Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:10 PM IST

ओवरथिंकिंग कब बन जाती है एंग्जायटी? एक्सपर्ट से समझें

क्या मुझे एंग्जायटी है या मैं ओवरथिंकिंग कर रही हूं? अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो चलिए एक्सपर्ट से समझते हैं कि आखिर ओवरथिंकिंग कब एंग्जायटी बन जाती है और किन लक्षणों को आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।    
Updated:- 2026-07-18, 16:13 IST
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तनाव...डिप्रेशन...ओवरथिंकिंग और एंग्जायटी, इन सभी का सीधा संबंध हमारी मेंटल हेल्थ से होता है। आज के वक्त में फिजिकल हेल्थ से कहीं ज्यादा लोगों की मेंटल हेल्थ खराब है, लेकिन इसे लेकर जागरुकता की अभी भी कमी है। हम सभी अपने आज, आने वाले कल और गुजरे हुए वक्त के बारे में सोचते हैं, लेकिन कई बार ये सोच ओवरथिंकिंग में बदल जाती है। करियर, रिलेशनशिप, काम का प्रेशर और गलत फैसलों समेत कई वजहों से हम ओवरथिंकिंग करने लगते हैं और फिर कब ये एंग्जायटी में बदल जाती है, हमें खुद पता नहीं चलता है। आखिर ओवरथिंकिंग कब एंग्जायटी बन जाती है और किन लक्षणों को हमें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, चलिए इसका जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में हार्मोन, गट और मेंटल हेल्थ कोच मनप्रीत जानकारी दे रही हैं।

ओवरथिंकिंग कब बन जाती है एंग्जायटी?

  • अक्सर लोगों को लगता है कि ओवरथिंकिंग और एंग्जायटी एक ही है, लेकिन ऐसा नहीं है। ओवरथिंकिंग को आप एंग्जायटी का एक हिस्सा कह सकते हैं, लेकिन इसे एंग्जायटी नहीं कहा जा सकता है।
  • अगर आप सोच रही हैं कि 'अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा?' या 'अगर ऐसा नहीं हो पाया, तो क्या सब खत्म हो जाएगा?', तो इसे ओवरथिंकिंग कहा जा सकता है, लेकिन यह घबराहट या एंग्जायटी में तब बदलने लगती है, जब आपकी सोच, आपके विचार किसी हल पर रुकने के बजाय लगातार 'बुरे रिजल्ट' के साइकिल में फंस जाते हैं और आपके डेली रूटीन और मेंटल हेल्थ को प्रभावित करने लगते हैं ।

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when does overthinking become anxiety

  • एंग्जायटी शरीर और मन की एक ऐसी अवस्था है, जिसमें आपको आपके पूरे सिस्टम में एक बेचैनी महसूस होती है। ओवरथिंकिंग इसका बस एक हिस्सा है।
  • कई बार ओवरथिकिंग में जब आप सभी विचारों को मन के अंदर रखती हैं, अपने इमोशंस या डर को जाहिर नहीं कर पाती हैं, तो ये आपके दिमाग के अंदर इकट्ठा होने लगते हैं और आपको एंग्जायटी महसूस होती है।

overthinking and anxiety difference

  • ओवरथिंकिंग कई बार कुछ लोगों की आदत में शुमार हो सकती है और कई बार ये मेंटल हेल्थ पर बुरा असर नहीं डालती है,
  • वहीं एंग्जायटी शरीर की एक भावनात्मक और शारीरिक प्रतिक्रिया है, जो दिमाग से शुरू होकर पूरे शरीर पर असर करती है। इसमें हाथ-पैर कांपना, दिल की धड़कन तेज होना, नींद आने में मुश्किल और पेट या सीने में बेचैनी महसूस हो सकती है।
  • अगर आप क्रॉनिक स्ट्रेस में हैं और आपको अक्सर एंग्जायटी महसूस होती है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

 

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