Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:13 AM IST

Tadoba Andhari Tiger Reserve: गर्मियों की छुट्टियों में राष्ट्रीय उद्यान जानें का बना रहे हैं प्लान? खूबसूरती के साथ इन 3 बड़ी खूबियों के लिए जाना जाता है ताडोबा टाइगर रिजर्व

सफारी पसंद करते हैं और भारत के अलग-अलग राष्ट्रीय उद्यान घूमने का शौक रखते हैं, तो इस लिस्ट में आपको तटोबा का नाम जरूर रखना चाहिए। यह जगह बच्चों के साथ-साथ हर उम्र के लोगों को खूब पसंद आती है।
Updated:- 2026-05-15, 13:44 IST
tadoba andhari tiger reserve full travel guide and know why tadoba is perfect wildlife education for your kids

Maharashtra Tourism को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में 'इन द वाइल्ड - ताडोबा' कार्यक्रम का आयोजन किया गया गया। इस कार्यक्रम का खास उद्धेश्य लोगों को महाराष्ट्र के इस खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यान के बारे में अवगत करवाना है। इस इवेंट में वाइल्डलाइफ पसंद करने वाले लोग, ट्रैवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रोफेशनल्स और कई खास मेहमान इस इवेंट में शामिल हुए। कार्यक्रम में बताया गया कि तडोबा राष्ट्रीय उद्यान घूमने के लिए आपको क्यों जाना चाहिए और यह कैसे भारत के अन्य उद्यान से अलग और खास है। इसके बारे में मशहूर वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट Sameer Bakshi और Tarun Walecha ने विस्तार से जानकारी दी।

कहां स्थित है ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व?

यह महाराष्ट्र का सबसे पुराना और सबसे फेमस टाइगर रिजर्व माना जाता है। यह रिजर्व महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित है। यह जगह बहुत बड़ी है, इसलिए सफारी की मजा दोगुना हो जाता है। प्रकृति और वाइल्डलाइफ पसंद करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं होने वाली, क्योंकि जो भी यहां आता है, उन्हें टाइगर देखने का मौका जरूर मिलता है।

यहां पहुंचने के लिए सबसे पहले नागपुर आ सकते हैं। यहां से तटोबा लगभग 140 से 150 किलोमीटर दूर पड़ता है।

Maharashtra tourism promotion

कब बना ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व?

Tadoba Andhari Tiger Reserve की आधिकारिक वेबसाइट mytadoba.mahaforest.gov.in के अनुसार इसकी शुरुआत साल 1955 में हुई थी। पहले इसे ताडोबा नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता था, लेकिन साल 1986 में यह अंधारी से जुड़ा। 1986 में अंधारी वाइल्डलाइफ सेंचुरी को इसमें जोड़ दिया गया और आज इसे ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।

ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व की खासियत

  • बाघों के अलावा यहां तेंदुआ, स्लॉथ भालू, जंगली कुत्ते, नीलगाय, सांभर, चीतल, मगरमच्छ और कई दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं।
  • वैसे तो अक्टूबर से जून तक का समय ताडोबा घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, लेकिन वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट Sameer Bakshi ने कहा फरवरी का महीना इसमें सबसे बेस्ट होता है।

ताडोबा घूम चुके पर्यटकों के रिएक्शन से पता चला

  • कार्यक्रम में मौजूद पर्यटकों से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि यह ऐसी जगह है, जहां से आप बिना टाइगर देखे वापस नहीं जाएंगे। यहां जंगल सफारी के दौरान टाइगर दिखने की संभावना काफी ज्यादा रहती है। यही वजह है कि ताडोबा को भारत के सबसे बेहतरीन टाइगर सफारी डेस्टिनेशन्स में गिना जाता है।
  • यहां का घना जंगल, झीलें और प्राकृतिक वातावरण लोगों को पसंद आता है, नजारा खूबसूरत होता है इसलिए पर्यटक यहां आना पसंद करते हैं।
  • यहां सिर्फ टाइगर ही नहीं, बल्कि तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ते, सांभर, चीतल और कई खूबसूरत पक्षियों की प्रजातियां भी देखने को मिलती हैं।
  • अप्रैल और मई के दौरान यहां पानी कम होने लगता है, इसलिए जानवर पानी के स्रोतों जैसे लेक के आसपास ज्यादा दिखाई देते हैं।
  • Tadoba Andhari Tiger Reserve वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी पसंद करने वालों के लिए भी अच्छी जगह है।

इसे भी पढ़ें- हरियाणा के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान के बारे में कितना जानते हैं आप, यात्रा से पहले जान लें टिकट प्राइस से लेकर सब कुछ

Wildlife in Tadoba

ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में सफारी का प्राइस

  • बुकिंग 1 से 59 दिन पहले की जाती है, तो सोमवार से शुक्रवार के बीच एंट्री फीस 1,800 रुपये रहती है। इसके बाद हर सफारी में 700 रुपये गाइड फीस और 3,300 रुपये जिप्सी फीस अलग से देनी होती है। कुल खर्च 5,800 रुपये तक पहुंच जाता है। इसमें शनिवार और रविवार को एंट्री फीस 2,800 रुपये हो जाती है और जीप और गाइड का प्राइस अलग से रहता है।
  • इसी तरह अगर आप 60 से 120 दिन पहले बुकिंग करवाती हैं, तो एंट्री फीस 4,800 रुपये और वीकेंड पर 8,800 रुपये तक पहुंच जाती है।
  • फुल डे सफारी करने वाले लोगों के लिए गाइड और ड्राइवर के अलावा अधिकतम 4 लोगों ही जा सकते हैं। सफारी टिकट बुक करते समय जिन लोगों के नाम लिखे जाते हैं, केवल वही लोग सफारी में शामिल हो सकते हैं। सफारी के दिन सभी पर्यटकों को अपना ओरिजिनल आईडी प्रूफ साथ लेकर जाना होता है।
  • ध्यान रखें कि जो भी यात्री फुल डे सफारी की बुकिंग करते हैं, उसमें किसी तरह का कैंसिलेशन या रिफंड नहीं मिलता। यानी एक बार टिकट बुक होने के बाद पैसे वापस नहीं होंगे। इसमें गाइड या जिप्सी अपनी पसंद से चुनने का ऑप्शन भी नहीं होता, यह उपलब्धता और जिस भी गाइड को काम दिया जाएगा, उसपर निर्भर करेगा।

इसे भी पढ़ें- मार्च में खुले हुए हैं भारत के ये प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान, बच्चों को ले जाएं घुमाने

 

Best time to visit Tadoba Andhari

हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। साथ ही आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।

image credit-tadoba official website, Magnific

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।