Aaj Ka Panchang 5 June 2026: ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष में करें बच्चे का मुंडन, जानें आज का पंचांग

आज शुक्रवार, 05 जून 2026 का दिन आध्यात्मिक उन्नति, पारिवारिक सुख और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जा रहा है। द्वितीय ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि आज रात्रि 01:23 बजे तक रहेगी, जिसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और प्रेम, सौंदर्य तथा सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है। आज पूरे दिन श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु का प्रिय नक्षत्र माना जाता है और इसे ज्ञान, शिक्षा, सदाचार, धर्म तथा शुभ समाचारों का कारक माना गया है। साथ ही आज सुबह 09:41 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा। यह योग विद्या, आध्यात्मिक साधना, धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के विख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ त्रिपाठी से जानते हैं आज के पंचांग का महत्व और दिन को सफल बनाने वाले विशेष उपाय।

आज का पंचांग-5 जून 2026
| तिथि | नक्षत्र | दिन/वार | योग | करण |
| पंचमी (रात्रि 01:23 तक) | श्रवण | शुक्रवार | ब्रह्म | बालव |
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति 5 जून 2026
| प्रहर | समय |
| सूर्योदय | सुबह 05 बजकर 23 मिनट पर होगा |
| सूर्यास्त | शाम 06 बजकर 53 मिनट पर होगा |
| चंद्रोदय | रात्रि 10 बजकर 52 मिनट पर होगा |
| चंद्रास्त | सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर होगा |
आज का शुभ मुहूर्त और योग 5 जून 2026
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | (सूर्य पूजन का शुभ समय) सुबह 03 बजकर 37 मिनट से 04 बजकर 25 मिनट तक |
| अभिजीत मुहूर्त | (शुभ कार्यों का समय) सुबह 11 बजकर 41 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 02 बजकर 32 मिनट से 03 बजकर 22 मिनट तक |
| गोधूलि मुहूर्त | शाम 06 बजकर 53 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक |
आज का अशुभ मुहूर्त 5 जून 2026
| मुहूर्त नाम | मुहूर्त समय |
| राहु काल | सुबह 10 बजकर 24 मिनट से 12 बजकर 05 मिनट तक |
| यमगंड | दोपहर 03 बजकर 28 मिनट से 05 बजकर 10 मिनट तक |
| गुलिक काल | सुबह 07 बजकर 01 मिनट से 08 बजकर 42 मिनट तक |
शुक्रवार को राहु काल पूर्वाह्न के समय पड़ता है। इस दौरान नए आर्थिक निवेश, आभूषण खरीदने या किसी महत्वपूर्ण सौदे को अंतिम रूप देने से बचना चाहिए। यदि आवश्यक कार्य करना हो तो माता लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाकर श्री सूक्त का पाठ करें।
आज के दिन का विस्तृत महत्त्व
पंचमी तिथि ज्ञान, बुद्धि और आध्यात्मिक विकास से जुड़ी मानी जाती है। आज श्रवण नक्षत्र का प्रभाव विशेष रूप से शुभ रहेगा। श्रवण का अर्थ है सुनना और सीखना, इसलिए यह नक्षत्र ज्ञान प्राप्ति, गुरु कृपा और धार्मिक अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माना गया है। भगवान विष्णु का यह प्रिय नक्षत्र व्यक्ति को संयम, धैर्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ब्रह्म योग का प्रभाव दिन के प्रारंभिक भाग को और अधिक शुभ बना रहा है। इस योग में किए गए धार्मिक अनुष्ठान, जप, तप, अध्ययन और दान-पुण्य का फल कई गुना बढ़ जाता है।
आज के दिन का विशेष संयोग
पंचमी तिथि, श्रवण नक्षत्र और ब्रह्म योग का संयोग धर्म, ज्ञान और समृद्धि का सुंदर मेल माना जाता है। श्रवण नक्षत्र व्यक्ति को सही मार्गदर्शन और उचित निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है जबकि ब्रह्म योग जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बल बढ़ाने वाला माना गया है। शुक्रवार का प्रभाव इस योग को भौतिक सुख-सुविधाओं और आर्थिक उन्नति से भी जोड़ता है। विद्यार्थियों, शिक्षकों, आध्यात्मिक साधकों और व्यापारियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

आज का विशेष उपाय:
- प्रातः भगवान विष्णु को पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
- माता लक्ष्मी के समक्ष घी का दीपक जलाकर ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जप करें।
- किसी जरूरतमंद को चावल, चीनी या सफेद वस्त्र का दान करें।
- घर के मंदिर में विष्णु सहस्रनाम अथवा श्रीसूक्त का पाठ करें।
- पक्षियों के लिए दाना और शीतल जल की व्यवस्था अवश्य करें।
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