भारत नहीं विदेश में है भगवान शिव की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति, इस तरह जाएं दर्शन करने

भारत में भगवान शिव की ऐसी कई मूर्तियां हैं जिसे आप दूर सकते हैं। यहां दर्शन के लिए हर साल हजारों लोग जाते हैं। अक्सर लोग इन मंदिरों में जाकर भगवान शिव की मूर्ति के साथ तस्वीरें लेकर सोशल मीडिया पर डालते हैं। लेकिन बहुत कम लोग है, तो जो भगवान शिव की इस विदेश में स्थित मूर्ति के बारे में जानते हैं।
भोले बाबा की यह मूर्ति पूरी दुनिया में दूसरी सबसे ऊंची मूर्ति है। लेकिन इस मूर्ति को देश में नहीं बल्कि विदेश में बनाया गया है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस मूर्ति के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
कहां स्थित है है भगवान शिव की दूसरी सबसे बड़ी मूर्ति
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यह मूर्ति भारत और नेपाल बॉर्डर पर एक गांव में बनाई गई है। इस मूर्ति को बनाने में पत्थर नहीं बल्कि तांबा, जस्ता, कंक्रीट और स्टील का प्रयोग किया गया है। ऐसी ही एक मूर्ति तमिलनाडु के कोयंबटूर में बनाई गई है, जिसे पूरी तरह से स्टील से बनाया गया है। (दिल्ली से हो रही है IRCTC के इन पैकेज की शुरुआत)
नेपाल बॉर्डर पर बने भगवान शिव की मूर्ति कैलाशनाथ महादेव के नाम से जाना जाता है। यह मूर्ति गांव सांगा में बनाई गई है। यह मूर्ति 144 फीट ऊंची है। भगवान शिव की यह मूर्ति साल 2004 से साल 2011 में बनकर तैयार हुई थी।
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कैसे जाएं भगवान शिव के दर्शन के लिए

- अगर आप भगवान शिव की इस प्रतिमा के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो कम बजट में ट्रिप पूरा कर सकते हैं।
- आप ट्रेन के जरिए नेपाल जा सकते हैं। अगर आप बजट कम है, तो ट्रेन से जाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। (IRCTC से Tour Package कैसे बुक करें)
- आपको अब नेपाल जाने के लिए वीजा लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि पिछले साल ही नेपाल सरकार ने भारतीयों के लिए वीजा और पासपोर्ट की जरूरत को खत्म कर दिया है।
- ध्यान रखें की यहां जाने के लिए आप आधार कार्ड का प्रयोग नहीं कर सकते। नेपाल में यह मान्य नहीं है, इसलिए आप ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड या पैन कार्ड साथ ले जा सकते हैं।
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- अगर आप बच्चों को साथ लेकर जा रहे हैं और उनके पास ऐसे प्रूफ नहीं है, तो इसके लिए आप जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल के आईडी कार्ड ले सकते हैं।
- नेपाल में आप निजी कैब लेने की बजाय सरकारी बस या रिक्शा से ट्रैवल करें।
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Image Credit- Freepik, Nepal Tourism Hub
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