गुड न्यूज कब दोगी? ऐसे सवालों का महिलाओं की मेंटल हेल्थ पर क्या असर होता है?

...और फिर गुड न्यूज कब सुना रही हो? शादीशुदा महिलाओं से अक्सर यह सवाल पूछ लिया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है लगातार इस तरह के सवालों का उनकी मेंटल हेल्थ पर क्या असर होता है?
Updated:- 2026-07-27, 20:10 IST
image

"शादी के बाद चेहरा चमक रहा है...अब बस जल्दी से गुड न्यूज और सुना दो..."
"1 साल हो गया शादी को...गुड न्यूज कब सुना रही हो?"


शादी के बाद अक्सर महिलाओं को इन सवालों से दो चार होना पड़ता है। अगर शादी को ज्यादा वक्त बीत गया हो, तो मानो हर दूसरा इंसान इन सवालों को पूछने को लिए तैयार ही रहता है। जो लोग इस तरह के सवाल पूछते हैं, उन्हें बेशक ये सामान्य लगता है, लेकिन महिलाओं की मेंटल हेल्थ पर इनका गहरा असर पड़ता है। कंसीव करने का प्रेशर और लगातार पूछे जाने वाले ये सवाल कैसे महिलाओं की मेंटल हेल्थ को प्रभावित करते हैं? चलिए इसका जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं। यह जानकारी Dr. Madhavi Reddy Vennapusa, Sr. Consultant Obstetrician and Gynaecologist, Yashoda Hospitals, Secunderabad दे रही हैं।

महिलाओं की मेंटल हेल्थ को कैसे प्रभावित करता है कंसीव करने का दबाव?

एंग्जायटी का हो सकती हैं शिकार

डॉक्टर माधवी का कहना है कि जब महिलाओं से लगातार इस तरह के सवाल पूछे जाते हैं, तो कहीं न कहीं उनके मन में कंसीव करने का प्रेशर पैदा हो जाता है। इसकी वजह से कई महिलाओं को एंग्जायटी, गिल्ट और दुख का एहसास होने लगता है।

खुद को आंकने लगती हैं कम

stress hormone

कई बार ऐसे सवालों के साथ उन्हें इस तरह के उदाहरण भी दिए जाते हैं कि कैसे उनकी उम्र की सारी महिलाएं मां बन चुकी हैं और वो अभी तक कंसीव नहीं कर पाई हैं। ऐसे में उनके मन में खुद को कम आंकने की भावना पैदा हो जाती है। उन्हें लगता है कि क्योंकि वो कंसीव नहीं कर पा रही हैं, इसका मतलब है उनमें कुछ कमी है।

अकेलापन हो सकता है महसूस

कुछ कपल्स कई कारणों से बेबी प्लान करने में देर करते हैं, तो कई बार कुछ हेल्थ कंडीशंस के कारण भी प्रेग्नेंट होने में मुश्किल आती है। ऐसे में लगातार इस तरह का दबाव और सामाजिक उम्मीदों के चलते महिलाओं को अकेलापन महसूस होने लगता है।

यह भी पढ़ें- 'कुछ नहीं हुआ, मैं ठीक हूं...', महिलाएं अपनी तकलीफ छिपाती क्यों हैं? जानिए साइकोलॉजी

बढ़ने लगता है स्ट्रेस लेवल

mental health self care

जब इस तरह के सवाल लगातार पूछे जाते हैं, तो महिलाओं का स्ट्रेस लेवल बढ़ने लगता है। ऐसे में शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) बढ़ जाता है और हार्मोनल इंबैलेंस के कारण कंसीव करना और मुश्किल हो जाता है।

 

यह भी पढ़ें- ओवरथिंकिंग कब बन जाती है एंग्जायटी? एक्सपर्ट से समझें


हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं, हेल्दी खान-पान और मेंटल हेल्थ के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit:Freepik, Shuttersotck

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।