गुजरात का अंबाजी मंदिर, जहां नहीं है देवी की कोई मूर्ति; सिर्फ विसा यंत्र की होती है पूजा

अगर आप भी इस साल नवरात्रि के दौरान गुजरात घूमने का प्लान बना रही हैं, तो वहां के एक बेहद चमत्कारिक और प्रसिद्ध मंदिर के दर्शन जरूर करें। भारत में ऐसे कई चमत्कारिक मंदिर मौजूद हैं, जिनकी अपनी अनोखी मान्यताएं हैं। इनमें से एक सबसे पवित्र और रहस्यमयी धाम 'अंबा माता मंदिर' के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर गुजरात के बनासकांठा जिले में अरावली की पहाड़ियों के बीचों-बीच स्थित है।
अंबा जी का यह मंदिर देवी सती के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। इस मंदिर की सबसे हैरान कर देने वाली और दिलचस्प बात यह है कि यहां माता की कोई भी मूर्ति स्थापित नहीं है, बल्कि मूर्ति की जगह यहां एक खास पवित्र यंत्र की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस रहस्यमयी मंदिर से जुड़े दिलचस्प रहस्यों के बारे में।

(image credit:pinterest/Pankaj Mavani)
पौराणिक मान्यता और श्री बीसा यंत्र का रहस्य
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से माता सती के शरीर के अंग अलग किए थे, तब उनका हृदय इसी जगह पर गिरा था। यही वजह है कि इसे माता के सबसे खास शक्तिपीठों में गिना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में कोई मूर्ति विराजमान नहीं है। मूर्ति की जगह यहां पवित्र धातु से बना 'श्री बीसा यंत्र' स्थापित है। यह यंत्र वैदिक मंत्रों और पवित्र आकृतियों से युक्त है। गर्भगृह में इस यंत्र को वस्त्रों, मुकुट और दिव्य चुनरी के साथ इस तरह सजाया जाता है कि दूर से देखने पर श्रद्धालुओं को यह बिल्कुल माता के स्वरूप जैसा नजर आता है।
अंबाजी मंदिर से जुड़ी अनोखी परंपराएं
अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार इस मंदिर से जुड़ी कुछ ऐसी परंपराएं हैं, जो इसे बाकी शक्तिपीठों से बिल्कुल अलग बनाती हैं -
- मान्यता के अनुसार, श्री बीसा यंत्र को खुली या नग्न आंखों से देखना पूरी तरह वर्जित माना जाता है।
- यहां तक कि जब मंदिर के मुख्य पुजारी माता का रोजाना श्रृंगार करते हैं, तब वे भी अपनी आंखों पर पट्टी बांधकर ही पूजा की सभी प्रक्रियाएं पूरी करते हैं।
- मंदिर की पवित्रता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए गर्भगृह और श्री बीसा यंत्र की कोई भी फोटो या वीडियो नहीं ले सकता है।
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मुख्य मंदिर के पास स्थित है 'गब्बर हिल'
मुख्य मंदिर से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर गब्बर पहाड़ी मौजूद है, जिसे देवी अंबा का मूल स्थान माना जाता है। ज्यादातर श्रद्धालु अंबाजी मंदिर के दर्शन करने के बाद इस पहाड़ी पर बनी अखंड ज्योत के दर्शन करने जरूर जाते हैं।

(image credit:pinterest/Pankaj Mavani)
अंबाजी मंदिर कैसे पहुंचें?
अगर आप भी इस रहस्यमयी और पवित्र मंदिर तक जाना चाहती हैं, तो इन आसान तरीकों से पहुंच सकती हैं -
- अगर आप भी यहां तक जाना चाहती हैं, तो अपने शहर के किसी भी नजदीकी रेलवे स्टेशन से आबू रोड रेलवे स्टेशन तक की ट्रेन ले सकती हैं। यह स्टेशन मंदिर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर है।
- आप अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक उड़ान भर सकती हैं। एयरपोर्ट से आपको आसानी से शेयरिंग टैक्सी या पर्सनल कैब मिल जाएगी, जिससे आप सीधे मंदिर पहुंच सकती हैं।
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निष्कर्ष:अगर आप भी इस नवरात्रि गुजरात जाने का प्लान बना रही हैं, तो वहां के इस चमत्कारिक और रहस्यमयी शक्तिपीठ के दर्शन जरूर करें। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां का माहौल बेहद अलौकिक होता है, जो आपकी इस ट्रिप को हमेशा के लिए बेहद खास और यादगार बना देगा। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
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