आज के दौर में सोशल मीडिया प्रेजेंस बहुत जरूरी है और इसके लिए लोग काफी मेहनत भी करते हैं। अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल को चमकाने के लिए कई बार प्रोफाइल फोटो बदलते हैं, कई स्टेटस शेयर करते हैं और किसी न किसी तरह से एक्टिव रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया प्रेजेंस बढ़ाने के लिए फेक प्रोफाइल और फेक फॉलोवर्स तक का सहारा लेते हैं।

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसे बॉलीवुड सेलेब्स से फेक फॉलोवर्स को लेकर मुंबई पुलिस पूछताछ करने को तैयार है। रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई ज्वाइंट कमिशनर ऑफ पुलिस विनय कुमार चौबे ने अपने एक स्टेटमेंट में कहा है कि उन लोगों ने 54 फर्म्स का पता लगाया है जो इस रैकेट से जुड़ी हुई हैं।

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इस केस की पूछताछ के लिए SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) बनाई गई है जिसमें साइबर सेल को भी जोड़ा गया है। इंस्टाग्राम अकाउंट में फेक फॉलोवर्स से जुड़े इस केस में कई चर्चित सेलेब्स से पूछताछ की जाएगी। इसमें सिर्फ फेक फॉलोवर्स ही नहीं बल्कि फेक प्रोफाइल बनाने वाले लोग भी शामिल हैं और ये केस काफी हाई प्रोफाइल है। ये सिर्फ बॉलीवुड सेलेब्स ही नहीं बल्कि स्पोर्ट्स पर्सन और अलग-अलग फील्ड के सेलेब्स से जुड़ा हुआ है।

कैसे सामने आया ये मामला-

कुछ दिनों पहले बॉलीवुड सिंगर भूमि त्रिवेदी ने इसे लेकर मुंबई पुलिस में शिकायत की थी कि उनके नाम से किसी ने फेक प्रोफाइल बनाई है। इस फेक प्रोफाइल के जरिए वो बहरूपिया लोगों से चैट भी कर रहा था और उस चैट के स्क्रीन शॉट्स लेकर लोगों के साथ शेयर भी कर रहा था ताकि उसके फॉलोवर्स बढ़ें।

इसके बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और अभिषेक दिनेश दौड़े नाम के एक इंसान को गिरफ्तार किया जो सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल्स बनाता है। एक फॉरेन सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी www.followerskart.com पर जांच की जा रही है। गौरतलब है कि इसी सोशल मीडिया मार्केटिंग कंपनी से अभिषेक जुड़ा हुआ था।

मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि 176 हाई प्रोफाइल लोग जिनमें बॉलीवुड सेलेब्स, स्पोर्ट्स पर्सन आदि शामिल हैं उन्होंने पैसे देकर इंस्टाग्राम पर फेक फॉलोवर्स इकट्ठा किए हैं।

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क्या है एक्सपर्ट की राय-

इस मामले में हमने साइबर पीस फाउंडेशन के साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन से बात की। रक्षित जी ने इस बारे में विस्तार से हमें बताया कि आखिर फेक फॉलोवर्स की प्रैक्टिसेस असल में क्या हैं। रक्षित जी का कहना है कि, 'फेक फॉलोवर्स और फेक प्रोफाइल से जुड़ी प्रैक्टिसेस पहले भी होती आई हैं। जब इंस्टाग्राम नहीं था तब फेसबुक पर लोग ऐसा करते थे। ये पहली बार है कि सेलेब्स का नाम इसमें लिया जा रहा है। हो सकता है कि वो लोग निर्दोष हों क्योंकि कई बार सोशल मीडिया मार्केटिंग के नाम पर आईटी कंपनियां ऐसे काम करती हैं। सेलेब्स को ये पता भी नहीं होगा, लेकिन आईटी कंपनियां SEO (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) का इस्तेमाल कर फॉलोवर्स के नंबर बढ़ाती हैं।'

rakshit tandon cyber security expert

'इनसे किसी का फायदा या नुकसान बहुत ज्यादा नहीं होता है, लेकिन किसी की साइबर स्पेस प्रेजेंस ज्यादा दिखने लगती है। एक तरह से देखा जाए तो फेक प्रोफाइल और फेक फॉलोवर्स का पता लगाने का कोई ठोस तरीका नहीं है। जिस तरह से फेसबुक आदि के विज्ञापन 'पे पर क्लिक' धारणा पर चलते हैं वैसे ही सोशल मीडिया मार्केटिंग की आड़ में फेक प्रोफाइल्स बनाई जाती हैं और फेक फॉलोवर्स इकट्ठे किए जाते हैं।'



साइबर क्राइम और इससे जुड़े नियमों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेमिनार दे चुके रक्षित जी कहते हैं, 'ये गलत है लेकिन अभी शुरुआती दौर में इसपर कमेंट करने को ज्यादा कुछ नहीं है क्योंकि साइबर सेल की जांच जारी है।'

बहरहाल, हम भी इस मामले पर निगरानी रखेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।