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पहली बार जा रहे हैं मणिपुर? इंफाल की इन 4 फेमस जगहों पर जाना न भूलें

अगर आप कोई शांत जगह घूमने का प्लैन बना रही हैं, तो मणिपुर की राजधानी इंफाल आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। इसकी खबसूरती मन मोह लेगी। 
By Sakhi Digital | Edited By Garima Garg
Updated:- 2026-07-27, 17:42 IST
imphal famous places
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इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही हवा की ताजगी और खुला आकाश मन मोह लेता है। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरकर पैदल ही भवन में दाखिल हुआ जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं, वहीं ज्यादातर महिलाएं फनेक, ब्लाउज और महीन दुपट्टे जैसे अपने पारंपरिक परिधान में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उनकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है।

1- इमा मार्केट में खरीदारी

समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है शहर के बीचों-बीच स्थित इमा मार्केट। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार। इस बाजार में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं।

Lord Sanamahi_Temple_Campus_Entrance

पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें। एक हिस्सा सिर्फ पूजा के सामान का है।

सारे बाजार का चक्कर लगाने के बाद मैंने सोचा कि एक दुपट्टा ले लिया जाए। सुना था यहां मोलभाव करना पड़ता है, तो थोड़ी बारगेनिंग के बाद चार सौ रुपये में दाम तय हुआ। अभी तक हमारी बातचीत दुकानदार और ग्राहक की तरह तोल-मोल के साथ चल रही थी। भाव तय होते ही यह रिश्ता बदल गया और उस स्त्री ने एक मां की तरह प्रेमपूर्वक दुपट्टे को पैकेट में डालकर मुझे थमाया और हाथ थामकर शुभकामनाएं दीं "यह दुपट्टा आपके लिए शुभ हो और मेरे लिए भी।" उनकी यह शुभकामना मेरे लिए अनमोल थी। 

2 - कांगला किला की सैर

इंफाल में दो और जगहें जरूर देखनी चाहिए- पहला कांगला किला और दूसरा लोकताक लेक। कांगला फोर्ट या किला शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है।

Kangla_Fort

मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है।

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इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिन्हें देवताओं का देव कहते हैं। यहां भ्रमण करने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन हमने पैदल घूमने का निर्णय लिया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं, जैसे:

  • कांगला संग्रहालय: जहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और उनका इतिहास प्रदर्शित है।
  • बोट म्यूजियम: जहां प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी प्रदर्शित है।
  • पुरातत्व संग्रहालय: इसे देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिली।

3 - सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर

सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है, जिसे मेतेई (मणिपुरी) लोग शुभ व पवित्र मानते हैं। यहां कई और दर्शनीय स्थल हैं, जैसे- महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इसी फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है।

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4- लोकताक लेक

अगले दिन हम लोकताक लेक गए। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहते हैं। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास है, जो जमीन की शक्ल तो ले लेता है, पर पानी के ऊपर तैरता रहता है। अधिकतर यह गोल (रिंग) शक्ल का होता है।

लोकताक झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां आईएनए (INA) का एक संग्रहालय है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं प्रदर्शित हैं। वहां से लौटते हुए हमने इंडियन पीस मेमोरियल देखा। रेड हिल के समीप स्थित यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में आजाद हिंद फौज (INA) के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे और इसी रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को पराजित किया था।

इंफाल में कई और संग्रहालय, मंदिर, झीलें, पार्क, चिड़ियाघर और दर्शनीय स्थल हैं। अगर समय हो तो इन सबको भी देखा जा सकता है। लेकिन तीन दिनों में हमने जिस इंफाल को देखा, उसने भारत के एक विशिष्ट रूप से परिचय कराया जो हमेशा याद रहेगा। साथ ही याद रहेगी काले चावल से बनी 'चक हाओ' खीर, जो मणिपुर की एक खास पहचान है।

Lord Sanamahi Temple

कुछ जरूरी बातें

कैसे जाएं: ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको गुवाहाटी या दीमापुर जाना होगा, जहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां सीधे पहुंचा जा सकता है।

कब जाएं: सितंबर से अप्रैल के बीच का समय सबसे उत्तम है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है।

विशेष ध्यान रखें: मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट (ILP) लेना अनिवार्य होता है। यह सुविधा अब ऑनलाइन भी उपलब्ध है। आप मणिपुर सरकार के आधिकारिक पोर्टल (https://manipurilponline.mn.gov.in/forms/temporary.aspx) पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसे प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी उपलब्ध है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति आवश्यक है और इसका शुल्क 100 रुपये है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (PAP) की आवश्यकता होती है।

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लेखक - नूपुर अशोक

Images: magnific

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