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भारत ही नहीं, इन 4 देशों में भी मौजूद हैं 'हनुमान जी' के पदचिह्न; आप भी जाएं यहां

भगवान हनुमान की भक्ति सिर्फ भारत ही नहीं, एशिया के कई देशों में देखने को मिलती है। यही वजह है कि कुछ जगहों पर ऐसे पदचिह्न भी मौजूद हैं, जिन्हें वहां के लोग हनुमान जी के चरणों का निशान मानते हैं। हालांकि, ये बस मान्‍यताओं पर है। इसका कोई वैज्ञान‍िक प्रमाण नहीं है।
Updated:- 2026-06-27, 12:07 IST
lord hanuman giant footprints accross asia

राम दूत हनुमान जी की भक्‍त‍ि स‍िर्फ भारत ही नहीं बल्‍क‍ि दुन‍िया भर के कई देशों में देखने को म‍िलती है। यही वजह है क‍ि कुछ जगहाें पर ऐसे पदचि‍न्ह भी मौजूद हैं ज‍िन्‍हें वहां के लोग हनुमान जी के चरणों के न‍िशान मान‍ते हैं। हालांक‍ि, ये बात ध्‍यान रखना जरूरी है क‍ि इन पदच‍िन्‍हों को लेकर कोई वैज्ञान‍िक प्रमाण नहीं है, बस ये स्थानीय मान्यताओं, परंपराओं और लोककथाओं से जुड़े हुए हैं।

हर साल बड़ी संख्‍या में टूरिस्‍ट यहां पहुंचते हैं। तो अगर आपको तीर्थयात्रा करना और नई-नई जगहों को करीब से देखना पसंद है, तो इन जगहों के बारे में जानना आपके लि‍ए दि‍लचस्‍प हाे सकता है। आइए उन जगहों के बारे में जानते हैं जहां हनुमान जी के पदच‍िन्‍ह होने की मान्‍यता है।

lord hanuman giant footprints accross asia (1)

इंड‍िया

भारत में भी कई जगह ऐसी हैं जहां हनुमान जी के पदचिह्न देखने को म‍िलते हैं। इनमें आंध्र प्रदेश के लेपाक्षी और कर्नाटक के हम्पी का नाम जरूर लिया जाता है। यहां के लोगों का मानना है कि यहां मौजूद बड़े पैर के निशान हनुमान जी से जुड़े हुए हैं।

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श्रीलंका

श्रीलंका में भी एक ऐसी जगह है ज‍िसे हनुमान पद के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि जब हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका पहुंचे थे, तब उनके चरणों का निशान यहां पड़ा था। उस समय छलांग इतना तेज था तो बल इतना तेज था कि उनके पैर के न‍िशान पड़ गए। रामायण से जुड़े कई पर्यटन स्थल भी श्रीलंका में मौजूद हैं, जिनमें सीता अम्मन मंदिर और अशोक वाटिका हैं। यहां हर साल भारत से भी काफी लोग आते हैं।

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थाईलैंड

थाईलैंड में भी रामायण बहुत मशहूर है, बस वहां इसे रामाकियन के नाम से जाना जाता है। यहां भी एक बड़े पदचिह्न को हनुमान जी से जोड़कर देखा जाता है। यहां पर कई मंदिरों में भगवान हनुमान की पूजा होती है। यही वजह है कि यहां मौजूद पदचिन्‍ह को भी लोग हनुमान जी से जोड़ते हैं।

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इंडोनेशिया

इंडोनेशिया के बाली और जावा जैसी जगहों पर भी रामायण को बहुत माना जाता है। वहां की कहानियों और नाटकों में हनुमान जी का बहुत बड़ा स्थान है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां भी हनुमान जी के पैरों के निशान मौजूद हैं। हालांकि, ये बस लोगों की आस्था से जुड़ी बात है, इसका कोई ऐतिहासिक या वैज्ञानिक सबूत नहीं है।

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मलेशिया

मलेशिया के पेनांग में भी एक मंदिर के अंदर मौजूद पदचिह्न को भी कई लोग हनुमान जी का पदचिह्न मानते हैं। ये जगह वहां के लोगों के बीच काफी फेमस है।

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तो अगर आप भी हनुमान भक्‍त हैं तो इन जगहों पर जा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Freepik

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