चांगलांग के इन खूबसूरत प्लेसेस पर घूमना ना भूलें

अगर आपको घूमना पसंद है तो इस बार चांगलांग का प्लान कर सकते हैं। हरे-भरे जंगल, ऊंचे-ऊंचे पहाड़ और यहां के झरने आपको खूब पसंद आयेंगे। भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश का यह शहर अपनी प्रकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और आकर्षक जगहों के लिए प्रसिद्ध है। खूबसूरत घाटियों के बीच और ऊंचे पहाड़ों से घिरे चांगलांग की सुंदरता आपको बेहद पसंद आयेगी। यहां की लंबी पर्वत श्रृंखलाओं की गोद में ताजगी और सुकून का भी आनंद उठा सकते हैं। इस शहर की प्रकृतिक सुंदरता को देखने हर महीने हजारों सैलानी भी घूमने आते हैं। तो अगर आप भी अरुणाचल प्रदेश घूमने जा रहे हैं, तो चांगलांग के इन जगहों पर जरूर घूमने जाएं।
मियाओ
चांगलांग का एक छोटा सा कस्बा है मियाओ। नोआ-देहिंग नदी के तट पर बसा या कस्बा चांगलांग की सबसे खूबसूरत जगह मानी जाती है। इस कस्बे में मौजूद तिब्बती शरणार्थियों का घर जो आपको बेहद ही आकर्षक लगेगा। तिब्बती शरणार्थियों के द्वारा बनाएं गए आकर्षक ऊनी कपड़े आपको खरीदने पर ज़रूर मजबूर कर देंगे। अगर आप अरुणाचल प्रदेश या चांगलांग घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो इस मियाओ कस्बे का सैर जरूर करें। अगर आप एडवेंचरस टाइप इंसान हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन हो सकती है।
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नामदफा नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व
अगर आपको पशु-पक्षियों से लगाव है तो चांगलांग का नामदफा नेशनल पार्क और टाइगर रिज़र्व आपके लिए बेस्ट पर्यटन स्थल हो सकता है। लगभग 1985.25 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ यह रिज़र्व बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, हाथी और हिमालयी काले भालू जैसे वन्यजीवों के कुछ के लिए जाना जाता है। यहां की अलग-अलग वनस्पतियां भी आपको खूब पसंद आयेंगी।
लेक ऑफ नो रिटर्न
वैसे तो भारत के सभी पूर्वोत्तर राज्य बेहतरीन झीलों और झरनों के लिए फेमस हैं लेकिन, चांगलांग की यह झील अपनी खूबसूरती के साथ-साथ अपने नाम के लिए भी फेमस मानी जाती है। ऐसा बोला जाता है कि द्वितीय विश्व युद्ध में इस लेक का बहुत बड़ा महत्व रहा है। एक ऐसी भी कहानी है कि दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इस झील में बहुत से दुश्मन सैनिक फंस गए थे जो लौट के कभी नहीं आए इसलिए इसका नाम लेक ऑफ नो रिटर्न रखा गया।
द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक
अरुणाचल प्रदेश का यह शहर कई ऐतिहासिक युद्धों का भी गवाह है। यहां ऐसे कई युद्ध स्मारक बनाए गए हैं जो प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में मारे गए सैनिकों की याद में हैं। द्वितीय विश्व युद्ध स्मारक भी उन्हीं स्मारकों से एक है जो जयरामपुर कब्रिस्तान के भी नाम से जाना जाता है। इस जगह पर भारत, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कई देशों के सैनिकों को दफनाया गया है जो द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद हुए थे।
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कैसे पहुंचे:
ट्रेन से जाने के लिए आपको असम के तिनसुकिया रेलवे स्टेशन तक जाना होगा और वहां से आप रोडवेज बस लेकर चांगलांग के लिए जा सकते हैं। दूसरा आप हवाई सफ़र के माध्यम से सीधा अरुणाचल प्रदेश जा सकते हैं और वहां से कैब या बस के ज़रिए चांगलांग पहुंच सकते हैं।
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