के साथ जाओ और कुछ खा पी लो और टेंशन चला जाता है।  

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6. सवाल: रास्तों पर चलते हुए सबसे खुशी की बात आपको क्या लगती है? 

जवाब: 

हमेशा मदद मिलती है और कई बार तो अंजान लोग भी दोस्त बन जाते हैं। यही खुशी की बात है कि रास्ते चलते हुए कई लोग कहते हैं कि मैडम आपके साथ चाय पीनी है आप प्रेरणा हैं।  

7. सवाल: क्या आप कोई मैसेज देना चाहेंगी हमारी व्यूअर्स को? 

जवाब: 

वो महिलाएं जो डरती हैं, वो कोशिश करें, आगे बढ़ें, पहला कदम तो बढ़ाएं, कोशिश करने से बहुत ज्यादा सफलता मिलती है। वो महिलाएं जिन्होंने अपनी ही जिंदगी में कोई बाउंड्री बना ली है। वो महिलाएं आगे बढ़ें और अपनी बाउंड्री को तोड़ें। आपको पॉजिटिव सोच बनाकर रखना है और आप आगे बढ़ते चले जाएंगे। अगर आप रास्ते से चल रहे हैं और किसी ने गाली दी तो उसे खुद से टच मत होने दीजिए। सिर्फ पॉजिटिव सोच ही बनाए रखें तभी ऊंचाइयों को आप पाएंगी।  

रास्ते की कठिनाइयों को रास्ते पर ही रहने दें, हर बात को अपने दिल पर लेना जरूरी नहीं होता है। इसी के साथ, योगिता जी ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई दी है।  

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