इतिहास की सबसे अजीब बाढ़, जब शहर में बहा था हजारों टन गुड़

साल 1919 का एक ऐसा दिन, जो इतिहास के पन्नों में एक अजीबोगरीब त्रासदी के रूप में दर्ज है। इस दिन अमेरिका के बोस्टन शहर की सड़कों पर पानी की जगह गुड़ के शीरे का सैलाब आ गया था। दिल दहला देने वाली इस घटना ने न सिर्फ भारी तबाही मचाई बल्कि पूरी दुनिया को यह सिखाया कि लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने आगे चलकर देश के निर्माण और सुरक्षा नियमों को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। नीचे लेख में जानें क्या थी यह अजीब घटना?
दुनिया की मीठी गुड़ की बाढ़ की जानकारी
अमेरिका के बोस्टन शहर में एक बार पानी की जगह मोलासेस की बाढ़ आ गई थी, जिसने पूरे इलाके में तबाही मचा दी थी। यह दुनिया की सबसे अनोखी बाढ़ में से एक मानी जाती है।
| दुनिया की अजीब बाढ़ | इस बाढ़ की जानकारी |
| तारीख | बोस्टन मोलासेस डिजास्टर (गुड़ की बाढ़) |
| वजह | लगभग 87 लाख लीटर (2.3 मिलियन गैलन) गुड़ से भरे विशाल टैंक का फटना |
| बाढ़ की रफ्तार | 56 किमी/घंटा (35 mph) की गति से गुड़ की 25 फीट ऊंची लहर |
| नुकसान | 21 लोगों की मौत, 150 से अधिक घायल, कई इमारतें और पुल तबाह |
लापरवाही बनी गुड़ की बाढ़ का कारण
हम सभी हमेशा पानी की बाढ़ के बारे में सुना है। मगर कोई अगर कहे कि एक शहर ऐसा है, जहां सदियों पहले मीठे शीरे की बाढ़ आई थी। यकीनन यह सुनकर आपको अजीब लगेगा मगर यह सच है। यह घटना अमेरिका के बॉस्टन, मैसाचुसेट्स शहर की है। प्यूरिटी डिस्टिलिंग कंपनी द्वारा 1915 में बनाया गया 50 फीट ऊंचा यह विशाल टैंक बहुत पतली दीवारों से तैयार किया गया था।
टैंक से लगातार शीरा रिसता रहता था, जिसे छिपाने के लिए कंपनी ने उस पर भूरा रंग करवा दिया, लेकिन मजबूती पर ध्यान नहीं दिया। खराब इंजीनियरिंग, अचानक बदले मौसम और नए शीरे के भारी दबाव के कारण 15 जनवरी 1919 को टैंक अचानक फट गया।
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35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आई तबाही
टैंक के फटने से शीरे की एक भयानक लहर करीब 35 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बोस्टन के नॉर्थ एंड इलाके में फैल गई। इस मीठे सैलाब ने रास्ते में आने वाली इमारतों को कुचल दिया, एक फायरहाउस को उसकी नींव से हिला दिया और ट्रेन की पटरियों को भी उखाड़ फेंका। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई और 150 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
गुड़ की बाढ़ को साफ करने के लिए कई हफ्तों तक चला काम
पुलिस, रेड क्रॉस और स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किए। शीरा इतना चिपचिपा था कि मलबे को हटाना लगभग असंभव हो गया था, जिससे सफाई का काम बेहद कठिन हो गया। आखिरकार, दमकल विभाग और कर्मचारियों ने हार्बर के समुद्र के खारे पानी से इस चिपचिपे शीरे को साफ किया।

इस बाढ़ के बाद बिल्डिंग कोड जैसे बने कड़े नियम
शुरुआत में कंपनी ने इस हादसे के पीछे किसी आतंकवादी साजिश का झूठा आरोप लगाया। लंबी कानूनी लड़ाई और जांच के बाद अदालत ने कंपनी की भारी लापरवाही को इस तबाही का जिम्मेदार ठहराया। इस बड़ी दुर्घटना के बाद अमेरिका में इमारतों और उद्योगों के लिए इंजीनियरों के हस्ताक्षर, नक्शों की जांच और सख्त बिल्डिंग कोड जैसे नए नियम लागू किए गए।
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बोस्टन की यह शीरे की बाढ़ लालच और निर्माण में की गई छोटी-छोटी लापरवाहियों का परिणाम थी। इस त्रासदी ने न केवल कई मासूमों की जान ली बल्कि यह भी सिखाया कि सुरक्षा मानकों के साथ कभी समझौता नहीं करना चाहिए। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
Image Credit- Bostan Government official website,and ai
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