हिन्दू धर्म में श्राद्ध का सबसे ज्यादा महत्त्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि जब तक किसी व्यक्ति का पूरे श्रद्धा भाव से और नियमों से श्राद्ध नहीं किया जाता हैं तब तक उसे पूर्ण रूप से मुक्ति नहीं मिलती है। यही नहीं पितृ पक्ष के दौरान पितरों का आह्वाहन करते हुए उनसे कल्याण की कामना की प्रार्थना की जाती है। पितृ पक्ष का समय तो मात्र 16 दिनों का होता है लेकिन कई ऐसी जगहें हैं जहां साल में कभी भी श्राद्ध किया जाता है और पितरों की आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना की जाती है। 

आमतौर पर पितरों को मृत पूर्वजों के रूप में देखा जाता है और उनके लिए ही श्राद्ध किये जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में एक ऐसी जगह भी है जहां केवल मृत महिलाओं की शांति हेतु श्राद्ध किया जाता है। यूं कहा जाए कि जिस प्रकार पितृश्राद्ध के लिए गया प्रसिद्ध है। वैसे ही मातृश्राद के लिए सिद्धपुर मे बिंदु सरोवर प्रसिद्ध है। इस जगह का नाम है बिंदु सरोवर। आइए जानें बिंदु सरोवर से जुड़े तथ्यों  के बारे में और क्यों ये जगह कुछ ख़ास है। 

कहां स्थित है बिंदु सरोवर 

bindu sarovar place

बिंदु सरोवर सिद्धपुर गुजरात के पाटन जिले में स्थित है और इसको सिद्ध स्थल के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा तीर्थ स्थान है जहां पर सिर्फ मृत महिलाओं यानी कि मातृश्राद्ध का प्रावधान है। सिद्धपुर का वर्णन ऋगवेद में भी किया गया है। सिढ़पुर का सबसे प्रमुख श्राद्ध स्थल है बिंदु सरोवर । इस जगह के लिए मान्यता है कि मृत महिलाओं का श्राद्ध यहां करने से उन्हें मुक्ति मिलती है और आत्मा को शांति भी मिलती है। सिद्धपुर शहर मंदिरों, कुंडों, आश्रमों और अन्य पवित्र संरचनाओं से युक्त एक श्रद्धेय स्थल है। बिंदु सरोवर यहां के मातृ तर्पण जगहों में स्थित एक प्राचीन बावड़ी है। यह भारत की पांच सबसे पवित्र और प्राचीन झीलों में से एक है। सरोवर में ज्यादातर वही लोग आते हैं जो अपनी मां या अन्य किसी मृत महिला का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। बिंदु सरोवर लगभग 40 फुट चकोर एक कुंड है। इसके चारों ओर पक्के घाट बने है। यात्री बिंदु सरोवर मे स्नान करके मृत माताओं का श्राद्ध करते है। बिंदु सरोवर के पास ही एक बड़ा सरोवर है। जिसे अल्पा सरोवर भी कहते है। मान्यतानुसार बिंदु सरोवर पर श्राद्ध करके पिंड अल्पा सरोवर मे विसर्जित किए जाते हैं।

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होता है मृत महिलाओं का श्राद्ध  

बिंदु सरोवर "पिंड दान" करने के लिए सबसे अधिक प्रचलित स्थानों में से एक है। मान्यता यह है कि यह स्थान मात्र ऐसा स्थान है जहां महिलाओं के लिए पिंड दान किया जाता है। यहां पिंड दान करने से  मृत महिला पूर्वजों (मातृ नवमी का महत्त्व) को शांति मिलती है। हिंदू परंपरा के अनुसार, सिद्धपुर, जिसे मातृगया तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसे स्थान के रूप में प्रसिद्ध है जहां एक बेटा अपनी मां के प्रति अपना कर्ज चुका सकता है। दरअसल शास्त्रों में वर्णन किया गया है कि जब तक मृत पूर्वजों का पूरे विधि विधान से श्राद्ध नहीं किया जाता है तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलती है। 

शास्त्रों में प्रचलित है ये कथा 

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शास्त्रों में सिद्धपुर बिंदु सरोवर के संबंध में एक कथा का वर्णन है। उस कथा के अनुसार प्राचीनकाल में कपिल मुनि नाम के विद्वान संत थे। उनकी माता का नाम देवहुति और पिता का नाम कर्दम था। कपिल मुनि को सांख्य दर्शन का प्रणेता और भगवान विष्णु (भगवान विष्णु से जुड़े आसान सवाल)का अवतार माना जाता है। एक समय जब उनके पिता ऋषि कर्दम तपस्या के लिए वन में प्रस्थान कर गए तो उनकी माता देवहुति काफी दुखी हो गई। ऐसे में पुत्र कपिल मुनि ने सांख्य दर्शन की विवेचना करते हुए उनका ध्यान भगवान विष्णु में केन्द्रित किया। बिंदु सरोवर के तट पर माता के देहावसान के पश्चात कपिल मुनि ने उनकी मोक्ष प्राप्ति के लिए अनुष्ठान किया था। इसके बाद से यह स्थान मातृ मोक्ष स्थल के रूप में प्रसिद्ध हुआ।कपिल मुनि ने कार्तिक महीने में यह अनुष्ठान किया था,इसलिए हर साल यहाँ पर कार्तिक महीने में विशाल मेले का आयोजन होता है और दूरदराज से लोग इस जगह अपनी मां का श्राद्ध करने के लिए आते हैं। पुराणों के अनुसार यह क्षेत्र पुण्यमय आदितीर्थ है। यहां व्यक्ति के प्रवेश करते ही सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। 

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कैसे पहुंचें बिंदु सरोवर 

अगर आप भी बिंदु सरोवर की यात्रा करना चाहते हैं तो हवाई जहाज से पहुंचने के लिए सिद्धपुर से निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद है, जो शहर से 115 किमी की दूरी पर स्थित है। आप किसी भी जगह से अहमदाबाद हवाई अड्डे के लिए फ्लाइट के सकते हैं और वहां से सीधे इस जगह पर पहुंचा जा सकता है। 

ट्रेन से

सिद्धपुर भारतीय रेलवे के पश्चिमी रेलवे नेटवर्क पर स्थित है। यह शहर कई ट्रेनों के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनें हैं जो यहां के लिए रोज़ चलती हैं और अहमदाबाद से सिद्धपुर की यात्रा के लिए सही हैं।

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सड़क मार्ग द्वारा

सिद्धपुर एक अच्छे सड़क नेटवर्क के माध्यम से देश के बाकी हिस्सों से जुड़ा हुआ है। यहां तक कि शहर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का एक अच्छा नेटवर्क भी है। राज्य परिवहन निगम सिद्धपुर को गुजरात और देश के अन्य राज्यों के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से जोड़ता है।

अगर आप भी पितृ पक्ष के दौरान किसी मृत पूर्वज महिला का श्राद्ध करके उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करना चाहते हैं तो इस जगह पर जा सकते हैं। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।

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