बांके बिहारी के 'झूला उत्सव' में क्या है खास, जानें साल में एक बार क्यों होता है इसका आयोजन?

भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन में सालभर में केवल एक बार 'झूला उत्सव' का आयोजन होता है। इस दौरान बांके बिहारी को खात तरह से सजाए गए झूले पर विराजमान कराया जाता है। झूला उत्सव के दौरान बांके बिहारी मंदिर में सामान्य दिनों में भी काफी भीड़ रहती है। आप भी अगर हरियाली तीज पर वृंदावन घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आपको इस मंदिर में दर्शन के लिए जरूर आना चाहिए। आज के इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि साल में केवल 1 बार ही क्यों यह झूला उत्सव मनाया जाता है।
साल में एक बार ही क्यों होता है झूला दर्शन?
वृंदावन के फेमस बांके बिहारी मंदिर में होने वाला झूला उत्सव हरियाली तीज का सबसे खास आकर्षण माना जाता है। इस दिन भगवान को सोने की झूले पर विराजमान किया जाता है ऐसा साल में केवल एक ही बार होता है। हर साल हिरयाली तीज के अवसर बांके बिहारी को सोने के झूले पर बिठाया जाता है। यही वजह है कि इस उत्सव को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं। इस दिन श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ झूला देखने का अवसर नहीं होता, बल्कि ठाकुर जी के खास श्रृंगार और खूबसूरत झूले पर बैठे हुए दर्शन करने का मौका मिलता

झूला उत्सव में क्या होता है?
मान्यता है कि सावन के मौसम में राधा-कृष्ण को झूला-झूलना पसंद था। यह मौसम उनका सबसे प्रिय मौसम था। इसलिए, मंदिर प्रशासन हर साल तीज के अवसर पर बांके बिहारी को सोने के झूले पर विराजमान करवाते हैं। पूरे साल आपको इस मंदिर में कभी भी बांगे बिहारी झूले पर बैठे हुए नजर नहीं आएंगे। इसी वजह से श्रद्धालु इस आयोजन का पूरे साल इंतजार करते हैं।
इसे भी पढ़ें- मथुरा-वृंदावन से लेकर दिल्ली तक, जानें हरियाली तीज पर कहां होने जा रहा है झूला उत्सव?
झूला उत्सव के दौरान क्या होता है?
- बांके बिहारी जी का आकर्षक श्रृंगार होता है, क्योंकि पूरे देश से भक्त यहां पहुंचते हैं।
- सावन में मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।
- भजन और जयकारों से मंदिर का वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
- ठाकुर जी का झूला भी रंग-बिरेंग फूलों और मोर के पंख से सजाया जाता है।
- मदिर में झूला दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
अगर आप भी सावन में वृंदावन जाने का प्लान बना रही हैं और हरियाली तीज के आसपास यात्रा कर रही हैं, तो यह आपके लिए एक खास धार्मिक अनुभव होगा। दर्शन के साथ आप मंदिरों के आस-पास स्थित अन्य स्थलों पर दर्शन करने जा सकती है।
इसे भी पढ़ें- Ujjain Travel: महाकाल दर्शन के बाद जरूर घूमें उज्जैन की ये 5 प्रसिद्ध जगहें
अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- magnific, bihari ji official website(www.bihariji.org)
- क्या हरियाली तीज पर बांके बिहारी मंदिर में ज्यादा भीड़ होती है?
- हां, हरियाली तीज पर विशेष झूला दर्शन होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए यात्रा पहले से प्लान करना बेहतर रहता है।
- क्या झूला उत्सव देखने के लिए वृंदावन जाना चाहिए?
- अगर आप धार्मिक आयोजनों और ब्रज की पारंपरिक संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो हरियाली तीज पर वृंदावन जाना खास अनुभव हो सकता है।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।