फेवरेट मग में चाय पीने से क्यों मिलता है अलग सुकून? जानिए इसके पीछे का साइंस

हम सभी के पास कप या मग ऐसा जरूर होता है, जो शायद थोड़ा पुराना हो या उसका रंग फीका पड़ गया हो, लेकिन चाय पीते समय हमारा हाथ सबसे पहले उसी पर जाता है। क्या आपने कभी सोचा है कि उस खास मग में चाय पीने से मन को इतना सुकून और शांति क्यों मिलती है? यह सिर्फ आपकी कोई साधारण आदत नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है। ऐसे में इसके बारे में पता होना जरूरी है। इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...
कोई एक मग ही क्यों होता है फेवरेट?
University of Chicago Press Journals की रिसर्च के मुताबिक, एंडोमेंट इफेक्ट (मनोविज्ञान में एक बेहद मशहूर अवधारणा है, जिसमें लोग किसी वस्तु को केवल इसलिए अधिक महत्व देते हैं क्योंकि वह वस्तु उनके पास होती है।) इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है। जैसे ही कोई वस्तु हमारी अपनी बन जाती है, हमारा दिमाग उसके महत्व को सामान्य से कहीं ज्यादा मानने लगता है। आपका पसंदीदा मग सिर्फ एक बर्तन नहीं रहता, बल्कि वह आपकी पहचान का हिस्सा बन जाता है। यही कारण है कि उसमें चाय पीने का अहसास किसी नए या महंगे कप से हमेशा बेहतर लगता है।
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फेवरेट मग को बदलने पर क्यों महसूस होती है अजीब सी बेचैनी?
बता दें कि एक नया मग दिखने में कितना भी सुंदर क्यों न हो, वह हमारे लिए एकदम जीरो से शुरुआत करता है। उसके साथ न तो आपकी कोई याद जुड़ी होती है और न ही आपके हाथों को उसे पकड़ने की आदत होती है। ऐसे में पुराना मग इस्तेमाल करना कोई जिद या सिर्फ भावुकता नहीं है। यह इंसान के दिमाग की वह मनोवैज्ञानिक बुनावट है, जो रोज सुबह एक साधारण से सिरेमिक कप को हमारे लिए अमूल्य बना देती है।
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दिमाग के हार्मोन्स होते हैं ट्रिगर
एक्सपर्ट का मानना है कि अपने पसंदीदा मग में चाय या कॉफी पीना मानसिक शांति दे सकता है। पसंदीदा मग का स्पर्श और उसकी गर्माहट दिमाग में डोपामाइन जैसे 'फील-गुड' हार्मोन्स को ट्रिगर करती है। यह जानी-पहचानी दिनचर्या हमारे मूड को तुरंत बेहतर बनाने और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती है।"

आसान शब्दों में कहें तो, किसी खास मग में चाय या कॉफी पीना सिर्फ हमारी सहूलियत या भावुकता से जुड़ा मामला नहीं है। यह हमारे दिमाग की एक गहरी मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। यही कारण है कि नए से नए और महंगे कप के आने के बाद भी, वही पुराना मग हमारे रोज के जीवन में सुकून और मानसिक शांति का सबसे बड़ा जरिया बना रहता है।
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