क्या वाकई उपायों से खत्म हो जाती है शनि की साढ़े साती? खुद ज्योतिष से जानें

शनि की साढ़े साती ज्योतिष शास्त्र में एक ऐसी अवधि है जो लगभग साढ़े सात साल तक चलती है। इस दौरान व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियां और चुनौतियां झेलनी पड़ती हैं। इस अवधि के प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष में कई तरह के उपाय बताए गए हैं, लेकिन क्या ये उपाय शनि की साढ़े साती को पूरी तरह खत्म कर देते हैं। आइए जानते हैं इस बारे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।
क्या वाकई उपायों से खत्म हो जाती है शनि की साढ़े साती?
ज्योतिष शास्त्र यह नहीं कहता कि उपाय करने से साढ़े साती पूरी तरह खत्म हो जाती है। यह एक निश्चित ज्योतिषीय चक्र है और इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है।

उपाय करने से इसका नकारात्मक प्रभाव कम होता है, व्यक्ति को संघर्ष करने की शक्ति मिलती है और वह समस्याओं को बेहतर ढंग से संभाल पाता है।
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ज्योतिष में शनि को कर्मफल दाता माना गया है। शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति को साढ़े साती के दौरान अधिक कष्ट होता है।
वहीं, अगर कोई व्यक्ति अच्छे कर्म करता है तो उसे कम पीड़ा होती है। ज्योतिष उपाय करने से व्यक्ति सद्कर्म की ओर प्रेरित होता है जिससे शनि देव प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिष में बताए गए उपायों का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को धार्मिक बनाना है। ये उपाय व्यक्ति को दान-पुण्य करने और जरूरतमंदों की मदद करने सिखाते हैं।
जब व्यक्ति साढ़े साती के दौरान यह अनुभव करेगा कि अच्छे फल के लिए अच्छे कर्म करना जरूरी है तो वह अपने आप ही पुण्य कर्मों को करने के लिए आगे बढ़ेगा।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन उपायों का मनोवैज्ञानिक प्रभाव भी होता है। जब कोई व्यक्ति किसी समस्या से जूझ रहा होता है तो उपाय करने से उसे मानसिक शांति मिलती है।
अगर सच्ची श्रद्धा से अच्छे कर्मों के साथ उपाय किए जाएं तो व्यक्ति में सकारात्मकता आती है जिससे वह चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से कर पाता है।

वहीं, हिन्दू धर्म का मूल सिद्धांत कर्म पर आधारित है। हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का फल हमें अवश्य मिलता है। शनि की साढ़े साती इसी कर्मफल का एक हिस्सा है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार, साढ़े साती के लिए ज्योतिष उपाय करने से हमारे कर्मों का संतुलन बनता है, लेकिन उन्हें पूरी तरह से मिटाया नहीं जा सकता।
शनि से जुड़े उपायों में हनुमान जी, शिव जी और शनि देव की पूजा करना शामिल है। ऐसा माना जाता है कि इन देवताओं की शरण में जाने से शनि की पीड़ा कम होती है।
सीधा-सीधा कहें तो ज्योतिष उपायों से शनि की साढ़े साती का बुरा प्रभाव कम किया जा सकता है, लेकिन खत्म नहीं और पूजा-पाठ आपको इस दौरान मजबूत बनाते हैं।
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Image credit:herzindagi
- शनि साढ़े साती के दौरान कौन से काम नहीं करने चाहिए?
- शनि साढ़े साती के दौरान तर्क-वितर्क में पड़ना, शराब पीना और गलत कामो में शामिल होना आदि नहीं करना चाहिए।
- शनि साढ़े साती में किस मानता का जाप करें?
- शनि साढ़े साती के दौरान 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
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