Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:00 AM IST

क्यों खास है बनारस का खान-पान? जानिए यहां की फेमस डिशेज के नाम

बनारस अपने घाटों और मंदिरों के साथ-साथ अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी प्रसिद्ध है। ऐसे में यह लेख मलईयो, बाटी-चोखा, चाट और कचौड़ी-सब्जी जैसे बनारसी जायकों की जानकारी देता है।
By Sakhi Digital | Edited By Garima Garg
Updated:- 2026-08-18, 08:08 IST
varanasi street food i
Sakhi

सुबह बनारस की और शाम अवध की... दोनों उतनी ही मशहूर हैं, जितना बनारस का जायका। वैसे तो बनारस का नाम लेते ही सामने घाट, गंगा और प्राचीन मंदिरों की तस्वीरें आंखों में तैर जाती हैं। बता दें कि जितना सुंदर यहां का नजारा है, ठीक उतना ही स्वादिष्ट यहां का जायका है।

यहां मिलने वाले दही के साथ जलेबा का कॉम्बो हो, लौंग लता जैसी चाशनी में डूबी हुई मिठास हो या यहां का बनारसी पान, जिसके गुलकंद और कत्थे की महक शौकीनों के मुंह में पानी ला दे। इसके अलावा यहां की चटकारेदार, तीखी, खट्टी और मीठी सोंठ से तैयार की गई टमाटर की चाट का जायका बनारस के लोगों की सांस में बसता है। तो चलिए हम आपको बनारस के स्वाद की गलियों की सैर कराने ले चलते हैं। ये वह जगहें हैं जहां स्वास्थ्य और स्वाद दोनों का ख्याल रखा गया है। चलिए चखते हैं बनारस के खान-पान का रस।

मलईयो

काशी आएं और यहां का मलईयो भूल जाएं, यह तो हो नहीं सकता। आइए इसी जायके से शुभारंभ किया जाए। दूध से बनने वाला मलईयो तो खास है ही, इसे बनाने का तरीका भी बेहद उम्दा है। मलईयो बनाने के लिए दूध को चीनी के साथ उबालकर रात भर के लिए आसमान के नीचे ओस में रख दिया जाता है। इसके बाद दूध को काफी देर तक फेंटा जाता है, जब तक कि झाग तैयार न हो जाए।

118072031_1538322783038279_4045563615950951118_n

इस प्रक्रिया से एक रात के बाद तैयार होता है मलईयो। यह स्वाद में तो लाजवाब है ही, साथ ही आयुर्वेदिक तौर पर भी यह गुणकारी है। बताया जाता है कि आंखों के लिए मलईयो किसी वरदान से कम नहीं। कहते हैं, जितनी ज्यादा ओस पड़ती है, उतनी ही गुणवत्ता इस डिश में बढ़ जाती है। यह डिश सिर्फ सर्दियों में तीन महीने ही मिलती है।

बाटी-चोखा और सात्विक थाली

दोपहर के भोजन में खाए जाने वाले बाटी-चोखा या लिट्टी-चोखा को देखा जा सकता है। बाटी गेहूं के आटे का गोला होता है जिसमें सत्तू, अनाज और दाल से बना चूर्ण भरा जाता है। इसे गर्म अंगारों पर सेंका जाता है और बैंगन, आलू तथा टमाटर से बने ठंडे चोखे के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा दोपहर के भोजन में प्याज और लहसुन के बिना एक शाकाहारी सात्विक थाली मिलती है, जो शाकाहारियों की जरूरत को पूरा करती है। इस थाली में आपको परवल की सब्जी, बैंगन-कलौंजी और पिसी मटर से बना स्थानीय व्यंजन निमोना मिलता है, जिसे हींग के तड़के के साथ बनाया जाता है। 

moong-dal-kachori-recipe-4

शाम के व्यंजन और चाट

शाम होते ही यहां अलग ही व्यंजन परोसे जाते हैं, जैसे चाट और गोलगप्पे। यहां की टमाटर चाट तो एक नंबर है ही, इसे कुरकुरे नमक पारे की टॉपिंग के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा पालक चाट के भी यहां कई विकल्प आपको मिलेंगे। पालक के पत्ते, जिन्हें बेसन के घोल में लपेटकर तला जाता है, उन्हें दही और चटनियों के साथ परोसा जाता है और ऊपर से ढेर सारे अनार के दाने, मूली और हरी धनिया पत्ती डाली जाती है।

