UTI After Menopause: मेनोपॉज के बाद बार-बार यूरिन इंफेक्शन क्यों होता है? एक्सपर्ट से समझें पूरी बात

मेनोपॉज यानी पीरियड्स का बंद होना। आमतौर पर 45-55 साल के बीच हर महिला की जिंदगी में यह वक्त आता है। पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के समय महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनका असर मेनोपॉज के बाद भी बना रहता है। इस समय पर होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण महिलाओं की बोन हेल्थ, स्किन और इंटिमेट हेल्थ के साथ यूरिनरी हेल्थ भी प्रभावित होती है। मेनोपॉज के बाद कुछ महिलाओं को बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की समस्या होने लगती है। पेशाब करते समय जलन, बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं। आखिर क्यों मेनोपॉज के बाद यूटीआई का खतरा क्यों बढ़ जाता है? क्या इससे बचाव संभव है? चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से समझते हैं। यह जानकारी डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS, Health and Wellness Expert) दे रही हैं।
मेनोपॉज के बाद बार-बार UTI क्यों होता है?
1. एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होना
मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का लेवल कम हो जाता है। इस हार्मोन के लेवल में कमी आने पर महिलाओं की इंटिमेट हेल्थ सीधे तौर पर प्रभावित होती है। इस हार्मोन की कमी के कारण वजाइना और यूरिनरी ट्रैक्ट के टिश्यूज पर असर होता है, जिससे बैक्टीरिया के पनपने और यूरिन इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
2.वजाइना के बैक्टीरिया में बदलाव
मेनोपॉज के दौरान वजाइना में मौजूद कुछ अच्छे बैक्टीरिया में बदलाव होने लगता है। असल में ये गुड बैक्टीरिया, बैड बैक्टीरिया से सुरक्षा देने में मदद करते हैं। एस्ट्रोजन कम होने पर इन बैक्टीरिया का संतुलन बदल सकता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
3. ब्लैडर का पूरी तरह खाली न होना
कुछ महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ ब्लैडर को पूरी तरह खाली करने में परेशानी हो सकती है। खासकर मेनोपॉज के बाद ऐसा अधिक होता है। ऐसे में यूटीआई का जोखिम बढ़ सकता है। 50 की उम्र पार करने के बाद कई महिलाओं को डायबिटीज हो जाती है और इसके चलते भी यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।
UTI के कौन-से लक्षण नजर आते हैं?
मेनोपॉज के बाद यूरिन इंफेक्शन होने पर आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
- यूरिन करते समय जलन या दर्द होना।
- बार-बार यूरिन आने की इच्छा होना।
- अचानक तेज यूरिन लगना।
- यूरिन का धुंधला दिखना या उसमें खून आना।
- पेट के निचले हिस्से में दर्द या दबाव महसूस होना।
- कुछ मामलों में यूरिन की गंध में बदलाव आना।
डॉक्टर सोनू का कहना है कि मेनोपॉज के बाद वजाइना में ड्राईनेस बढ़ जाती है। ऐसे में वजाइना में ड्राईनेस, जलन और बार-बार यूरिन लगने जैसे कुछ लक्षण मेनोपॉज से जुड़े बदलावों के कारण भी हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
मेनोपॉज के बाद UTI से बचाव कैसे करें?
1. पर्याप्त पानी पिएं- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से यूरिन खुलकर आता है और यूटीआई का खतरा कम होता है। हालांकि, अगर किडनी की बीमारी या किसी अन्य हेल्थ कंडीशन के चलते आपको डॉक्टर ने पानी कम पीने की सलाह दी है, तो इसका ध्यान रखें।
2. यूरिन न रोकें- लंबे समय तक पेशाब रोककर रखने से बचें और ब्लैडर को आराम से पूरी तरह खाली करने की कोशिश करें।
3. इंटिमेट हाइजीन का ध्यान रखें- टॉयलेट के बाद आगे से पीछे की ओर साफ करें। प्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए तेज खुशबू वाले वॉश का इस्तेमाल न करें।
3. खुद से एंटीबायोटिक न लें- बार-बार संक्रमण होने पर डॉक्टर से जांच कराएं। ओवर-द-काउंटर मेडिसिन न लें।
यह भी पढ़ें- मेनोपॉज में खुद से ही परेशान क्यों रहने लगती हैं महिलाएं? समझें मूड और हार्मोन्स का कनेक्शन
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
- सबसे पहले तो यह समझिए कि मेनोपॉज के बाद बार-बार यूटीआई होने का मतलब सिर्फ हाइजीन की कमी नहीं है। यह हार्मोनल बदलावों के कारण हो सकता है।
- अगर यूटीआई बार-बार हो रहा है और लक्षण ठीक नहीं हो रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
यह भी पढ़ें- महिलाएं ध्यान दें! मेनोपॉज शुरू होते ही शरीर में आ सकते हैं ये बड़े बदलाव
हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit:Freepik, Shuttersotck
- बार-बार UTI होने पर कौन-से टेस्ट कराने चाहिए?
- डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर यूरिन टेस्ट या यूरिन कल्चर कराने की सलाह दे सकते हैं।
- क्या पर्याप्त पानी पीने से UTI से बचा जा सकता है?
- पर्याप्त पानी पीना यूरिनरी हेल्थ के लिए अच्छा है और शरीर में पानी की कमी से बचाता है। हालांकि, केवल पानी पीने से बार-बार होने वाले UTI को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं है।
- मेनोपॉज के बाद बार-बार UTI होने पर क्या घरेलू उपाय पर्याप्त हैं?
- नहीं, घरेलू उपाय बार-बार होने वाले UTI के इलाज का विकल्प नहीं हैं। पर्याप्त पानी पीना और पेशाब न रोकना मददगार हो सकता है, लेकिन संक्रमण होने पर डॉक्टर की जांच और जरूरत के अनुसार दवाएं जरूरी हो सकती हैं।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।