श्री कृष्ण से पहले क्यों लिया जाता है राधा रानी का नाम?

राधा कृष्ण का नाम पूरा जग साथ में लेता है। न राधा बिन कृष्ण पुकारा जाता है और न कृष्ण बिन राधा नाम की सुध होती है। ब्रज में तो यहां तक कहा जाता है कि अगर कृष्ण को पाना है तो राधा नाम लेना चाहिए और अगर राधा रानी का साथ पाना है तो कृष्ण का नाम जपना चाहिए।
राधा कृष्ण का नाम जो भी साथ में लेता है उसे युगल जोड़ी की कृपा, उनका आशीर्वाद, उनका साथ मिलता है। राधा रानी और कृष्ण उस व्यक्ति के साथ हो जाते हैं। हालांकि राधा-कृष्ण का नाम साथ में लेने से भी ज्यादा शुभ बताया गया है श्री राधा रानी का नाम कृष्ण से पहले लेना।
ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि राधा रानी का नाम कृष्ण से पहले लेना ही उचित माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई भी कृष्ण का नाम राधा के नाम से पहले ले तो इससे कृष्ण भगवान नाराज हो जाते हैं। कृष्ण का वास उस घर में समाप्त हो जाता है।
क्यों लिया जाता है राधा का कृष्ण से पहले नाम?

- पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार कान्हा बहुत बीमार पड़ गए थे और उसी समय ऋषि दुर्वासा लल्ला के दर्शनों के लिए पहुंचे थे। जब ऋषि दुर्वासा ने कान्हा को बीमार देखा तो वह बहुत दुखी हुए और साथ में आश्चर्यचकित भी कृष्ण के मुख पर सिर्फ राधा नाम था।
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- ऋषि दुर्वासा ने जब कृष्ण से पूछा कि वह राधा नाम क्यों पुकार रहे हैं और कौन हैं राधा, तब कृष्ण बोले कि राधा से अधिक प्रेम मुझे कोई और नहीं कर सकता है। राधा के हृदय में मेरे प्रति जो प्रेम है उसका लेश मात्र भी किसी के हृदय में नहीं। यह सुन ऋषि दंग रह गए।
- ऋषि दुर्वासा ने राधा रानी के प्रेम की परीक्षा लेने के लिए माता यशोदा और नंद बाबा से कहा कि कान्हा के सगे-संबंधी के अलावा जो भी कोई कृष्ण से प्रेम करता है और जिसका प्रेम सच्चा है उसे गांव के कुएं से एक मटकी में पानी भाकर घर तक लाना होगा।
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- इतना कह कर ऋषि दुर्वासा ने एक फूटी मटकी सबके सामने रख दी। फूटी मटकी देख सभी गोपियां पीछे हट गईं, लेकिन राध रानी ने वह मटकी उठाई और उसी फूटी मटकी में जल भरकर घर तक ले आईं। तब ऋषि दुर्वासा को राधा रानी के सच्चे प्रेम का आभास हुआ।
- इसके बाद ही कृष्ण ने राधा रानी को यह वरदान दिया कि उनका नाम हमेशा कृष्ण से पहले लिया जाएगा और जो भी पूर्ण हृदय से श्रद्धापूर्वक राधा नाम का जाप करेगा उस पर हमेशा कृष्ण कृपा बनी रहेगी और कृष्ण उस व्यक्ति के साथ साक्षात रहेंगे।
आप भी इस लेख में दी गी जानकारी के माध्यम से यह जान सकते हैं कि आखिर राधा रानी का नाम श्री कृष्ण से पहले क्यों लिया जाता है, बाद में क्यों नहीं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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