आज के समय में महिलाएं अपनी नेचुरल ब्यूटी को एन्हॉन्स करने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। खासतौर से, फेस में वह थिक आईब्रो और थिक लैशेस चाहती हैं। इसके लिए नेचुरल उपायों व मेकअप का सहारा लेने के अलावा वह कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट भी करवाना पसंद करती है। लैशेस को ब्यूटीफुल बनाने के लिए लैश एक्सटेंशन के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन लैश लिफ्ट इससे थोड़ा अलग है। यह आपकी नेचुरल लैशेस को ही थोड़ा लिफ्ट करके उसे अधिक ब्यूटीफुल बनाती है।

आज के समय में बहुत सी महिलाएं लैश लिफ्ट तकनीक का सहारा लेने लगी हैं, ताकि उनकी लैशेस नेचुरली ब्यूटीफुल नजर आएं। हालांकि, अन्य किसी भी ट्रीटमेंट की तरह लैश लिफ्ट के अपने फायदे व नुकसान हैं और इस ट्रीटमेंट को करवाने से पहले आपको इसके हर पहलू के बारे में जान लेना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम जानते हैं कि वास्तव में लैश लिफ्ट क्या है और इसके Pros और Cons क्या हैं-

लैश लिफ्ट क्या है?

what is lash lift

लैश लिफ्ट एक प्रोफेशनल ब्यूटी ट्रीटमेंट है, जिसे केवल प्रोफेशनल्स द्वारा ही किया जाता है। इस प्रोसेजर में आपकी नेचुरल लैशेस पर काम किया जाता है। लैश लिफ्ट के दौरान आपकी लैशेस को कर्ल किया जाता है और उन्हें एक डार्क टिंट दिया जाता है। जिससे देखने में ऐसा लगता है कि आपने अपनी लैशेस पर मस्कारा अप्लाई किया हो, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता। (मस्कारा अप्लाई करने के चार अलग-अलग तरीके) इसमें एक कर्लिंग रॉड और एक सॉल्यूशन का उपयोग करके आई लैशेसे का स्थायी रूप से कर्ल किया जाता है। इसमें तकनीशियन केवल आपकी नेचुरल पलकों के साथ काम करता है, कोई एक्सटेंशन या नकली पलकों का उपयोग नहीं किया जाता है।

टेंपरेरी है लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट

लैश लिफ्ट एक टेंपरेरी ट्रीटमेंट है, जो लगभग 6 सप्ताह तक चलता है। हालांकि, यह काफी हद तक आपकी लैश ग्रोथ पर भी निर्भर करता है। मसलन, अगर आपकी पलकें तेजी से लंबी होती जाती हैं, तो वैसे-वैसे वे अपना कर्ल खोती जाती हैं। साथ ही लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट के बाद उनकी सही केयर करना भी जरूरी होता है। मसलन, लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट के बाद पहले 24 घंटों के लिए, पानी या काजल का उपयोग करने से बचें। साथ ही साथ आप लैश सीरम, आईलैश एक्सटेंशन या आई क्रीम के उपयोग से बचें।

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लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट के फायदे

lash lift treatment benefits

लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट करवाने के कई फायदे हैं-

  • सबसे पहले तो इससे आपकी आंखें हरदम बड़ी और खूबसूरत नजर आती हैं। लैश लिफ्ट आपकी प्राकृतिक पलकों को लंबा, अलग और ऊपर की ओर कर्ल करके उन्हें बढ़ाती है। जिससे आंखें बड़ी और अधिक खुली दिखती हैं।
  • लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट करवाने के बाद आपको मस्कारा लगाने की जरूरत महसूस नहीं होती। मस्कारा के बिना भी आपकी लैशेज ऐसी ही नजर आती हैं, जैसे कि आपके मस्कारा अप्लाई किया हो।
  • लैश लिफ्ट के सबसे महत्वपूर्ण लाभों में से एक यह है कि इस तरह के ग्लैमरस लुक को हासिल करने के लिए केवल एक ही सिटिंग लेनी पड़ती है। बाद में, आपको किसी टच-अप या फॉलो-अप अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहीं है।
  • लैश लिफ्ट एकमात्र लैश ट्रीटमेंट है जो एक महीने से अधिक समय तक चलता है। यह कुछ लोगों के लिए 2-3 महीने तक भी चल सकता है।

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लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट के नुकसान

  • लैश लिफ्ट ट्रीटमेंट के फायदे होने के साथ-साथ कुछ नुकसान भी होते हैं। जैसे-
  • इसे हमेशा एक प्रोफेशनल द्वारा ही किया जाना चाहिए। अगर उपचार के दौरान एक गलती भी हो जाती है तो इससे आपकी आंखो को नुकसान हो सकता है और रासायनिक जलन और सूखी आंखों की समस्या हो सकती है। सेटिंग सॉल्यूशन को आंखों के इतने करीब लगाने के लिए एक बहुत ही कुशल और अनुभवी हाथों की जरूरत होती है।
  • लैश लिफ्ट के लिए उपचार से पहले कुछ दिनों के लिए आंखों के मेकअप को छोड़ना पड़ता है। अगर आप डेली मेकअप करती हैं तो आपके लिए मेकअप अवॉयड करना थोड़ा नुकसानदायक हो सकता है।
  • संवेदनशील आंखों वाले लोग, जैसे कि वे लोग जो अपनी वॉटरलाइन पर कॉन्टैक्ट लेंस या आईलाइनर पहनते हैं, उनकी आंखों में पानी आ सकता है। लैश लिफ्ट के दौरान पलकों पर इस्तेमाल किया जाने वाला घोल संवेदनशील आंखों को परेशान कर सकता है।

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