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Hanuman Janmotsav 2024: आखिर क्यों साल में दो बार मनाई जाती है हनुमान जयंती? जानें इससे जुड़ी रोचक पौराणिक कथा

Hanuman Janmotsav 2024: हनुमान जयंती 2025 में शनिवार, 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह पर्व चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी का जन्मोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है। लेकिन इसके पीछे क्या वजह है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
Updated:- 2025-04-08, 11:47 IST
Hanuman Jayanti

Hanuman Jayanti 2024: हनुमान जयंती का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसे देश भर में हर्षोल्लास के साथ बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। बजरंगबली का यह खास उत्सव साल में दो बार सेलिब्रेट किया जाता है। एक तो चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दिन और दूसरा कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। चैत्र महिने में आने वाला हनुमान जयंती साल 2025 में शनिवार, 12 अप्रैल को मनाई जाएगी, लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर हनुमान जयंती साल में दो बार क्यों मनाई जाती है? अगर नहीं, तो चलिए आज ज्योतिषी राधाकांत वत्स से इस सवाल का जवाब जान लेते हैं। 

क्यों साल में दो बार मनाई जाती है हनुमान जयंती? (Why Is Hanuman Jayanti Celebrated Twice a Year)

Hanuman Jayanti Chaitra Month

धर्मग्रंथों के अनुसार, बजरंगबली का जन्म चैत्र माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था। यही कारण है कि इस दिन हनुमान जयंती देश भर में मनाई जाती है। वहीं, कार्तिक मास की चतुर्दशी तिथि के दिन भी हनुमान जयंती सेलिब्रेट किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन माता सीता ने हनुमान जी को अमरता का वरदान दिया था। सरल शब्दों में कहें तो चैत्र के महीने में केसरी नंदन का जन्म हुआ था। वहीं, कार्तिक मास में उन्हें अमर होने का वरदान मिल गया। इस लिए इन दोनों ही दिन को हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

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हनुमान जयंती का महत्व (Hanuman Jayanti 2024 Significance)

hanuman jayanti is celebrated  times

सनातन धर्म में हनुमान जयंती का खास महत्व है। इस पर्व को शक्ति, भक्ति और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। कहते हैं इस दिन विधि अनुसार, बजरंगबली की पूजा करन से सारे दुख और कष्टों से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही, हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा करने से सुख-समृद्धि का वास होता है। सिर्फ यही नहीं, कुंडली में मौजूद मंगल दोषों से भी मुक्ति दिलाने के लिए संकटमोचन की पूजा का विशेष महत्व है। जो भी भक्त इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ और उनके मंत्रों का उचारण करता है, उनसे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं और अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। 

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Image credit- Herzindagi

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