अगर आप इस बारी कुंभ मेला जा रही हैं तो ये काम करना ना भूलें। कुंभ मेले में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग आते हैं इसलिए यहां इतनी भीड़ होती हैं कि दूर-दूर तक सिर्फ लोग ही नजर आते हैं। इस बार कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के लिए चीजों को आसान बनाने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है और अब कुंभ मेले के लिए एक स्पेशल ऐप लॉन्च किया गया है जो तीन दिन पहले ही मौसम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देंगा। 

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कुंभ मेले के लिए स्पेशल App

KumbhMela Weather Service नाम का ऐप जिससे आप कुंभ मेले से जुड़ी मौसम की जानकारी ले सकती हैं। कुंभ मेला प्रयागराज शहर में आयोजित किया जा रहा है और इसके लिए वहां चार अलग-अलग जगहों पर स्वचालित मौसम केंद्र बनाए गए हैं और एक मोबाइल वैन की शुरुआत भी की गई है।  यह ऐप वहां के मौजूदा तापमान के बारे में जानकारी देने के अलावा बारिश, तूफान जैसी चीजों के बारे में भी जानकारी देगा। 

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कुंभ मेले की खासियत 

कुंभ मेला सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक एक्टिविटीज के लिए ही लोकप्रिय नहीं है बल्कि यहां आने वाले लोगों के लिए कई रोमांचक एक्टिविटीज भी कराई जाती हैं। इस साल तो एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी कुंभ मेले में कई एक्टिविटीज रखी जा रही हैं। 

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यहां आपको बता दें कि इस बार मेले में कई वॉटर स्पॉर्ट्स भी शामिल हैं और आप अपनी पूरी फैमिली के साथ कई तरह की वॉटर एक्टिविटीज को एंजॉय कर सकती हैं। इस बार पैरासेलिंग, पैरामोटरिंग और हॉट एयर बलून जैसी एक्टिविटीज का भी लुत्फ उठा पाएंगी। 

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कुंभ मेला  

शास्त्रों के अनुसार चार विशेष स्थान है जिन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। नासिक में गोदावरी नदी के तट पर, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर, हरिद्वार और प्रयाग में गंगा नदी के तट पर।  आपको बता दें कि सबसे बड़ा मेला कुंभ 12 वर्षो के अन्तराल में लगता है और 6 वर्षो के अन्तराल में अर्द्ध कुंभ के नाम से मेले का आयोजन होता है। शास्त्रों के अनुसार चार विशेष स्थान है जिन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। नासिक में गोदावरी नदी के तट पर, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर, हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर और प्रयाग में तट पर।