
नए साल की शुरुआत केवल संकल्पों से नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और ग्रहों की शांति से भी जुड़ी होती है। साल 2026 का पहला शनिवार ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि शनिवार के अधिष्ठात्री देव न्याय के देवता शनि देव हैं। हिंदू धर्म में पीपल के वृक्ष को 'देव वृक्ष' माना गया है जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ-साथ शनि देव का भी वास होता है। नए साल के पहले शनिवार पर पीपल के नीचे विशेष दीपदान करने से कुंडली के शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। यह छोटा सा उपाय पूरे वर्ष आपके जीवन में अनुशासन, स्थिरता और सुख-समृद्धि सुनिश्चित करता है जिससे कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। आइये जानते हैं इस बारे में वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनि देव ने स्वयं यह वरदान दिया था कि जो व्यक्ति शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करेगा और दीपदान करेगा, उसे शनि की प्रतिकूल दशाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पीपल के वृक्ष में दैवीय शक्तियां समाहित होती हैं जो शनिवार के दिन सक्रिय हो जाती हैं। साल के पहले शनिवार को जब आप पीपल की शरण में जाते हैं तो आप पूरे वर्ष के लिए एक सुरक्षा कवच तैयार करते हैं।
यह भी पढ़ें- Shanivar Vrat Niyam 2025: क्या शनिदेव के लिए व्रत रखना सही है? जानें शनिवार से जुड़े नियम
यह न केवल आपके कर्मों को शुद्ध करता है, बल्कि शनि देव के आशीर्वाद से आपके कठिन परिश्रम का पूर्ण फल दिलाने में भी सहायक होता है। नए साल के पहले शनिवार को सूर्यास्त के बाद पीपल के नीचे सरसों के तेल का एक चौमुखी दीपक जलाना सबसे लाभकारी माना जाता है।
दीपक में थोड़े से काले तिल जरूर डालें। सरसों का तेल शनि देव को अत्यंत प्रिय है और काले तिल राहु-केतु के दोषों को शांत करते हैं। चौमुखी दीपक जलाने का अर्थ है कि आप चारों दिशाओं से अपने जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर रहे हैं और सफलता के द्वार खोल रहे हैं।
दीपक जलाते समय 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना आपकी प्रार्थना को और अधिक प्रभावशाली बना देता है। अगर आप चाहते हैं कि साल 2026 में आपका व्यापार फले-फूले और धन की कमी न हो तो पहले शनिवार को दीपदान के साथ-साथ पीपल के वृक्ष की सात बार परिक्रमा करें।

परिक्रमा करते समय शनि देव से अपने आर्थिक कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें। पीपल की जड़ में थोड़ा सा मीठा जल अर्पित करने से घर में शांति आती है और लक्ष्मी जी का आगमन होता है।
यह उपाय उन लोगों के लिए रामबाण है जिनका पैसा कहीं अटका हुआ है या जिन पर कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। दीपक जलाने के बाद बिना पीछे मुड़े अपने घर वापस आ जाएं। साल के पहले शनिवार को मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Shanivar Ka Upay: बुरी ऊर्जा से बचाएगा काली सरसों का ये अचूक उपाय, बस करना होगा हर शनिवार
इसके अलावा, संभव हो तो इस दिन किसी जरूरतमंद या निर्धन व्यक्ति को काले कंबल, जूते या उड़द की दाल का दान करें। शनि देव 'कर्मफल दाता' हैं, इसलिए आपके द्वारा किया गया दान और विनम्र व्यवहार उन्हें प्रसन्न करता है।
जब शनि देव की कृपा बनी रहती है तो व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और वह लंबी आयु व अच्छे स्वास्थ्य का आनंद लेता है।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
image credit: herzindagi
यह विडियो भी देखें
Herzindagi video
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।