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शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण के दौरान खुले आसमान में कैसे रखें खीर, जानें सही समय

हिंदू धर्म में हर व्रत और त्योहार का विशेष महत्व है। वहीं अमावस्या और पूर्णिमा को भी बेहद खास माना जाता है। 
Updated:- 2023-10-26, 09:16 IST
Sharad purnima kheer Significance

(sharad purnima 2023) सनातन धर्म में सभी त्योहार और पर्व का विशेष महत्व है। अमावस्या पूर्णिमा को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं आश्विन माह की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। यह शरद ऋतु के आने का संकेत देता है। बता दें, इस बार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दिनांक 28 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा है।

इस दिन महिलाएं चंद्रदेव की विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कामना भी करती हैं। वहीं इस साल शरद पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का साया मंडरा रहा है। अब ऐसे में सभी लोग असमंजस में हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन खुले आसमान में खीर रखें या नहीं।

आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से जानते हैं कि शरद पूर्णिमा के दिन किस समय खीर रखना चाहिए। 

जानें चंद्रग्रहण का समय

  • चंद्रोदय का समय - शाम 05:20 मिनट पर है। 
  • चंद्रग्रहण का सूतक काल - शाम 04:12 मिनट पर आरंभ हो जाएगा। 
  • चंद्रग्रहण समय - देर रात 01:05 मिनट से लेकर 02:24 मिनट पर ग्रहण समाप्त हो जाएगा। 

शरद पूर्णिमा के दिन खीर कैसे रखें?

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रग्रहण मेष राशि में लगने जा रहा है। इस दिन शरद पूर्णिमा भी है और इस दिन खीर बनाने का विशेष महत्व है। शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाने से पहले दूध में तुलसी के पत्ते का कुश डाल दें। सूतक काल के दौरान खीर बना सकते हैं।

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साथ ही खीर बनाकर चंद्रग्रहण शुरु होने से पहले चंद्रमा की रोशनी में रख सकते हैं, लेकिन इस बात ध्यान रखें कि ग्रह शुरु होने से पहले ही खीर को हटा लें। चंद्रग्रहण से पहले सूतक काल में खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखा जा सकता है और ग्रहण के दौरान खीर में तुलसीदल (तुलसी के उपाय) डालकर ढक दें। इससे खीर दूषित नहीं होगा। 

खुले आसमान में क्यों रखा जाता है खीर?

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शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की रोशनी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा कहते हैं कि शरद पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी में कुछ ऐसे तत्व मौजूद होते हैं। जो हमारे शरीर के लिए शुद्ध और सकारात्मक होता है। आपको बता दें, इस दिन चंद्रमा (चंद्रदोष उपाय)पृथ्वी के बेहद करीब होता है। जिसके चलते चंद्रमा की रोशनी का पॉजिटिव असर पृथ्वी पर पड़ता है।

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वहीं चंद्रमा मन का कारक होता है। जब चंद्रमा पृथ्वी के करीब होगा, तो जाहिर सी बात है, कि इसका प्रभाव हमारे मन पर पड़ेगा। इसलिए खीर को खुले आसमान में रखना चाहिए, ताकि हम पर पूरी तरह सकारात्मक असर हो और मानसिक शांति भी बनी रहे।

 

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