NEET या UPSC नहीं, ये है दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा; पास होने का चांस 0.1% से भी कम

Which exam is most difficult in the world: हर साल भारत में तमाम प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कराई जाती है, जिसमें अगर कठिन परीक्षा की बात करें वह है नीट और यूपीएससी का है। अब ऐसे में अगर कोई हमसे सवाल पूछ लें कि कौन सा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा है, तो यकीनन हमारा जवाब NEET या UPSC होगा, लेकिन आपको जानकर थोड़ी हैरानी होगी कि ये दोनों परीक्षा दूर-दूर तक इसमें नहीं शामिल है। बता दें कि यह दुनिया की ऐसी परीक्षा है जिसे पास करना लगभग नामुमकिन है। अब आप सोच रही होंगी कि ऐसा तो हो ही नहीं सकता है कि कोई भी इस एग्जाम को पास नहीं करता पाता है। रुकिए बता दें कि इस परीक्षा को पास करने की दर 0.1% से भी कम है। चलिए इस लेख में जानिए कौन है दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा-
दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा कौन सी है?

पहला सवाल कि आखिर दुनिया की सबसे कठिन परीक्षा कौन सी है। बता दें कि कई विशेषज्ञों और रिपोर्टों के अनुसार, चीन में होने वाली गाओकाओ परीक्षा को सबसे मुश्किल माना जाता है। दूसरी बात हम सभी ने हमेशा सुना और देखा है कि अधिकतर परीक्षा की समय अवधि 3 घंटे होती है, लेकिन आपको बता दें कि यह दो तीन या चार नहीं बल्कि दो से तीन दिनों तक चलती है। कुछ मामलों में तो छात्र 10 घंटे तक परीक्षा देते हैं। इसमें चीनी भाषा, गणित, विदेशी भाषा और अन्य तीन वैकल्पिक विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
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गाओकाओ परीक्षा क्या है?
अब दूसरा सवाल आता है गाओकाओ परीक्षा क्या है? बता दें कि यह नौकरी पाने नहीं बल्कि चीन की राष्ट्रीय विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा है। इस परीक्षा में हर साल लगभग 1 करोड़ से अधिक छात्रों द्वारा दी जाती है, लेकिन कुछ हजार ही छात्र इसे पास कर पाते हैं।
गाओकाओ परीक्षा में सबसे ज्यादा स्कोर किस छात्र के पास है?

तीसरा सवाल कि गाओकाओ परीक्षा में सबसे ज्यादा स्कोर अब तक किस छात्र ने हासिल किए है। साल 2000 में, हे बियु छात्र ने 14 वर्ष की आयु में इस परीक्षा में 750 अंक हासिल किए। इसके बाद वह सबसे ज्यादा अंक प्राप्त वाला स्टूडेंट बन गया। इसके बाद उसने त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी में अध्ययन किया, जहां विभिन्न विषयों के लिए मानक स्कोर 650 से 676 के बीच होता है।
पहली बार गाओकाओ परीक्षा कब हुई थी?
साल 1952 में पहली बार गाओकाओ शुरू हुई थी, लेकिन सांस्कृतिक क्रांति के दौरान इसे बंद कर दिया गया था। हालांकि साल 1977 में इसे दोबारा से शुरू किया गया था।
भारत की कठिन परीक्षा कौन सी है?

अगर बात हम भारत के कठिन परीक्षा की करें, तो बता दें कि आम तौर पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य कठिन परीक्षाओं में IIT JEE Advanced, NEET, GATE, CAT, और CA परीक्षा शामिल हैं।
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- पहली बार गाओकाओ परीक्षा कब हुई थी?
- साल 1952 में पहली बार गाओकाओ शुरू हुई थी
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