Sun Sep 20, 2026 | Updated 07:21 PM IST

जौ उगाने के लिए मिट्टी का सकोरा क्यों होता है खास? जानें नवरात्रि से जुड़ा महत्व

कई सारे लोग नवरात्रि के दिनों में मिट्टी के सकोरे में जौ को उगाते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल पूजा में क्यों होता है। आइए पंडित जी से आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं, ताकि हम भी इनकी महत्वता को जान सके।
Updated:- 2025-09-23, 14:36 IST
image

नवरात्रि के 9 दिन शक्ति को समर्पित होते हैं। इन दिन माता के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। साथ ही कई जगह पर माता की स्थापना की जाती है। इसके साथ ही घर में जौ को लगाया जाता है। इसे लगाने के लिए मिट्टी के सकोरे का इस्तेमाल किया जाता है। मिट्टी का सकोरा में ही क्यों जौ उगाए जाते हैं? यह सवाल अक्सर दिमाग में आता है। आइए पंडित जन्मेश द्विवेदी जी से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। साथ ही इसके सकारात्मक लाभ क्या होते हैं? इसके बारे में सही से जानते हैं।

नवरात्रि में जौ को उगाने के लिए मिट्टी के सकोरे का इस्तेमाल क्यों होता है?

नवरात्रि में घर का वातावरण पॉजिटिव रहता है। साथ ही हर कोई माता की पूजा में शामिल होतो है। मिट्टी को पूजा में सबसे पवित्र माना जाता है। ऐसे में इसका इस्तेमाल पूजा में अक्सर होता है। इसलिए लोग नवरात्रि में जौ को उगाने के लिए मिट्टी के सकोरे का इस्तेमाल करते हैं। यह परंपरा प्रकृति से जुड़ाव को दर्शाता है। साथ ही संतुलन का संदेश देता है। ऐसे में आपको भी मिट्टी के सकोरे में इसे लगाना चाहिए। आप इसे कुम्हार से जाकर ले सकते हैं।

Mitti sakora

मिट्टी के सकोरे में जौ को उगाने से बनी रहती है पवित्रता

मिट्टी का सकोरा शुद्ध और प्राकृतिक होता है। इसमें बोए गए जौ तेजी से अंकुरित होते हैं और पूजा के समय इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। माना जाता है कि मां दुर्गा की कृपा से जौ के अंकुर जितने हरे-भरे होते हैं, घर-परिवार में उतनी ही प्रगति और खुशहाली आती है। साथ ही घर में किसी तरह की समस्याएं नहीं आती हैं। इसलिए हर कोई इन्हें नवरात्रि के दिनों में जरूर उगाते हैं और माता की पूजा के स्थान पर रखते हैं।

इसे भी पढ़ें: Navratri 2025: नवरात्रि में मां दुर्गा को क्यों चढ़ाया जाता है चांदी का छत्र? जानें महत्व

मिट्टी के सकोरे में जौ उगाने से बना रहता है ऊर्जा का संचार

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मिट्टी के पात्र में बीज बोने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। सकोरे की मिट्टी घर के वातावरण को शुद्ध करती है और देवी मां की पूजा के लिए यह पवित्र माना जाता है। नवरात्रि में इसमें जौ को उगाने के बाद आप इसे दोबारा किसी अन्य पूजा, विधि-विधान में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह कभी खराब नहीं होता है।

 Puja (4)

इसे भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2025 Ka Prabhav: शारदीय नवरात्रि के दिव्य नौ दिनों में बदल सकती है इन 9 राशियों की किस्मत, 10वां दिन लाएगा ये शुभ परिणाम

नवरात्रि में जौ बोना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का माध्यम भी है। मिट्टी के सकोरे में जौ बोने से न केवल पूजा का महत्व बढ़ता है बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। यही कारण है कि जौ उगाने में मिट्टी के सकोरे का खास महत्व दिया गया है।

इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिंदी के साथ।

Image Credit-  Freepik

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।