चमत्कार या रहस्य? दिन में तीन बार रूप बदलती है भगवान की यह मूर्ति

देवभूमि उत्तराखंड में कई ऐसे मंदिर हैं, जिनकी अपनी अनोखी खासियत है। ऐसा ही एक मंदिर अपने अनोखे रहस्य के लिए पूरे देश में मशहूर है। पौड़ी गढ़वाल जिले में श्रीनगर के पास अलकनंदा नदी के तट पर यह अनोखा मंदिर स्थित है, जिसे धारी देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह अपनी अद्भुत मान्यताओं और रहस्यों के लिए भक्तों के बीच प्रसिद्ध है। यहां स्थापित देवी की मूर्ति दिन में तीन अलग-अलग रूप धारण करती है। सुबह के समय यह मूर्ति एक नन्हीं बालिका, दोपहर में युवती और ढलती शाम होते-होते एक वृद्धा के रूप में नजर आती है।
दिन में तीन बार रूप बदलने का चमत्कारिक रहस्य
धारी देवी मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां दक्षिण काली का यह मंदिर अलकनंदा नदी के बीचों-बीच स्थित है। यहां सुबह सूर्योदय होते ही मां की मूर्ति नन्हीं कन्या जैसी दिखाई देती है। दोपहर होते ही मां अपना रूप बदलकर एक युवती के तेज की झलक देती हैं। वहीं शाम ढलते ही उनका चेहरा एक बुजुर्ग महिला की तरह ढला हुआ नजर आता है। इस अलौकिक बदलाव को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

(Image credit: pinterest/Priyanka rana)
पांडवों से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
यह सिद्धपीठ धारी गांव में स्थित है। यहां के पुजारियों के अनुसार, पांडवों ने अपनी चार धाम यात्रा के दौरान सुरक्षा पाने के लिए देवी की उपासना की थी। आदिकाल में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने भी इसी गांव में मां कल्याणी की विशेष पूजा-अर्चना की थी। कहा जाता है कि प्राचीन काल में केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले लोग अपनी यात्रा की सुरक्षा के लिए धारी देवी के दर्शन जरूर करने जाते थे।
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चार धामों की रक्षक मानी जाती हैं मां कल्याणी
पौराणिक कथाओं में धारी देवी को चारों धामों की रक्षक माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धारी देवी के दर्शन और आशीर्वाद के बिना चार धाम यात्रा अधूरी मानी जाती है। माता अपने हर श्रद्धालु की मन्नतें पूरी करती हैं और प्राकृतिक आपदाओं से यात्रियों की रक्षा करती हैं।

(Image credit: pinterest/Priyanka rana)
धारी देवी मंदिर तक कैसे पहुंचे?
धारी देवी मंदिर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) पर स्थित है। अगर आप भी यहां दर्शन करने जाना चाहती हैं, तो इन आसान तरीकों से पहुंच सकती हैं -
- ऋषिकेश या हरिद्वार से बद्रीनाथ-केदारनाथ जाने वाली बसों, शेयरिंग जीप या प्राइवेट टैक्सियों की मदद से आप सीधे धारी देवी मंदिर तक जा सकती हैं।
- मंदिर के सबसे पास का रेलवे स्टेशन योगनगरी ऋषिकेश या हरिद्वार जंक्शन है। रेलवे स्टेशन से सीधे श्रीनगर या रुद्रप्रयाग की बस या ऑटो, टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस मंदिर तक पहुंचा देगी।
- सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जौली ग्रांट देहरादून है, जो मंदिर से करीब 140 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से भी आप कार या टैक्सी बुक करके आसानी से जा सकती हैं।
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अगर आप भी उत्तराखंड की यात्रा पर निकल रही हैं या चार धामों के दर्शन का मन बना रही हैं, तो अलकनंदा के तट पर विराजमान मां धारी देवी के दर्शन करने जरूर जाएं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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