कहते हैं कि एक बार अगर किसी इंसान के मुंह से कोई बात निकल गई तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता। ये सही भी है, अगर हमने किसी के बारे में कुछ गलत बोला है तो ये भी हो सकता है कि वो इंसान इसे जिंदगी भर याद रखे। सोशल मीडिया के जमाने में हमने ये बात सच होती देख ली है कि यकीनन बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिनके सालों पुराने वीडियोज ट्रेंड करते हैं और उन्हें उसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। यही हाल रणदीप हुड्डा का भी हुआ है। 

एक्टर रणदीप हुड्डा को यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन फॉर कन्जर्वेशन ऑफ माइग्रेटोरी स्पीसीज ऑफ वाइल्ड एनिमल्स (CMS) के ब्रांड अम्बैसेडर के पद से इसलिए हटा दिया गया है क्योंकि 2012 का उनका एक वीडियो वायरल हो गया था। इस वीडियो में रणदीप हुड्डा बहुजन समाज पार्टी की चीफ मायावति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। 

2012 की इस 43 सेकंड की क्लिप में अश्लील जोक कहते हुए रणदीप हुड्डा ने जिस तरह की टिप्पणी की थी वो किसी भी महिला के लिए गलत थी। रणदीप हुड्डा को ब्रांड अमबैसेडर के पद से हटाने का नोटिस CMS ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दिया था। रणदीप हुड्डा को फरवरी 2020 में CMS का अम्बैसेडर बनाया गया था। 

 

जब से ये स्टेटमेंट और वीडियो सामने आया है ट्विटर पर वो ट्रेंड करने लगे हैं और इसके कारण उन्हें कई लोगों का गुस्सा भी झेलना पड़ रहा है। ट्विटर पर #ArrestRandeepHooda भी ट्रेंड कर रहा है।  

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कई एक्टर्स ने किया रणदीप हुड्डा के कमेंट का विरोध- 

इस वायरल वीडियो को देखने के बाद कई एक्टर्स भी सामने आए हैं। एक्ट्रेस रिचा चड्ढा ने रणदीप हुड्डा के इस कमेंट को लेकर अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट भी किया है। उन्होंने लिखा है कि, 'ये जोक मू्र्ख, सेक्सिस्ट और टेस्टलेस है।' इतना ही नहीं उन्होंने आगे इस बारे में बात करते हुए एक और ट्वीट की है, 'और हां ये जातिवादी भी है। साथ ही कृप्या बताएं कि आप सिर्फ महिलाओं को ही पुरुषों से माफी मांगने के लिए कहते हैं जब्कि आप सेक्सिज्म को बढ़ावा देते हैं।' 

richa randeep roq

रणदीप हुड्डा का ये वीडियो कई सवालों को जन्म देता है। ये बताता है कि आखिर कैसे किसी भी इंसान के लिए किसी महिला पर टिप्पणी करना आसान और आम माना जाता है जो बिलकुल गलत है। रणदीप हुड्डा का ये बयान कि उनके लिए किसी भी महिला को लेकर मज़ाक करना बहुत ही आसान है।  

पुरुषों के लिए इतना आसान क्यों है महिलाओं पर जोक बनाना? 

ये सवाल शायद कई लोगों ने नजरअंदाज़ किया है, लेकिन वाकई पुरुषों के लिए इतना आसान होता है कि वो महिलाओं के बारे में कुछ भी कह दें और इसे मज़ाकिया तौर पर लिया जाए। आपको शायद याद होगा कि कुछ समय पहले सांसद आज़म खान ने जया प्रदा की पैंटी से लेकर संसद की स्पीकर की आंखों तक पर कमेंट कर दिया था। क्रिकेटर हार्दिक पंड्या ने करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' पर जाकर महिलाओं के बारे में अभद्र टिप्पणियां की थीं। ऐसे कई उदाहरण हमें आए दिन देखने को मिलते हैं।  

सेलेब्स की छोड़िए आपके घर के आस-पास यहां तक कि घर के अंदर भी पुरुषों के मुंह से कितनी ही बार ऐसे कमेंट्स सुने होंगे। महिलाओं के कपड़ों, चाल-ढाल, शरीर, बनावट आदि सबपर न जाने क्या-क्या कहा जाता है। लोगों का सबसे फेवरेट डायलॉग ही होता है, 'हमने चूड़ियां नहीं पहन रखीं'। तो क्या इसे माना जाए कि महिलाओं की चूड़ियों को उनकी कमजोरी की निशानी मान बैठे हैं लोग? अगर ऐसा होता तो पुराणों में राक्षस महिषासुर को मारने के लिए भला दुर्गा शक्ति को क्यों आना पड़ता? 

randeep hooda mayawati

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एक बात को साफ है कि जिस तरह का कमेंट रणदीप हुड्डा ने किया था वो सही नहीं है। पर ये सिर्फ रणदीप हु्ड्डा की बात नहीं है बल्कि उन सभी पुरुषों की बात है जो अपनी गालियों से लेकर अपने चुटकुलों तक में महिलाओं को निशाना बनाते हैं।  

उम्मीद है कि कोई तो ऐसा दिन आएगा जब इस तरह की बयानबाज़ी को लेकर कुछ ठोस कानून बनाए जाएंगे और साथ ही ऐसा बोलने वाले को खुद उसकी गलती का अहसास होगा।  

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