Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी तय, जानें आपके जीवन पर क्या होगा असर?

हिंदू धर्म में कई सारे ऐसे त्योहार होते हैं, जो भक्ति को दर्शाते हैं। हर साल नवरात्रि का त्योहार जरूर आता है, जिसमें लोग अपने घर पर माता रानी का आगमन करते हैं और 9 दिन उनकी विधिवत तरीके से पूजा करते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरूआत 19 मार्च से हो रही है। इस बर माता रानी किस वाहन पर सवार होकर आ रही हैं और किस सवारी पर विदा होंगी? इसकी जानकरी हमने पंडित जन्मेश द्विवेदी से प्राप्त की। साथ ही माता के आने वाले वाहन और जाने वाले वाहन के जीवन पर क्या असर पड़ेगा? इसके बारे में भी विस्तार से जाना।
पालकी में होगा माता रानी का आगमन
चैत्र नवरात्रि 2026 गुरुवार से शुरू हो रहे हैं। ऐसे में हर कोई इस बार को जानना चाहता है कि इस बार माता रानी कौन सी सवारी से भक्तों को आशीर्वाद देने आ रही हैं। आपको बता दें कि इस बार माता रानी पालकी में सवार होकर आएंगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, माता का डोली पर आना बहुत शुभ नहीं माना जाता। यह सवारी प्राकृतिक आपदाओं, महामारियों या राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत देती है। डोली पर आगमन से जन-धन की हानि या भारी परिवर्तन की संभावना रहती है।

हाथी पर सवार होकर माता रानी करेंगी प्रस्थान
नवरात्रि का समापन और माता की विदाई शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को होगी। शुक्रवार को माता का प्रस्थान हाथी (गज) पर होगा। आगमन भले ही डोली पर हो, लेकिन माता का हाथी पर प्रस्थान करना अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। हाथी सुख, समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। पंडित जी के बताए अनुसार, जब माता हाथी पर विदा होती हैं, तो देश में अच्छी वर्षा होती है, खेती-बाड़ी में उन्नति आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। सफलता और धन-धान्य का लाभ होता है।

माता रानी के आगमन और प्रस्थान का जीवन पर क्या होगा असर?
- शुरुआती समय में खर्चों में बढ़ोत्तरी हो सकती है, लेकिन माता की विदाई हाथी पर होने के कारण निवेश के अच्छे परिणाम मिलेंगे। व्यापार में स्थिरता आएगी।
- डोली का आगमन संक्रामक रोगों का संकेत देता है, इसलिए खान-पान और योग पर ध्यान देना अनिवार्य होगा।
- हाथी की सवारी शांति का प्रतीक है, जो संकेत देती है कि नवरात्रि के दौरान की गई साधना आपको पूरे वर्ष तनाव से लड़ने की शक्ति देगी।
- चैत्र नवरात्रि 2026 पर मां के आने का समय भले ही थोड़ा कठिन हो, लेकिन उनका जाना शुभता माना जा रहा है। 19 मार्च को घटस्थापना कर माता का स्वागत करें और आने वाले सुखद भविष्य की कामना करें।
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Image credit-Freepik/ Herzindagi
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