Madhya Pradesh Travel: पहाड़ी पर स्थित 77 मंदिरों वाला गांव, आखिर भारतीयों के लिए क्यों है इतना खास? आप भी जानें

भारत एक अनोखा और रहस्य से भरा हुआ देश है। इस देश में ऐसी कई अद्भुत और अनोखी जगहें मौजूद हैं, जिन्हें देखने के बाद विदेशी लोग भी हैरान में पड़ जाते हैं।
पूर्व से लेकर पश्चिम और दक्षिण से लेकर उत्तर भारत में ऐसी कई धार्मिक जगहें हैं, जहां की रहस्यमयी कहानियां पूरी दुनिया में फेमस हैं। देश में स्थित कुछ धार्मिक जगहों की मान्यता विश्व स्तर पर भी है।
भारत के मध्य प्रदेश में पहाड़ी की चोटी पर एक ऐसा ही गांव मौजूद है, जिसे करीब 77 मंदिरों वाला गांव कहा जाता है। यह गांव सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशी लोगों के बीच में भी फेमस है।
इस आर्टिकल में हम आपको मध्य प्रदेश में मौजूद 77 मंदिरों वाले गांव की कहानी और मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप भी घूमने के लिए पहुंच सकते हैं।
77 मंदिरों वाला का नाम गांव और कहां है? (Where is sonagiri madhya pradesh)

इस आर्टिकल में हम आपको जिस गांव के बारे में जिक्र कर रहे हैं, उसका नाम सोनागिरी है। सोनागिरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर से करीब 60 किमी की दूरी पर दतिया जिले में मौजूद एक पवित्र जैन धार्मिक स्थल है।
इस पवित्र स्थान को कई लोग सोनागिर के नाम से भी जानते हैं। इसके अलावा प्राचीन में इसे श्रवणगिरि या स्वर्णगिरि भी बोला जाता था। सोनागिरी गांव जैन धर्म को मानने वालों के लिए बेहद खास स्थान माना जाता है।
सोनागिरी मंदिर का इतिहास? (History of sonagiri madhya pradesh)

सोनागिरी मंदिर का इतिहास बेहद ही दिलचस्प है। इस गांव के बारे में बोला जाता है कि यहां जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान चंद्र प्रभु करीब दर्जन से भी अधिक बार आए थे। (भारत के प्राचीन मंदिर)
मान्यता के अनुसार सोनागिरी में मौजूद इन पवित्र मंदिरों का निर्माण करीब 9वीं और 10वीं शताब्दी में किया गया था। इस पवित्र स्थल के बारे जहा जाता है कि यह आचार्य और जैन गुरुओं ने निर्वाण पाया।
जैन समुदाय के लिए क्यों है सोनागिरी का मंदिर? (Why sonagiri famous for jain community)

जैन समुदाय के लोगों के लिए सोनागिरी बेहद ही खास है। यह गांव उनके लिए पवित्र स्थान भी माना जाता है। यहां हर दिन हजारों जैन समुदाय के लोग मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं।
सोनागिरी मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जिन लोगों को आत्मा को शुद्ध करना या फिर मोक्ष की प्राप्ति करनी होती है, तो वो सोनागिरी ही पहुंचते हैं। कहा जाता है कि यहां भगवान शीतलनाथ और पार्श्वनाथ तीर्थंकर की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं।
मोक्ष प्राप्ति स्थल के रूप में प्रसिद्ध है सोनागिरी?
सोनागिरी के बारे में एक अन्य कहनी बेहद ही प्रचलित है। कहा जाता है कि सोनागिरी में एक या दो लाख नहीं, बल्कि करीब पांच करोड़ संन्यासी संतों ने मोक्ष को प्राप्त किया। (भारत में स्थित 4 बेहद ही अद्भुत मंदिर)
इस गांव के बारे में कहा जाता है कि अनंग कुमार ने यहां से मोक्ष प्राप्त करके जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति पाई थी। इसके अलावा एक अन्य कहानी है कि ये स्थान प्राचीन काल में अनुष्ठान और तपस्या के लिए बेहद ही पवित्र स्थल माना जाता था।
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सैलानियों को क्यों खास है सोनागिरी? (why famous sonagiri for traveller)

सैलानियों के लिए सोनागिरी बेहद ही खास है। पहाड़ी की चोटी पर स्थित होने के लिए यहां से आसपास का अद्भुत नजारा दिखाई देता है। सोनागिरी में स्थित ये मंदिर किसी एक जगह नहीं, बल्कि 132 एकड़ में फैला हुआ हुआ है।
सोनागिरी में जैन मंदिरों को एक्सप्लोर करने के साथ-साथ यहां ट्रेकिंग का ही अनुभव मिलता है। कहा जाता है कि यहां स्थित मंदिरों को एक दिन एक्सप्लोर करना आसान नहीं होता है, इसलिए कई सैलानी इसे दो दिन एक्सप्लोर करते हैं।
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