Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:20 AM IST

नारनौल का धोसी पहाड़ क्यों है इतना फेमस, जानें इसके बारे में सब कुछ

हरियाणा में पहला रोपवे इसी जगह पर बनने जा रहा है, अब हरियाणा वासियों को पहाड़ और रोपवे का मजा लेने के लिए शहर से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।   
Updated:- 2024-01-02, 13:21 IST
why narnaul dhosi hill station famous

हरियाणा को भी एक अच्छा पर्यटन स्थल घोषित करने के लिए कई तरह के कार्य किए जा रहे हैं। हरियाणा में रहने वाले बहुत कम लोग हैं, जो हरियाणा के बेहतरील हिल स्टेशन के बारे में जानते हैं। अक्सर देखा जाता है कि वह पहाड़ों पर घूमने के लिए लंबे ट्रिप का प्लान बनाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि हरियाणा में ऐसी कोई जगह नहीं है।

लेकिन अब आपको आपको ऐसा  सोचने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है, क्योंकि हरियाणा के नारनौल में एक ऐसी जगह है, जहां आप अपने दोस्तों के साथ घूमने जा सकते हैं। 

कहां है यह जगह 

narnaul dhosi hill station famous

महेंद्रगढ़ जिले केनारनौल में आपको ढोसी पहाड़ देखने को मिलेगा। नारनौल से 4 किमी की यात्रा के बाद आप यहां पहुंच सकते हैं। यह हरियाणा में सबसे सबसे ऊंची पहाड़ी है, जिसकी ऊंचाई 740 मीटर है। (जनवरी में फैमिली संग जाए यहां)

इस पहाड़ की सबसे ज्यादा खासियत यह है कि यह हरियाणा-राजस्थान से लगता हुआ है। इसके एक तरफ हरियाणा है और दूसरी तरफ राजस्थान। यहां एक खूबसूरत तालाब भी है, जहां आप शांति से बैठ सकते हैं। 

इसे भी पढ़ें- इन 5 आसान तरीकों से ट्रेकिंग के लिए खुद को करें तैयार


धोसी पहाड़ी का इतिहास

narnaul dhosi hill station

इस पहाड़ का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ माना जाता है। इसकी उत्पत्ति त्रेता युग में मानी जाती है। माना जाता है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान यहां कुछ समय बिताया था। (साल 2024 में घूमने के लिए अच्छी जगह)

इस पहाड़ी के पास ही धुंसरा गांव है। इस जगह को वैदिक काल के ऋषि च्यवन की तपोस्थली भी माना जाता है। कहा जाता है कि उन्होंने ही सबसे पहले च्यवनप्राश बनाया था।

इसे भी पढ़ें- दोस्तों के साथ यहां रात में ट्रैकिंग करने का अलग है मजा, आप भी बनाएं भारत के इन 5 जगहों पर घूमने का प्लान

धोसी पहाड़ी में ले सकेंगे रोपवे का मजा

अब ढोसी हिल्स पर जाने वाले लोगों को रोपवे पर जाने का भी मौका मिलेगा। इस रोप वे की करीब 870 मीटर लंबाई  तय हुई है। लगभग 40 करोड़ रुपए के बजट में यह बनकर तैयार होगा। शिमला या किसी अन्य हिल स्टेशन की तरह ढोसी की पहाड़ियों  को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। 

रोप-वे को स्वीडन से आयातित तकनीक के हिसाब से बनाया जाएगा। इसकी तार स्टील की होगी, ताकि इसे मजबूती मिले। यह पूरी तरह सुरक्षित होगा। साथ ही, यह तार भी विदेश से ही मंगवाई जाएगी।

अगर हमारी स्टोरी से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के ऊपर दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे।

साथ ही आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

Image Credit-  Freepik, Insta

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।