गांव का असली स्वाद अब आपके किचन में, बिना ओवन के बनाएं ये 5 लजीज मिठाइयां

गांव के पारंपरिक चूल्हे, माटी की सोंधी महक और धीमी आंच पर पकती मिठाइयों का स्वाद आज भी हर किसी के दिल के करीब होता है। अक्सर लोगों को लगता है कि वैसी स्वादिष्ट और पारंपरिक मिठाइयां बनाने के लिए महंगे ओवन या विशेष उपकरणों की जरूरत होती है। हालांकि, भारतीय रसोई की खासियत यही है कि यहां साधारण कड़ाही, पैन और भाप का इस्तेमाल करके भी मिठाइयां तैयार किए जा सकते हैं। अगर आप भी अपने घर में गांवका स्वाद और शुद्धता का आनंद लेना चाहती हैं, तो बिना ओवन के आसानी से बनने वाली इन 5 मिठाइयों को जरूर आजमाएं। जानते हैं इनके बारे में...
1. सूजी के बिस्किट (Suji Biscuits)
गांवों में चाय के साथ परोसे जाने वाले सूजी के कुरकुरे बिस्किट बिना ओवन के कड़ाही में बहुत ही खस्ता बनते हैं।
- सूजी: 1 कप
- गेहूं का आटा: 1/2 कप
- पिसी चीनी: 1/2 कप
- देसी घी (मोयन के लिए): 1/4 कप
- दूध: आटा गूंथने के लिए
- सौंफ और हरी इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच
सूजी के बिस्किट बनाने की विधि:
- सबसे पहले एक बर्तन में सूजी, आटा, पिसी चीनी, सौंफ और इलायची पाउडर को मिलाएं।
- अब इसमें देसी घी डालकर हाथों से अच्छी तरह मिला लें।
- दूध की मदद से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें और 10 मिनट के लिए रख दें।
- आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर बिस्किट का आकार दें हल्का कट लगाएं।
- एक भारी तले की कढ़ाई में नमक डालकर स्टैंड रखें और ढक्कन लगाकर 5 मिनट गरम करें।
- प्लेट में बिस्किट रखकर कढ़ाई के अंदर स्टैंड पर रखें और धीमी आंच पर 20 से 25 मिनट तक बेक करें।
2. नानखटाई (Nankhatai)
मुंह में घुल जाने वाली देसी स्वाद से भरपूर नानखटाई बनाने के लिए आपको ओवन की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
- मैदा: 1 कप
- बेसन: 2 चम्मच
- सूजी: 2 चम्मच
- देसी घी: 1/2 कप
- पिसी चीनी: 1/2 कप
- बेकिंग पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- कटे हुए पिस्ता और बादाम: गार्निशिंग के लिए
बनाने की विधि:
- सबसे पहले एक बाउल में देसी घी और पिसी चीनी को तब तक फेंटें जब तक वह हल्का और फ्लफी न हो जाए।
- अब इसमें मैदा, बेसन, सूजी और बेकिंग पाउडर छानकर मिलाएं और हल्का आटा गूंथ लें।
- छोटी-छोटी गोलियां बनाकर चपटा करें और ऊपर से कटे हुए मेवे लगाएं।
- कुकर या कड़ाही को नमक डालकर प्री-हीट करें।
- ग्रीस की हुई प्लेट में नानखटाई रखकर कुकर की सीटी और रबड़ हटाकर धीमी आंच पर 15-18 मिनट तक पकाएं।
3. देसी कड़ाही की कुल्हड़ फिरनी (Kulhad Phirni)
चावल और दूध के अनोखे मेल से बनने वाली यह मिठाई जब मिट्टी के कुल्हड़ में जमती है, तो इसका सोंधापन दोगुना हो जाता है।
- बासमती चावल (भीगे हुए): 1/4 कप
- फुल क्रीम दूध: 1 लीटर
- चीनी: 1/2 कप
- केसर के धागे: 8-10
- इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- बारीक कटे काजू, बादाम, पिस्ता: 2 चम्मच
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बनाने की विधि:
- सबसे पहले भीगे हुए चावलों को दरदरा पीस लें।