कचौड़ी-सब्जी और नाश्ता

वाराणसी में कचौड़ी-सब्जी का नाश्ता दोने या पत्तों से बनी कटोरियों में परोसा जाता है। बनारसी कचौड़ियों की खास बात यह है कि यह आटे में भरावन भरकर तेल में तलकर तैयार की जाने वाली परंपरागत कचौड़ी की तरह नहीं होती, बल्कि यह गेहूं के बिना खमीर वाले आटे से बनी पूरी होती है, जिसे दो बार तेल में तला जाता है। इसे आलू की तरीदार सब्जी के साथ परोसा जाता है।

यहां दो तरह की कचौड़ियां मिलती हैं। बड़ी कचौड़ी में दाल भरी जाती है और छोटी में मसालेदार आलू का मिश्रण होता है, जिसे काले चने के साथ परोसते हैं।

अगर आप हल्का नाश्ता पसंद करते हैं, तो मलाई टोस्ट भी एक विकल्प है। इसमें मोटी डबल रोटी को गर्म कोयले पर सेंकते हैं और उस पर सफेद मक्खन लगाया जाता है। दिन की शुरुआत करने के लिए पोषक भोजन के रूप में इसके ऊपर चीनी या चाट मसाला छिड़का जाता है।

Tamatar_Chaat_Banarasi_Style_

 

टमाटर की चाट

सामग्री: 4 कटे हुए टमाटर, 1/2 कप उबली हुई सफेद मटर, 1 उबला हुआ आलू, 1 बारीक कटा प्याज, 1 छोटा चम्मच बारीक कटी अदरक, 3-4 बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटा हरा धनिया, 1 छोटा चम्मच नींबू का रस, 1 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच काला नमक, 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला, इच्छा अनुसार इमली की चटनी, स्वादानुसार धनिया चटनी, नमक स्वादानुसार, 3-4 छोटे चम्मच तेल या देसी घी।

विधि:

  • कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें। इसमें अदरक, हरी मिर्च और प्याज डालकर भूनें। अब इसमें टमाटर और 1/2 छोटा चम्मच नमक मिलाकर पांच मिनट तक धीमी आंच पर अच्छी तरह पकाएं।
  • फिर गरम मसाला, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और जीरा पाउडर डालकर इसे चलाते हुए दो से तीन मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें।
  • अब इसमें आलू मिलाएं और दो मिनट तक और भूनें। इसके बाद इसमें उबली मटर और आधा कप पानी मिलाएं। इसे धीमी आंच पर दो मिनट तक पकाएं।
  • इसके बाद हरी चटनी, खट्टी-मीठी चटनी, हरा धनिया और स्वादानुसार काला नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं और गैस बंद कर दें।
  • अब तैयार सामग्री को कुल्हड़ में या मिट्टी से बनी प्लेट में डालें। इसके बाद इस पर ऊपर से बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर सर्व करें।

यह भी पढ़ें- अमरूद से बनाएं ये 3 चटपटी रेसिपी, हर कोई मांगेगा दोबारा

वाराणसी का स्ट्रीट फूड शहर की विशेषता को दर्शाता है। शहर में आने वाले रुचिकर लोगों की तरह ही, यहां के भोजन में भी विविध जायकेदार स्वाद, बनावट और संयोजन होते हैं। इसके अलावा, बनारसी लोग किसी भी भोजन को अपने तरीके से बनाते हैं। चाहे वह चाट हो, पोहा, कचौड़ी या फिर पान ही क्यों न हो, यहां आने वाले हर व्यंजन को बनारसी ट्विस्ट दिया जाता है, जो यहां के व्यंजनों को शहर के घाटों और इसके इतिहास की तरह जीवंत बना देता है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

लेखक: गीतांजलि

Images: sakh

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।