mokshada ekadashi 2025 mantra

Mokshada Ekadashi Mantra 2025: मोक्षदा एकादशी के दिन करें इन मंत्रों का जाप, बढ़ेगा सुख-सौभाग्य

Mokshada Ekadashi Puja Mantra 2025: मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन सच्चे मन से कुछ शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है, जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और उसे सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
Editorial
Updated:- 2025-11-30, 14:13 IST

सनातन धर्म में मोक्षदा एकादशी का व्रत और पूजा का अत्यधिक महत्व माना जाता है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी शुभ तिथि पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था, इसलिए इसे गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन सच्चे मन से कुछ शक्तिशाली मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है, जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और उसे सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह मंत्र जाप मोक्ष के द्वार खोलने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।

मोक्षदा एकादशी के मंत्र (Mokshada Ekadashi Puja Mantra 2025)

मोक्षदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए आप इन सरल और प्रभावी मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इन मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार करना शुभ माना जाता है।

विष्णु मूल मंत्र: ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय। इस मंत्र को जपने से भगवान विष्णु की सीधी कृपा प्राप्त होती है। यह सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र है जो जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सफलता लाता है।

mokshada ekadashi mantra 2025

विष्णु गायत्री मंत्र: ऊँ नारायणाय विद्महे।, वासुदेवाय धीमहि।, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्। यह मंत्र एकाग्रता बढ़ाता है, आत्मिक शक्ति देता है और जीवन में आ रही बाधाओं को दूर कर उन्नति के मार्ग खोलता है।

यह भी पढ़ें: तुलसी ही नहीं, भगवान विष्णु को चढ़ाएं उसकी मंजरी... मिलेंगे ये लाभ

विष्णु सुरक्षा मंत्र: शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम्। विश्वाधारं गगन सद्र्श्यं मेघ वर्णं शुभांगम। लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म। वन्दे विष्णुम् भवभय हरं सर्व लोकैक नाथम्। 

यह मंत्र भगवान विष्णु के दिव्य और शांत स्वरूप का वर्णन करता है। इसका जाप करने से सभी तरह के भय दूर होते हैं, मन शांत होता है और विपदाओं से रक्षा मिलती है।

mokshada ekadashi 2025 ke mantra

मोक्षदा एकादशी मंत्र जाप विधि 

एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें, उन्हें पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद व्रत/पूजा का संकल्प लें।

यह भी पढ़ें: ॐ जय जगदीश हरे..भगवान श्री विष्णु जी की आरती | Shri Vishnu ji ki Aarti

रुद्राक्ष या तुलसी की माला से अपनी सुविधा अनुसार ऊपर दिए गए किसी भी मंत्र का 108 बार या उससे अधिक बार जाप करें। इन मंत्रों के जाप से धन-धान्य, सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है, करियर और व्यापार में सफलता मिलती है और अंत में व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।  

image credit: herzindagi 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

FAQ
मोक्षदा एकादशी के दिन क्या दान करें?
मोक्षदा एकादशी के दिन पीले वस्त्र, अनाज, गुड़ आदि का दान करना चाहिए।
मोक्षदा एकादशी के दिन क्यों होती है पितरों की पूजा?
मोक्षदा एकादशी एकमात्र ऐसी एकादशी है जिसमें पितरों की पूजा होती है क्योंकि यह वो विशेष दिन है जब पितरों को सद्गति दिलाई जा सकती है और उन्हें भगवान विष्णु द्वारा मोक्ष प्रदान होता है।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।

;