- कड़ाही में दूध को उबालें और फिर आंच धीमी करके पिसे हुए चावल मिला दें।
- मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि कड़ाही में गांठ न पड़े।
- जब चावल पूरी तरह पक जाएं, तब इसमें चीनी, केसर और इलायची पाउडर मिलाएं।
- मिश्रण के गाढ़ा होने पर गैस बंद करें और इसे मिट्टी के कुल्हड़ों में डालें।
- ऊपर से मेवे सजाकर फ्रिज में ठंडा होने रखें और परोसें।
खस्ता बालूशाही (Balushahi)
ऊपर से क्रिस्पी और अंदर से रसदार बालूशाही गांव के हर त्योहार की शान मानी जाती है।
- मैदा: 2 कप
- देसी घी: 1/2 कप
- दही: 1/4 कप
- बेकिंग सोडा: एक चुटकी
- चाशनी के लिए: 1.5 कप चीनी, 1 कप पानी, इलायची और केसर
खस्ता बालूशाही बनाने की विधि:
- सबसे पहले मैदे में बेकिंग सोडा, घी और दही डालकर हल्के हाथों से मिलाएं।
- पानी छिड़ककर केवल आटा इकट्ठा करें, गूंथें नहीं।
- आटे को 15 मिनट ढककर रखें।
- दूसरी तरफ चीनी और पानी को उबालकर एक तार की चाशनी तैयार कर लें।
- आटे की लोइयां बनाकर बीच में अंगूठे से छेद करें।
- कढ़ाई में घी या तेल हल्का गरम करें और धीमी आंच पर बालूशाही को सुनहरा होने तक तलें।
- तली हुई बालूशाही को चाशनी में 5-7 मिनट डुबोकर रखें और फिर निकाल लें।
मटका कस्टर्ड / रबड़ी (Matka Custard Rabri)
धीमी आंच पर कड़ाही में घंटों पकने वाली मलाईदार रबड़ी का स्वाद हर किसी को अपनी ओर खींचता है।
- फुल क्रीम दूध: 1.5 लीटर
- चीनी: 1/2 कप
- इलायची पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- कस्टर्ड पाउडर (ऐच्छिक स्वाद के लिए): 1 चम्मच (दूध में घुला)
- केसर और कतरन मेवे: सजावट के लिए
मटका कस्टर्ड बनाने की विधि:
- सबसे पहले भारी तले की कड़ाही या मिट्टी की कड़ाही में दूध उबलने के लिए रखें।
- जब दूध उबलने लगे तो आंच धीमी कर दें और किनारे पर जमने वाली मलाई को कड़ाही के किनारों पर चिपकाते रहें।
- जब दूध घटकर एक-तिहाई रह जाए, तो किनारे से सारी मलाई खुरचकर दूध में मिला दें।
- इसमें चीनी, इलायची पाउडर और केसर मिलाएं। यदि कस्टर्ड रबड़ी बना रहे हैं तो घुला हुआ कस्टर्ड डालकर 2 मिनट चलाएं।
- गैस बंद करके रबड़ी को मिट्टी के मटके में भरें और मेवों से सजाकर ठंडा-ठंडा परोसें।
निष्कर्ष
गांव के पारंपरिक व्यंजनों की सबसे बड़ी खासियत उनका सरल तरीका होता है। बिना किसी ओवन या उपकरणों के भी आप कड़ाही, मिट्टी के बर्तनों और भाप की मदद से अपनी रसोई में शुद्ध मिठास घोल सकती हैं।
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Images: magnific
- बिना ओवन कड़ाही में बेक करते समय नमक का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
- कड़ाही के तले में नमक डालने से आंच पूरे बर्तन में एक समान फैलती है, जिससे कड़ाही का तापमान ओवन की तरह स्थिर रहता है और बिस्किट या नानखटाई नीचे से जलने के बजाय बिल्कुल परफेक्ट बेक होती है।
- बालूशाही को खस्ता और परतदार बनाने का मुख्य राज क्या है?
- मैदे में घी, दही और बेकिंग सोडा मिलाने के बाद आटे को सामान्य आटे की तरह गूंथना नहीं चाहिए। पानी छिड़ककर केवल मैदे को एक साथ इकट्ठा किया जाता है, जिससे तलते समय उसमें खस्ता परतें बनती हैं।
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