Sat Sep 12, 2026 | Updated 12:49 AM IST

कौन था सहस्त्रानन जिससे किया था माता सीता ने युद्ध?

जैन रामायण के अनुसार, सहस्त्रानन नाम का एक प्रलयंकर राक्षस था जिसके साथ माता सीता ने युद्ध किया था और माता सीता के हाथों ही उसका वध हुआ था।
Updated:- 2025-01-03, 13:23 IST
who was sahastranan in ramayan

रामायण में श्री राम और रावण के युद्ध का उल्लेख मिलता है, लेकिन एक युद्ध और भी हुआ था जिसके बारे में रामचरितमानस या फिर वाल्मीकि रामायण में तो वर्णन नहीं मिलता है मगर जैन रामायण में इस युद्ध के बारे में बताया गया है। जैन रामायण के अनुसार, सहस्त्रानन नाम का एक प्रलयंकर राक्षस था जिसके साथ माता सीता ने युद्ध किया था और माता सीता के हाथों ही उसका वध हुआ था। ऐसे में जब हमने इस बारे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से पूछा तो उन्होंने हमें कई रोचक तथ्य बताये जिन्हें जानना आपके लिए भी दिलचस्प हो सकता है। आइये जानते हैं कि कौन था सह्स्त्रानन और क्यों हुआ था माता सीता का इससे युद्ध।

क्यों किया था माता सीता ने सहस्त्रानन से युद्ध?

sahastranan ke bare mein

पौराणिक कथा के अनुसार, सहस्त्रानन रावण का बड़ा भाई था। जिस प्रकार अहि रावण और महि रावण दशानन रावण के भाई थे, ठीक ऐसे ही सह्स्त्रानन भी लंकेश रावण का भाई था। हालांकि यह रावण का सगा भाई नहीं था लेकिन रावण से इसे बहुत प्रेम था।

यह भी पढ़ें: क्यों लक्ष्मण ही कर सकते थे मेघनाद का वध?

रावण के पास जितनी आसुरी एवं मायावी शक्तियां थीं उससे कही ज्यादा सहस्त्रनान के पास दिव्य और भयंकर दानवीय शक्तियों से भरपूर अस्त्र-शस्त्र थे। जहां एक ओर रावण के 10 शीश थे तो वहीं, सह्स्त्रानन 1000 शीशों से भी ज्यादा का स्वामी हुआ करता था।

mata sita aur sahastranan ka yuddh

जैन समुदाय की रामायण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि जब रावण को श्री राम ने युद्ध में पराजित कर मार दिया था और विभीषण जी को लंका का राजा नियुक्त कर श्री राम पुनः माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौट आए थे, तब सहस्त्रानन भी अयोध्या आया था।

यह भी पढ़ें: किसका अवतार थीं शत्रुघ्न की पत्नी?

सहस्त्रानन ने कई ऐसे चल-कपट किये थे जिसके माध्यम से वह अयोध्या को ध्वस्त कर सके ललेकिन उसके हर छल कपट को हनुमान जी ने विफल कर दिया था। इसके बाद सहस्त्रानन ने सीधे-सीधे श्री राम को युद्ध के लिए ललकारा था। श्री राम ने भी युद्ध की चुनौती स्वीकार कर ली थी।

kyu kiya tha mata sita ne sahastranan se yuddh

हालांकि जब सहस्त्रानन ने युद्ध में खुद को हारता हुआ पाया तो उसने श्री राम पर ब्रह्म देव के दिव्यास्त्र का प्रयोग किया। श्री राम ने ब्रह्म देव के सम्मान में अपनी अस्त्र नीचे रख दिए। तब माता सीता ने युद्ध में भाग लिया और अपने रौद्र रूप को धारण कर सहस्त्रानन का वध कर दिया था।

अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं और अपना फीडबैक भी शेयर कर सकते हैं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।